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BLA का नया वीडियो पाकिस्तान के लिए चुनौती: रोते दिखे पाकिस्तानी सैनिक, बोले– ID कार्ड होने के बावजूद सेना अपना नहीं मान रही

Baloch Liberation Army video ने पाकिस्तान में सुरक्षा, राजनीति और सेना के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक और वीडियो जारी किया है, जिसमें पाकिस्तानी सैनिक सरकार और सेना से मदद की गुहार लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में सैनिक रोते हुए यह सवाल कर रहे हैं कि जब उनके पास पाकिस्तानी सेना का आधिकारिक पहचान पत्र है, तो फिर उन्हें अपना क्यों नहीं माना जा रहा।

यह वीडियो सीधे तौर पर पाकिस्तान सेना के उस आधिकारिक बयान को चुनौती देता है, जिसमें कहा गया था कि उसका कोई भी सैनिक लापता नहीं है और न ही किसी उग्रवादी संगठन की हिरासत में है।


🔴 वीडियो में क्या दिखा: रोते सैनिक, सवालों की बौछार

Baloch Liberation Army video में कुल सात पाकिस्तानी सैनिकों को दिखाया गया है, हालांकि कुछ फ्रेम में आठ लोग नजर आते हैं। सभी सैनिक ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी इलाके में जमीन पर घुटनों के बल बैठे हुए दिखाई देते हैं, जबकि उनके पीछे हथियारबंद लड़ाके खड़े हैं।

वीडियो में एक सैनिक रोते हुए कहता है,
“मैंने पूरी जिंदगी पाकिस्तान के लिए लड़ाई लड़ी, लेकिन आज मेरी ही सेना कह रही है कि मैं उनका आदमी नहीं हूं।”
वह कैमरे के सामने अपना आर्मी आईडी कार्ड दिखाते हुए पूछता है,
“अगर यह कार्ड सेना ने नहीं दिया, तो फिर किसने दिया?”


🔴 पाकिस्तान सेना के दावे पर सीधी चुनौती

यह वीडियो पाकिस्तान सरकार और सेना के लिए इसलिए भी असहज करने वाला है, क्योंकि इससे पहले आधिकारिक तौर पर कहा गया था कि कोई भी सैनिक लापता नहीं है। BLA के इस वीडियो ने उन दावों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वीडियो में BLA के लड़ाके सैनिकों से कहते हैं,
“सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन वह अब भी आपको अपना मानने से इनकार कर रही है। आप कैसे साबित करेंगे कि आप पाकिस्तानी सैनिक हैं?”

इस पर सैनिक फूट-फूटकर रोते हुए कहते हैं कि उन्हें भर्ती किया गया, तैनाती दी गई और जरूरी दस्तावेज प्रदान किए गए थे, फिर अब उन्हें नकारा क्यों जा रहा है।


🔴 14 फरवरी को पकड़े गए थे सैनिक, 22 फरवरी तक अल्टीमेटम

Baloch Liberation Army का दावा है कि इन पाकिस्तानी सैनिकों को 14 फरवरी को पकड़ा गया था। उनकी रिहाई के बदले BLA ने पाकिस्तान की जेलों में बंद बलूच लड़ाकों की रिहाई की मांग की है।

इस संबंध में पाकिस्तान सरकार को 22 फरवरी तक का समय दिया गया है। यानी सरकार के पास अब केवल कुछ दिन शेष हैं। BLA ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय सीमा तक बातचीत शुरू नहीं हुई, तो बंदी बनाए गए सैनिकों को फांसी दी जा सकती है।


🔴 ‘हक्काल’ चैनल से जारी किया गया वीडियो

यह वीडियो BLA के आधिकारिक चैनल ‘हक्काल’ पर जारी किया गया है। वीडियो का उद्देश्य न केवल दबाव बनाना है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान भी बलूचिस्तान की स्थिति की ओर खींचना बताया जा रहा है।

वीडियो में सैनिक अपने वरिष्ठ अधिकारियों से अपील करते हुए कहते हैं कि वे पाकिस्तान की सेना का हिस्सा हैं और उन्हें इस तरह त्याग देना अन्यायपूर्ण है।


🔴 पाकिस्तान सरकार का रुख: कोई सैनिक लापता नहीं

रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी सेना और सरकार के अधिकारी अब भी इस बात पर कायम हैं कि उनका कोई सैनिक लापता नहीं है। हालांकि Baloch Liberation Army video के सामने आने के बाद यह दावा और ज्यादा विवादित हो गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर सरकार इस वीडियो को नजरअंदाज करती है, तो यह घरेलू ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है।


🔴 बलूच लिबरेशन आर्मी क्या है

बलोच लिबरेशन आर्मी एक अलगाववादी संगठन है, जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता की मांग करता है। इसकी स्थापना 2000 के दशक की शुरुआत में हुई थी।

BLA का दावा है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण किया जा रहा है और स्थानीय लोगों को उनका अधिकार नहीं मिल रहा। यह संगठन पाकिस्तानी सेना, सरकारी प्रतिष्ठानों और चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) से जुड़े प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाता रहा है।


🔴 गुरिल्ला युद्ध में माहिर, पहाड़ों से हमला

Baloch Liberation Army अपनी गुरिल्ला रणनीति के लिए जानी जाती है। पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में छिपकर हमला करना और फिर तुरंत गायब हो जाना इसकी प्रमुख रणनीति मानी जाती है।

पिछले कुछ वर्षों में बलूच अलगाववादियों ने अन्य प्रांतों से आए पाकिस्तानी मजदूरों, सुरक्षा बलों और विदेशी कंपनियों पर हमले तेज कर दिए हैं।


🔴 पाकिस्तान का सबसे गरीब प्रांत: बलूचिस्तान

बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत माना जाता है। खनिज संसाधनों से भरपूर होने के बावजूद यह इलाका शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं में देश के अन्य हिस्सों से काफी पीछे है।

यह दक्षिण-पश्चिमी प्रांत अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से सटा हुआ है और दशकों से हिंसा व विद्रोह की आग में जल रहा है।


🔴 ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान

पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जाती रही है। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान का स्थान लगातार ऊपर बना हुआ है, जो देश में सक्रिय उग्रवादी संगठनों और हिंसा की गंभीरता को दर्शाता है।

Baloch Liberation Army video के सामने आने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर वैश्विक विमर्श में आ गया है।


बलोच लिबरेशन आर्मी द्वारा जारी यह वीडियो केवल बंदी सैनिकों की अपील नहीं, बल्कि पाकिस्तान की सुरक्षा नीति, बलूचिस्तान की स्थिति और सेना के आधिकारिक दावों पर सीधा सवाल है। 22 फरवरी की समय सीमा के साथ यह संकट और गहराता जा रहा है, जिसके परिणाम केवल पाकिस्तान ही नहीं, पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।

 

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