अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एक्शन: दो आरोपी एनकाउंटर में ढेर, फरार हत्यारों पर भी शिकंजा; परिवार से मिले Jayant Chaudhary
News-Desk
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घटना के बाद इलाके में तनाव और चर्चा के बीच राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया एवं केंद्रीय मंत्री Jayant Chaudhary सोमवार को अंकित बालियान के गांव बंतीखेड़ा पहुंचे। उन्होंने मृतक के पिता सतबीर फौजी और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की। जयंत सिंह ने परिवार को सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि दोषियों और हत्याकांड की साजिश में शामिल लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कार्रवाई जारी है।
दो आरोपियों के एनकाउंटर के बाद जांच का दायरा बढ़ा
अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई के बाद अब जांच का अगला चरण और महत्वपूर्ण हो गया है। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में सुमित और मोहित मारे गए हैं, जबकि सत्यम और आर्यन अभी फरार बताए जा रहे हैं।
मामले में केवल प्रत्यक्ष रूप से शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि हत्या के पीछे की पूरी साजिश और संभावित भूमिका की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है।
जयंत चौधरी ने भी कहा कि हत्या में शामिल बाकी आरोपियों के साथ-साथ साजिश करने वालों को भी नहीं छोड़ा जाएगा।
हालांकि, फरार आरोपियों की भूमिका और उनके संबंध में अंतिम स्थिति पुलिस जांच तथा कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
बंतीखेड़ा पहुंचे जयंत चौधरी, परिवार से की मुलाकात
सोमवार को जयंत चौधरी शामली के बंतीखेड़ा गांव पहुंचे। यहां उन्होंने अंकित के पिता सतबीर सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की।
परिवार के लिए यह समय बेहद कठिन है। एक युवा कलाकार की हत्या के बाद परिजनों के बीच शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है।
जयंत सिंह ने परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की और कहा कि दुख की इस घड़ी में उनकी तथा उनकी पार्टी की संवेदनाएं परिवार के साथ हैं।
उन्होंने घटना के बारे में परिजनों से जानकारी भी ली और भरोसा दिलाया कि मामले में कार्रवाई को गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है।
जयंत बोले- अंकित कलाकार था, उसकी सुनियोजित तरीके से हत्या हुई
परिजनों से मुलाकात के बाद जयंत चौधरी ने कहा कि अंकित एक कलाकार था और उसकी सुनियोजित तरीके से हत्या की गई।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है और पुलिस हत्याकांड की जांच में जुटी हुई है।
जयंत सिंह के बयान के मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई केवल दो आरोपियों के एनकाउंटर तक सीमित नहीं रहेगी। फरार आरोपियों की तलाश और हत्या के पीछे की साजिश की जांच भी आगे जारी रहेगी।
‘बाकी हत्यारों और साजिश करने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा’
जयंत चौधरी ने कहा कि आज दो हत्यारों को एनकाउंटर में मारा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाकी हत्यारों और साजिश करने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा।
इस बयान के बाद परिवार और स्थानीय लोगों के बीच यह उम्मीद बढ़ी है कि पुलिस मामले के सभी पहलुओं को सामने लाएगी।
हत्याकांड में फरार बताए जा रहे सत्यम और आर्यन की गिरफ्तारी अब जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है।
कानून व्यवस्था पर जयंत चौधरी ने कही बड़ी बात
जयंत चौधरी ने कहा कि कानून व्यवस्था तभी कायम रह सकती है जब लोगों का व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
उनके मुताबिक, किसी भी आपराधिक घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह होता है कि पीड़ित परिवार तथा आम लोगों को यह भरोसा रहे कि कानून अपना काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अंकित हत्याकांड को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और पुलिस कार्रवाई इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी हुई थी बातचीत
जयंत चौधरी ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बातचीत की थी।
उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री इस घटना को लेकर गंभीर थे।
जयंत ने कहा कि मुख्यमंत्री का प्रयास पहले दिन से ही जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने का रहा है।
इस बातचीत का उल्लेख करते हुए जयंत ने संकेत दिया कि राज्य सरकार के स्तर पर भी घटना को गंभीरता से लिया गया है।
परिवार के लिए न्याय की मांग अब कार्रवाई के बीच
अंकित बालियान की हत्या के बाद परिवार की ओर से न्याय की मांग की गई थी। अब पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ लिया है।
दो आरोपियों की मुठभेड़ में मौत के बाद पुलिस के सामने कई सवालों के जवाब तलाशना भी जरूरी होगा—हत्या की पूरी योजना क्या थी, इसमें कितने लोग शामिल थे, फरार आरोपियों की भूमिका क्या है और घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
