Aligarh टप्पल में यीडा जमीन घोटाला: भूमाफिया की प्लॉटिंग का बड़ा खुलासा, 5 हजार निवेशकों से ठगी, लेखपालों की भूमिका की जांच शुरू
Aligarh YEIDA land scam ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर में हलचल मचा दी है। अलीगढ़ के टप्पल क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अधिसूचित इलाके में भूमाफिया ग्रुप द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग और निवेशकों से ठगी का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। प्रशासन और पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बीते पांच वर्षों से सक्रिय इस नेटवर्क ने पांच हजार से अधिक लोगों को “भविष्य का घर” और “जेवर एयरपोर्ट के पास सुनहरा निवेश” का सपना दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी की।
🔴 यीडा अधिसूचित क्षेत्र में धड़ल्ले से बैनामे, अब जांच की तैयारी
टप्पल क्षेत्र में यह इलाका यीडा के अधिसूचित क्षेत्र में आता है, जहां भूमि की खरीद-बिक्री और प्लॉटिंग पर सख्त प्रतिबंध है। इसके बावजूद लगातार बैनामे होते रहे और अवैध प्लॉट काटे जाते रहे। अब इस पूरे मामले में एसएसपी स्तर से लेखपालों और राजस्व कर्मियों की भूमिका की जांच शुरू कराने की तैयारी की जा रही है।
एसएसपी नीरज जादौन ने संकेत दिए हैं कि इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर राजस्व विभाग की जिम्मेदारी और मिलीभगत की गहराई से पड़ताल कराई जाएगी। उनका कहना है कि बिना राजस्व टीमों की जानकारी और सहयोग के इतने बड़े पैमाने पर यह “धंधा” संभव नहीं हो सकता।
🔴 15 बीघा में 40 बीघा के प्लॉट, कागजों का खेल
जांच में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि करीब 15 बीघा जमीन पर 40 बीघा से ज्यादा के प्लॉट काटकर बेचे गए। कागजों में जमीन का रकबा बढ़ाकर दिखाया गया और सोशल मीडिया के जरिए आकर्षक विज्ञापन चलाए गए। महंगी गाड़ियों में निवेशकों को साइट दिखाने ले जाया गया, लेकिन असलियत यह थी कि जिस जगह प्लॉट बताए जा रहे थे, वहां ग्रुप की कोई वैध जमीन ही नहीं थी।
निवेशकों को यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट के नाम पर भरोसा दिलाया गया कि यह इलाका आने वाले समय में “गोल्डन जोन” बनने वाला है।
🔴 पांच राज्यों तक फैला ठगी का नेटवर्क
Aligarh YEIDA land scam की जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क केवल अलीगढ़ या पश्चिमी यूपी तक सीमित नहीं था। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, बिहार और हिमाचल प्रदेश तक के निवेशकों को इस जाल में फंसाया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ग्रुप के प्रचार पेज, व्हाट्सऐप ग्रुप और डिजिटल ब्रोशर के जरिए आकर्षक योजनाएं दिखाई गईं। दूर-दराज से आए खरीदारों को यह विश्वास दिलाया गया कि वे कानूनी और सुरक्षित निवेश कर रहे हैं।
🔴 फ्यूचर की होम जोन कंपनी पर गंभीर आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि “फ्यूचर की होम जोन” नामक कंपनी और उसके मालिकों ने वर्ष 2020 में इस इलाके में काम शुरू किया था। आरोप है कि सिमरौठी गांव के किसानों से अवैध तरीके से जमीन खरीदी गई। कई मामलों में किसानों को उनकी जमीन की पूरी रकम नहीं दी गई, जबकि कुछ मामलों में फर्जी बैनामे और कूटरचित हस्ताक्षरों के जरिए जमीन हड़प ली गई।
बिना भू-उपयोग परिवर्तन के अवैध प्लॉटिंग की गई और निवेशकों से अपंजीकृत एग्रीमेंट के आधार पर भारी रकम वसूली गई। जब निवेशकों ने पैसा वापस मांगा तो उन्हें डराने-धमकाने की शिकायतें भी सामने आईं।
🔴 25 कंपनियां रडार पर, बड़े अभियान की तैयारी
