Bangkok फूड मार्केट में 61 वर्षीय बुज़ुर्ग ने की अंधाधुंध फायरिंग, 6 की मौत, आतंकी एंगल की जांच शुरू
Bangkok: थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के एक भीड़भाड़ वाले ऑर टॉ कॉर फूड मार्केट में सोमवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब एक 61 वर्षीय बुज़ुर्ग ने अचानक अपने हाथ में मौजूद पिस्तौल से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस खौफनाक घटना में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हमलावर ने इसके बाद खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई।
फुटैज में बुज़ुर्ग के हाथ में पिस्तौल, मार्केट में खुलेआम घूमते दिखा
सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटैज में देखा गया कि एक बुज़ुर्ग व्यक्ति हाथ में पिस्तौल लिए बाजार के अंदर बिल्कुल सामान्य ढंग से चलते हुए दिखाई दिया। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में वह अपनी बंदूक से मौत का तांडव रच देगा।
ऑर टॉ कॉर मार्केट बना मौत का मैदान
घटना थाईलैंड के सबसे प्रसिद्ध और व्यस्त फूड मार्केट ऑर टॉ कॉर में घटी, जो पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है। दिन के वक्त जब बाजार में खरीदारी कर रहे लोग अपने दैनिक कामों में लगे थे, अचानक गोलियों की आवाज से पूरा इलाका थर्रा उठा। लोग जान बचाकर दुकानों के पीछे भागते नजर आए। कई लोगों ने जमीन पर लेटकर खुद को बचाने की कोशिश की।
घटना में 6 की मौत, 3 घायल, हमलावर ने खुद को भी मारी गोली
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमले में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और तीन अन्य को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं हमलावर, जिसकी पहचान ‘मिस्टर नोई’ के रूप में हुई है, ने वारदात के बाद खुद को गोली मार ली और वह भी घटनास्थल पर मृत पाया गया।
बंग सू जिले के डिप्टी पुलिस चीफ वोरापत सुकथाई का बयान
घटना के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए बंग सू जिले के डिप्टी पुलिस चीफ वोरापत सुकथाई ने बताया कि “यह एक स्पष्ट मास शूटिंग है। फिलहाल हम हमलावर की मानसिक स्थिति, उसकी मंशा और पृष्ठभूमि की जांच कर रहे हैं।“
उन्होंने यह भी बताया कि मौके से एक रिवॉल्वर, कुछ गोली के खोखे, और हमलावर के निजी दस्तावेज़ बरामद किए गए हैं।
क्या थाईलैंड-कंबोडिया सीमा विवाद से जुड़ा है मामला?
पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि क्या इस गोलीबारी की घटना का कनेक्शन थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रही सीमा झड़पों से तो नहीं है। हाल के दिनों में सीमा पर बढ़ी गतिविधियों और स्थानीय हिंसा की घटनाओं ने प्रशासन को पहले ही अलर्ट पर रखा हुआ है। अब इस फायरिंग की अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की संभावना को भी खंगाला जा रहा है।
डरे-सहमे लोग, मदद के लिए चीखते रहे
घटना के चश्मदीदों ने बताया कि जब फायरिंग शुरू हुई, लोग बिना कुछ सोचे-समझे इधर-उधर भागने लगे। कुछ तो मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन गोलियों की गूंज के बीच हर तरफ खून और चीख-पुकार ही सुनाई दे रही थी।
“वो बुज़ुर्ग शख्स बहुत शांत था, पर उसकी आंखों में अजीब सी झलक थी। किसी ने भी नहीं सोचा था कि वह ऐसा कुछ करेगा,” एक दुकानदार ने बताया।
मेडिकल टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन, पुलिस ने घेरा इलाका
घटना के तुरंत बाद पुलिस और मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाके को सील कर दिया और घायलों का इलाज शुरू किया। मृतकों के शवों को सफेद कपड़ों से ढक दिया गया और उनकी पहचान की कोशिश की जा रही है।
सवालों के घेरे में थाईलैंड की सुरक्षा व्यवस्था
थाईलैंड जैसे देश में, जहां फूड मार्केट और टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर रोज़ाना हजारों लोग आते हैं, वहां इस तरह की सुरक्षा चूक कई सवाल खड़े करती है। आखिर कैसे एक बुज़ुर्ग व्यक्ति पब्लिक प्लेस में हथियार लेकर घुस गया और किसी ने उसे रोका तक नहीं?
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
यह पहली बार नहीं है जब बैंकॉक या थाईलैंड में इस तरह की फायरिंग हुई हो। पिछले कुछ वर्षों में थाईलैंड ने कई मास शूटिंग्स का सामना किया है। 2020 में नखोन रत्चासिमा शहर में एक सैनिक ने फायरिंग कर 29 लोगों की हत्या कर दी थी।
इन घटनाओं से साफ है कि देश को आर्म्स कंट्रोल, साइकोलॉजिकल स्क्रीनिंग और सुरक्षा जांचों को कड़ा करने की ज़रूरत है।
फिलहाल जांच जारी, जल्द सामने आ सकते हैं चौंकाने वाले खुलासे
फिलहाल पुलिस ने मृतकों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन सूत्रों का मानना है कि हमलावर की बैकग्राउंड में राजनीतिक या सीमा से जुड़ा कोई विवाद हो सकता है। पुलिस सीसीटीवी फुटैज, मोबाइल कॉल डिटेल, और डिजिटल ट्रेसिंग के जरिए मामले की परतें खोलने में लगी हुई है।

