Budaun हादसा: शादी से लौटते वक्त भीषण सड़क दुर्घटना, बाइक सवार मुकेश शर्मा की मौत – पत्नी और तीन बच्चे गंभीर घायल
Budaun उसहैत कस्बा के वार्ड नंबर दो निवासी मुकेश शर्मा (30 वर्ष) अपने परिवार के साथ मंगलवार रात एक शादी समारोह से लौट रहे थे। घर की ओर हंसी-खुशी भरा यह सफर कुछ ही पलों में दर्दनाक हादसे में बदल गया।भंद्रा गांव के पास उनकी बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही मुकेश शर्मा की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा मंगलवार की रात करीब 12 बजे हुआ जब मुकेश अपनी पत्नी नीतू, चार साल की पप्पी, तीन साल के गोलू, और एक महीने की बच्ची को लेकर कस्बा म्याऊं से लौट रहे थे।
शादी की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं।
मौत के सफर पर निकला परिवार, अस्पताल में जिंदगी की जंग
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मुकेश शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई।
पास से गुजर रहे लोगों ने किसी तरह घायल नीतू और बच्चों को 108 एंबुलेंस की मदद से स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें बरेली के निजी अस्पताल रेफर कर दिया।
डॉक्टरों के मुताबिक, महिला नीतू और उनकी बेटी पप्पी की हालत नाजुक बनी हुई है, जबकि गोलू और नवजात बच्ची को भी चोटें आई हैं।
इंस्पेक्टर अजय पाल सिंह ने बताया –
“हादसा बेहद दर्दनाक था। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है। वाहन की तलाश शुरू कर दी गई है।”
हेलमेट नहीं था – लापरवाही बनी मौत की वजह
पुलिस जांच में पता चला है कि मुकेश और उनकी पत्नी हेलमेट नहीं पहने थे।
टक्कर के समय सिर पर गंभीर चोट लगने से ही उनकी मौत हुई।
सड़क हादसे के इस ताज़ा मामले ने एक बार फिर सुरक्षा नियमों की अनदेखी और लापरवाही को उजागर कर दिया है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर हेलमेट पहना गया होता, तो शायद जान बच सकती थी।
शादी की रात से मातम तक – रिश्तेदारों में पसरा सन्नाटा
मुकेश शर्मा के घर और रिश्तेदारी में मातम का माहौल है।
जो घर कुछ घंटे पहले तक शादी की खुशी में झूम रहा था, वहीं अब रोने की आवाजें गूंज रही हैं।
परिवार के लोग इस सदमे को सहन नहीं कर पा रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि मुकेश मेहनती और मिलनसार व्यक्ति थे, जिनकी अचानक मौत ने पूरे कस्बे को हिला दिया।
एक पड़ोसी ने बताया –
“मुकेश हमेशा मुस्कुराते रहते थे, बच्चों से बहुत प्यार करते थे। किसी ने नहीं सोचा था कि एक शादी से लौटते वक्त ऐसा हादसा होगा।”
भंद्रा मोड़ बना हादसों का गढ़ – स्थानीयों की नाराजगी
गांव भंद्रा का मोड़, जहां हादसा हुआ, पहले भी कई दुर्घटनाओं का गवाह रह चुका है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां रात के समय स्ट्रीट लाइटें नहीं जलतीं, जिससे दृश्यता बेहद कम होती है।
साथ ही सड़क पर गड्ढे और गलत कटिंग की वजह से अक्सर दोपहिया वाहन फिसल जाते हैं या किसी तेज रफ्तार वाहन से टकरा जाते हैं।
लोगों ने प्रशासन से स्पीड ब्रेकर और सिग्नल लाइट लगाने की मांग की है।
एक ग्रामीण ने कहा –
“जब तक सड़क पर सुरक्षा इंतज़ाम नहीं होंगे, ऐसी घटनाएँ होती रहेंगी।”
पुलिस ने शुरू की जांच – अज्ञात वाहन की तलाश जारी
घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पास के सीसीटीवी कैमरों और टोल नाकों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान की जा सके।
पुलिस को शक है कि यह ट्रक या तेज रफ्तार पिकअप वैन हो सकती है।
टीमों को बरेली रोड और म्याऊं हाईवे की ओर रवाना कर दिया गया है।
स्थानीय प्रशासन की अपील – सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे हेलमेट पहनें, स्पीड लिमिट का पालन करें, और रात में हाई बीम का प्रयोग न करें। साथ ही बच्चों को बाइक पर बैठाते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।आंकड़ों के अनुसार, बदायूं जिले में इस साल अब तक 180 से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 60 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।

