उत्तर प्रदेश

Balrampur Rapti River Drowning: राप्ती नदी में डूबे चचेरे भाई-बहन, छह वर्षीय शनि को बचाने कूदी 14 वर्षीय रूसी भी लापता

Balrampur जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। कोतवाली देहात क्षेत्र के बेनीजोत गांव के पास बह रही Rapti River में चचेरे भाई-बहन के डूब जाने की घटना से परिवार और ग्रामीणों में कोहराम मच गया। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से बच्चों की तलाश शुरू कर दी है। 🚨

बताया जा रहा है कि दोनों बच्चे सुबह घर से घूमने निकले थे और खेलते-खेलते नदी किनारे पहुंच गए, जहां अचानक यह हादसा हो गया।


लुधियाना से गांव आए थे बच्चे, सुबह घूमने निकले थे घर से

मिली जानकारी के अनुसार गांव निवासी महेश कुमार अपने परिवार के साथ पंजाब के Ludhiana में रहते हैं। वे 27 अप्रैल को अपने बच्चों के साथ पैतृक गांव बेनीजोत आए थे। शुक्रवार सुबह उनका छह वर्षीय बेटा शनि अपने चाचा चंदन की 14 वर्षीय बेटी रूसी के साथ घर से बाहर घूमने निकला था।

परिवार को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही देर बाद यह सामान्य सुबह एक बड़ी त्रासदी में बदल जाएगी।


नदी किनारे खेलते समय हुआ हादसा

दोनों बच्चे खेलते-खेलते गांव के पास बह रही राप्ती नदी के किनारे पहुंच गए। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार शनि नदी किनारे पैर धो रहा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में चला गया।

घटना इतनी अचानक हुई कि उसे संभलने का मौका तक नहीं मिल सका। नदी का बहाव भी तेज बताया जा रहा है।


भाई को बचाने के लिए रूसी ने लगाई छलांग

शनि को डूबता देख रूसी घबरा गई और बिना एक पल गंवाए उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। लेकिन तेज धारा के कारण वह भी संतुलन नहीं बना सकी और कुछ ही क्षणों में दोनों बच्चे पानी में समा गए।

इस साहसिक लेकिन दुखद प्रयास ने पूरे गांव को भावुक कर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार रूसी ने जान जोखिम में डालकर भाई को बचाने की कोशिश की थी। 💔


ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन देर हो चुकी थी

घटना के समय गांव के दिनेश सहित अन्य ग्रामीणों ने बच्चों को नदी में डूबते देखा तो तुरंत शोर मचाया। आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और तलाश शुरू की, लेकिन तब तक दोनों बच्चे तेज धारा में बह चुके थे।

इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।


पुलिस और गोताखोरों की टीम तलाश में जुटी

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू कराई गई। नदी के आसपास के कई संभावित स्थानों पर तलाश अभियान चलाया जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि बच्चों की तलाश जारी है और बचाव कार्य में तेजी लाई गई है। 🚓


परिवार और गांव में पसरा मातम

घटना की जानकारी मिलते ही दोनों बच्चों के परिवारों में चीख-पुकार मच गई। गांव में शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग घटना स्थल के आसपास एकत्र हो गए।

ग्रामीणों का कहना है कि नदी किनारे सुरक्षा इंतजामों की कमी और बच्चों की निगरानी न होने के कारण ऐसे हादसे अक्सर सामने आते रहते हैं।


राप्ती नदी किनारे बढ़ते हादसों को लेकर चिंता

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे चेतावनी संकेत, सुरक्षा बैरिकेड और निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि बरसाती और गहरी नदियों के आसपास बच्चों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी होती है।


बेनीजोत गांव के पास राप्ती नदी में चचेरे भाई-बहन के डूबने की यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए गहरा सदमा बनकर सामने आई है। भाई को बचाने के प्रयास में अपनी जान जोखिम में डालने वाली रूसी की बहादुरी और इस हादसे की पीड़ा ने ग्रामीणों को झकझोर दिया है, जबकि पुलिस और गोताखोरों की टीम लगातार दोनों बच्चों की तलाश में जुटी हुई है।

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