Agra में कंपनी मैनेजर पर ₹14.37 लाख गबन का आरोप: हिसाब मांगते ही छोड़ा ऑफिस, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
News-Desk
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agra, agra news, आगरा न्यूज़, आर्थिक अपराध, उत्तर प्रदेश समाचार, एफआईआर, कंपनी फ्रॉड, गबन, पुलिस जांच, सिंकदरा थाना, स्पिनी प्राइवेट लिमिटेडAgra में एक निजी कंपनी के मैनेजर पर लाखों रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। स्पिनी प्राइवेट लिमिटेड (Spinny Private Limited) ने अपने आगरा हब के मैनेजर पर बिक्री से प्राप्त 14.37 लाख रुपये कंपनी के खाते में जमा न करने का आरोप लगाया है। कंपनी की शिकायत के आधार पर सिकंदरा थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
मामला सामने आने के बाद कंपनी के आंतरिक वित्तीय नियंत्रण और धनराशि के प्रबंधन को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगरा हब के मैनेजर पर लगा गबन का आरोप
कंपनी के अधिकारी रजनीश कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, स्पिनी प्राइवेट लिमिटेड का मुख्यालय हरियाणा के गुरुग्राम स्थित सेक्टर-48 में है।
शिकायत में बताया गया कि ग्वालियर निवासी अभिषेक सिंह भदौरिया को 26 जून 2023 को कंपनी में सेल्स एनालिस्ट (Sales Analyst) के पद पर नियुक्त किया गया था। बाद में उनके कार्य प्रदर्शन को देखते हुए 1 अप्रैल 2026 को उन्हें आगरा हब का मैनेजर बना दिया गया।
बिक्री की राशि जमा कराने की थी जिम्मेदारी
कंपनी के अनुसार, आगरा हब मैनेजर के रूप में अभिषेक सिंह भदौरिया की जिम्मेदारी बिक्री से प्राप्त नकद और अन्य भुगतान को सुरक्षित रखना तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत कंपनी के बैंक खाते में जमा कराना था।
आरोप है कि इसी दौरान बिक्री से प्राप्त 14.37 लाख रुपये कंपनी के खाते में जमा नहीं किए गए।
आंतरिक जांच में सामने आई गड़बड़ी
कंपनी द्वारा नियमित आंतरिक ऑडिट और वित्तीय जांच के दौरान बिक्री से प्राप्त धनराशि का मिलान किया गया। जांच में करीब 14.37 लाख रुपये का हिसाब नहीं मिला।
शिकायत के अनुसार जब संबंधित मैनेजर से इस राशि के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया तो वह कार्यालय छोड़कर अपने गृह नगर ग्वालियर चले गए।
कंपनी का आरोप है कि बाद में भी कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन न तो संतोषजनक जवाब मिला और न ही संबंधित राशि कंपनी के खाते में जमा कराई गई।
सिकंदरा थाने में दर्ज हुई एफआईआर
घटना के बाद कंपनी ने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर सिकंदरा थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस अब दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जा सके।
पुलिस ने शुरू की जांच
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि कंपनी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान कंपनी के रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी समीक्षा की जाएगी।
आर्थिक मामलों में आंतरिक निगरानी का बढ़ा महत्व
विशेषज्ञों का मानना है कि कॉर्पोरेट संस्थानों में नियमित ऑडिट, वित्तीय निगरानी और पारदर्शी लेखा प्रणाली आर्थिक अनियमितताओं की समय रहते पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ऐसे मामलों में जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाता है कि कथित अनियमितता किन परिस्थितियों में हुई और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी क्या है।