फरार सत्यम और आर्यन की तलाश तेज
पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में फरार बताए जा रहे सत्यम और आर्यन को पकड़ना शामिल है।
दोनों की गिरफ्तारी से हत्याकांड की पूरी कड़ी को समझने में मदद मिल सकती है। जांच एजेंसियां आरोपियों के संभावित ठिकानों और संपर्कों की जांच कर सकती हैं।
फरार आरोपियों को लेकर पुलिस की ओर से आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर स्थानीय लोगों और अंकित के परिवार की भी नजर बनी हुई है।
एनकाउंटर के बाद उठेगा हर पहलू की जांच का सवाल
पुलिस मुठभेड़ में आरोपियों की मौत के बाद सामान्य तौर पर कार्रवाई की परिस्थितियों की जांच भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे मामलों में पुलिस की ओर से मुठभेड़ की परिस्थितियों और घटनाक्रम की जानकारी सामने रखी जाती है तथा कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होती है।
अंकित बालियान मामले में भी पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ हत्याकांड की मूल जांच जारी रहना महत्वपूर्ण है, ताकि घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
दो आरोपियों की मौत के बाद भी केस समाप्त नहीं माना जा सकता, क्योंकि दो अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और कथित साजिश के पहलू की जांच बाकी है।
शामली में घटना को लेकर लोगों की नजर पुलिस कार्रवाई पर
बंतीखेड़ा और आसपास के क्षेत्र में अंकित बालियान की हत्या को लेकर लोगों में चर्चा बनी हुई है।
अंकित स्थानीय स्तर पर गायक के रूप में पहचान रखते थे। ऐसे में उनकी हत्या ने स्थानीय लोगों को भी झकझोर दिया।
परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि हत्या की पूरी वजह और इसके पीछे शामिल लोगों की भूमिका सामने आए।
पुलिस की कार्रवाई के बाद लोगों की नजर अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच के अगले चरण पर है।
जयंत चौधरी ने परिवार को दिया भरोसा
परिजनों से मुलाकात के दौरान जयंत चौधरी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि परिवार अकेला नहीं है।
उन्होंने कहा कि उनकी और पार्टी की संवेदनाएं परिवार के साथ हैं। साथ ही उन्होंने सरकार और प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लिए जाने की बात कही।
ऐसे समय में जब परिवार अपने सदस्य को खोने के सदमे से गुजर रहा है, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर से मिला आश्वासन परिवार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अंकित के पिता सतबीर फौजी से मुलाकात रही अहम
जयंत चौधरी ने अंकित के पिता सतबीर सिंह से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।
परिवार के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने घटना से जुड़े हालात को समझने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि हत्या के बाकी आरोपियों और साजिश में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
मामले में अब आगे क्या?
अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस के सामने अब कई अहम जिम्मेदारियां हैं।
सबसे पहले फरार बताए जा रहे सत्यम और आर्यन को गिरफ्तार करना महत्वपूर्ण होगा। इसके बाद पुलिस को हत्या की पूरी पृष्ठभूमि, संभावित मकसद, आरोपियों के बीच संबंध और घटना की योजना से जुड़े तथ्यों को सामने लाना होगा।
जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुठभेड़ में मारे गए दोनों आरोपियों से जुड़े तथ्यों की भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है, ताकि हत्याकांड की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके।
सरकार की गंभीरता पर जयंत ने जताया भरोसा
जयंत चौधरी ने कहा कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी इस मुद्दे पर बातचीत हुई और मुख्यमंत्री ने घटना को गंभीरता से लिया।
उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि लोगों का विश्वास बनाए रखना जरूरी है।
किसी भी आपराधिक घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई का मूल्यांकन केवल गिरफ्तारी या मुठभेड़ के आधार पर नहीं, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच तथा अदालत में आरोपों के प्रमाणित होने की प्रक्रिया से भी जुड़ा होता है।
इसी वजह से अब अंकित बालियान मामले में पुलिस की आगे की जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दो आरोपी मारे गए, लेकिन कहानी अभी बाकी है
अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस और एसटीएफ के हाथों दो आरोपियों सुमित और मोहित के मारे जाने से मामले में बड़ा घटनाक्रम जरूर हुआ है, लेकिन जांच अभी पूरी नहीं हुई है।
सत्यम और आर्यन के फरार होने की जानकारी के बीच उनकी तलाश जारी है। साथ ही कथित साजिश और हत्या की पूरी वजह सामने आना भी बाकी है।
जयंत चौधरी का बंतीखेड़ा पहुंचकर परिवार से मिलना इस मामले के राजनीतिक और सामाजिक महत्व को भी दर्शाता है।
अब परिवार की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि फरार आरोपियों को कब तक गिरफ्तार किया जाता है और जांच में हत्या के पीछे की पूरी कहानी कब सामने आती है।