टप्पल और जेवर क्षेत्र में इस तरह की अवैध प्लॉटिंग करने वाली करीब 25 कंपनियों के नाम पुलिस के रडार पर हैं। इन सभी कंपनियों और उनसे जुड़े लोगों का विस्तृत विवरण जुटाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में इन सभी पर चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाएगी। इस नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए आर्थिक, कानूनी और आपराधिक पहलुओं की एक साथ जांच की जा रही है।
🔴 गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई, दो जेल, एक फरार
6 जनवरी को फ्यूचर की होम जोन कंपनी के तीन पार्टनरों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इस ग्रुप का कथित लीडर धर्मवीर यादव है, जो मूल रूप से बिहार के रोहतास जिले के सासाराम क्षेत्र का रहने वाला है और वर्तमान में नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र में रह रहा है।
दूसरा आरोपी विष्णु शर्मा उर्फ आकाश, एटा जिले का निवासी है और फिलहाल नोएडा के सेक्टर-96 में रह रहा था। तीसरा आरोपी पवन झा, बिहार के मधुबनी जिले का रहने वाला है।
पुलिस ने विष्णु को 7 जनवरी और धर्मवीर को 8 जनवरी को जेल भेज दिया है, जबकि पवन झा अभी फरार चल रहा है। उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
🔴 कुर्की का ढोल और चेतावनी बोर्ड, जमीन पर ताला
पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कुर्क की गई जमीन पर ढोल बजाकर सार्वजनिक सूचना दी और संपत्ति पर बोर्ड लगाकर उसकी खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। यह कार्रवाई एसपी देहात अमृत जैन की अगुवाई में सीओ वरुण कुमार सिंह और एसएचओ टप्पल शिवप्रसाद सिंह की टीम ने पूरी की।
एसएसपी ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अवैध संपत्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🔴 नोएडा की संपत्तियों पर भी नजर
Aligarh YEIDA land scam की परतें खुलने के साथ ही पुलिस को जानकारी मिली है कि इस ग्रुप ने नोएडा में भी कई संपत्तियां बनाई हैं। इन संपत्तियों की सूची तैयार की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
🔴 कुर्क की गई जमीन का ब्योरा
गांव सिमरौठी क्षेत्र में जिन जमीनों को कुर्क किया गया है, उनमें गाटा संख्या 648, 667, 668, 658, 642 और 5123 शामिल हैं। कुल क्षेत्रफल लगभग 11,760 वर्ग मीटर बताया गया है। इनमें कुछ जमीन आरोपियों द्वारा खरीदी गई थी और कुछ पर किसानों से अवैध करार किया गया था।
🔴 पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
19 जुलाई 2025 को गोरौला क्षेत्र में भूमाफिया ग्रुप की करीब 40,596 वर्ग मीटर जमीन, जिसकी कीमत लगभग 60 करोड़ रुपये आंकी गई थी, कुर्क की गई थी।
23 अगस्त 2025 को मेवा नगला नूरपुर रोड स्थित 15,200 वर्ग मीटर जमीन और एक लग्जरी कार, जिसकी कुल कीमत 33 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई थी, प्रशासन ने जब्त की थी।
🔴 निवेशकों के लिए पुलिस की चेतावनी
एसएसपी नीरज जादौन ने आम जनता से अपील की है कि यीडा अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी तरह की जमीन खरीदने से पहले पूरी कानूनी जांच करें। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्रुपों के झांसे में न आएं जो सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन दिखाकर निवेश के नाम पर धोखाधड़ी कर रहे हैं।
🔴 कानून और व्यवस्था पर बड़ा सवाल
इस पूरे मामले ने राजस्व विभाग, स्थानीय प्रशासन और रियल एस्टेट नियमन की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर समय रहते बैनामों और प्लॉटिंग की निगरानी की जाती, तो हजारों निवेशकों को नुकसान से बचाया जा सकता था।

