Muzaffarnagar: एसडी कॉलेज में ‘आई एम एन ई-वेस्ट वॉरियर’ कार्यक्रम, छात्रों ने लिया ई-कचरे के सुरक्षित निस्तारण का संकल्प
Muzaffarnagar। पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निस्तारण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एसडी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में ‘आई एम एन ई-वेस्ट वॉरियर’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कॉलेज के एमबीए, एमसीए और डीएलएड (बीटीसी) विभागों के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तहत किया गया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बताया गया कि डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इलेक्ट्रॉनिक कचरे की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। पुराने मोबाइल फोन, कंप्यूटर, चार्जर और अन्य अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को लापरवाही से फेंकने के बजाय उचित तरीके से एकत्र करना और अधिकृत माध्यमों से पुनर्चक्रित कराना जरूरी है। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आलोक कुमार गुप्ता और प्राचार्या बबली तोमर ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने ई-कचरे के बढ़ते खतरे तथा उसके जिम्मेदार प्रबंधन से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए।
डॉ. आलोक कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रॉनिक कचरे के दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अनुपयोगी मोबाइल, कंप्यूटर, चार्जर और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर्यावरण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदेह हो सकते हैं। इसलिए ऐसे उपकरणों का निस्तारण करते समय सावधानी बरतना और निर्धारित प्रक्रिया अपनाना आवश्यक है।
‘तकनीक का उपयोग ही नहीं, उसका सही निस्तारण भी जरूरी’
कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर और एसडीसीएमएस के इनक्यूबेशन मैनेजर मुकुल जैन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में केवल तकनीक का इस्तेमाल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपकरणों के अनुपयोगी हो जाने पर उनका सही तरीके से निस्तारण करना भी हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने घरों और आसपास ई-कचरे के सुरक्षित प्रबंधन को लेकर जागरूकता फैलाने की अपील की।
मुकुल जैन ने विद्यार्थियों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छात्र अपने परिवार और आसपास के लोगों को ई-कचरे के उचित प्रबंधन के बारे में जागरूक कर सकते हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को अपने स्तर पर ई-वेस्ट वॉरियर की भूमिका निभाते हुए पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहिए।
स्लोगन राइटिंग और प्रेजेंटेशन प्रतियोगिताओं में दिखी रचनात्मकता
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए स्लोगन राइटिंग और प्रेजेंटेशन जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनके माध्यम से छात्र-छात्राओं ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निस्तारण, पुनर्चक्रण और पर्यावरण पर इसके प्रभावों से जुड़े विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने रचनात्मक संदेशों के जरिए ई-कचरे को जिम्मेदारी से संभालने की जरूरत को रेखांकित किया।
प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को विषय की जानकारी देने के साथ उन्हें अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर देना भी रहा। कार्यक्रम में ई-कचरे के उचित प्रबंधन को व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयास से जोड़कर देखा गया।
ई-कचरे को जिम्मेदारी से रीसायकल करने की शपथ
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्टाफ सदस्यों को अपने घरों तथा आसपास उत्पन्न होने वाले ई-कचरे को जिम्मेदारी से रीसायकल कराने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने की शपथ दिलाई गई। प्रतिभागियों को संदेश दिया गया कि पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य घरेलू कचरे के साथ फेंकने के बजाय उपयुक्त संग्रह केंद्रों या अधिकृत पुनर्चक्रण व्यवस्था तक पहुंचाना चाहिए।
आयोजन के माध्यम से कॉलेज ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संबंधी चुनौतियों के प्रति संवेदनशील बनाने और जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी भूमिका को मजबूत करने का प्रयास किया। कार्यक्रम में प्रस्तुत विचारों और प्रतियोगिताओं ने ई-कचरे के सुरक्षित प्रबंधन को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
शिक्षकों और विद्यार्थियों ने लिया भाग
कार्यक्रम में एमबीए, एमसीए और डीएलएड (बीटीसी) विभाग से डॉ. विभूति अग्रवाल, रितु मित्तल, डॉ. शुभम तायल, मुकुल जैन, पारूल कुमार, प्रशांत तोमर, महिमा मंगल, देवेश गुप्ता, आदित्य कश्यप, तरंग शर्मा, अन्नु त्यागी, आशीष आहुजा, उमंग शर्मा, वैशाली, आयुष गुप्ता, विवेक सैनी, राजीव कुमार, संगीता कौशिक, संदीप गर्ग, रश्मि कौशिक, अंजना शर्मा और अनुराग सैनी सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में रवि भार्गव समेत कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने भी सहभागिता की।
एसडी कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मुजफ्फरनगर में आयोजित ‘आई एम एन ई-वेस्ट वॉरियर’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निस्तारण और पुनर्चक्रण के प्रति जागरूक किया गया। स्लोगन राइटिंग और प्रेजेंटेशन प्रतियोगिताओं के साथ कार्यक्रम का समापन ई-कचरे को जिम्मेदारी से रीसायकल कराने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की शपथ के साथ हुआ।

