Aligarh में दिल दहला देने वाली वारदात: जमीन-बंटवारे के विवाद में बेटे ने लोहे की रॉड से की पिता की हत्या, थाने पहुंचकर किया सरेंडर
News-Desk
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aligarh, Aligarh Breaking News, Aligarh murder case, domestic dispute murder, Iglaas police station crime, iron rod attack case, property dispute killing, son kills father Aligarh, Tarasara village incident, Uttar Pradesh crime updateAligarh ज़िले में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। इगलास थानांतर्गत गांव तरसारा में घरेलू विवाद इतना बढ़ गया कि बेटे ने अपने ही 72 वर्षीय पिता बनवारीलाल की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
और हैरानी की बात यह कि हत्या के तुरंत बाद आरोपी बेटा खुद थाने पहुंचा और सरेंडर कर दिया।
घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
सुबह खेत पर बढ़ी कहासुनी, गुस्से में बेटे ने ले ली पिता की जान
जानकारी के अनुसार मृतक बनवारीलाल का बड़ा बेटा यतेंद्र उर्फ योगेंद्र लंबे समय से पिता के साथ घर और खेत के बंटवारे को लेकर विवाद में था।
मंगलवार सुबह दोनों खेतों पर पहुंचे, जहां
कहासुनी बढ़ी
विवाद तीखा हुआ
और अचानक स्थिति बेकाबू हो गई
इसी बीच गुस्से में आए यतेंद्र ने लोहे की रॉड उठाकर पिता पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़े और उनकी मौत हो गई।
वारदात इतनी अचानक थी कि आसपास कोई कुछ समझ ही नहीं पाया।
हत्या के बाद सीधे थाने पहुंचा आरोपी, बोला—“मैंने पिता को मार दिया”
वारदात को अंजाम देने के बाद यतेंद्र भागा नहीं।
वह सीधे इगलास थाना पहुंचा और पुलिस के सामने शांत भाव से कहा—
“मैंने अपने पिता की हत्या कर दी है।”
पुलिस ने तुरंत उसे हिरासत में ले लिया और घटनास्थल की ओर रवाना हो गई। यह कदम दिखाता है कि वारदात गुस्से में हुई, लेकिन परिणाम का एहसास होते ही आरोपी ने खुद को पुलिस के हवाले कर दिया।
मृतक रोडवेज से रिटायर्ड चालक थे—परिवार में दो बेटे, बंटवारा पहले ही हो चुका था
मृतक बनवारीलाल रोडवेज में चालक के पद से सेवानिवृत्त थे।
परिवार में दो बेटे हैं—
बड़ा बेटा: यतेंद्र उर्फ योगेंद्र
छोटा बेटा: अजय
खेत और संपत्ति का बंटवारा पहले ही हो चुका था और बड़ा बेटा पिता के साथ ही रहता था।
मगर घरेलू तनाव खत्म नहीं हुआ और यह पुराना विवाद आखिरकार खूनी रूप ले बैठा।
पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा, जांच तेज—सीओ और कोतवाल ने संभाली कमान
वारदात की जानकारी मिलते ही—
सीओ महेश कुमार
कोतवाल नरेंद्र यादव
पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने घटनास्थल की पड़ताल की, सबूत जुटाए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।
पुलिस ने बताया कि यह मामला घरेलू विवाद से जुड़ा है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
समाज के लिए बड़ा सवाल—घरेलू विवाद कब बने जानलेवा?
तरसारा गांव की यह घटना कई सवाल छोड़ जाती है—
क्या लगातार तनाव और संवादहीनता परिवारों को बर्बादी की ओर धकेल रही है?
क्या छोटे विवाद भी अब हिंसा का रूप ले रहे हैं?
क्या ग्रामीण क्षेत्रों में परामर्श और मध्यस्थता की जरूरत पहले से ज्यादा हो गई है?
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू विवादों को समय रहते संभालना जरूरी है, वरना बातें इतनी बढ़ जाती हैं कि परिणाम दुखद हो जाता है।

