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Bangladesh की सत्ता में टकराव: President Shahabuddin के गंभीर आरोप, बोले—यूनुस ने मुझे हटाने की कोशिश की

Bangladesh political crisis एक बार फिर सुर्खियों में है। बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शाहबुद्दीन ने एक इंटरव्यू में अंतरिम सरकार के पूर्व मुखिया मोहम्मद यूनुस पर बेहद गंभीर आरोप लगाकर देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। राष्ट्रपति का दावा है कि अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद बनी अंतरिम सरकार ने न केवल संवैधानिक मर्यादाओं को नजरअंदाज किया, बल्कि उन्हें पद से हटाने की कोशिश तक की गई।


🔴 “मैंने ही यूनुस को शपथ दिलाई, फिर भी सत्ता छीनी गई”

राष्ट्रपति शाहबुद्दीन ने स्पष्ट किया कि 8 अगस्त 2024 को उन्होंने खुद मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार के मुखिया के रूप में शपथ दिलाई थी। यह शपथ ऐसे समय में दिलाई गई, जब उससे महज तीन दिन पहले यानी 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सरकार का तख्तापलट हो चुका था।

शाहबुद्दीन के अनुसार, यूनुस ने 16 फरवरी 2026 तक व्यवहारिक रूप से प्रधानमंत्री की तरह काम किया और राष्ट्रपति की संवैधानिक भूमिका को लगातार कमजोर किया गया। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक टकराव नहीं, बल्कि सत्ता संतुलन को बिगाड़ने की सुनियोजित कोशिश थी।


🔴 विदेश दौरों पर रोक, राष्ट्रपति को ही बताया ‘व्यस्त’

Bangladesh political crisis में एक अहम आरोप विदेश नीति से जुड़ा है। राष्ट्रपति ने बताया कि अंतरिम सरकार ने उनके दो महत्वपूर्ण विदेश दौरों को रद्द कर दिया। एक बार उन्हें कोसोवो जाने से रोका गया, जबकि दूसरी बार कतर के अमीर के निमंत्रण पर विदेश मंत्रालय ने यह कहकर पत्र भेज दिया कि राष्ट्रपति व्यस्त हैं।

शाहबुद्दीन ने इसे न केवल असम्मानजनक, बल्कि संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ बताया। उनके अनुसार, विदेश मामलों में राष्ट्रपति को दरकिनार करना सत्ता के केंद्रीकरण का संकेत था।


🔴 अमेरिका से व्यापार समझौता, राष्ट्रपति को नहीं दी गई जानकारी

राष्ट्रपति शाहबुद्दीन ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि चुनाव से कुछ दिन पहले हुए बांग्लादेश-अमेरिका व्यापार समझौते की जानकारी उन्हें नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते की जानकारी राष्ट्रपति को देना संविधान के तहत अनिवार्य है।

उनका आरोप है कि यूनुस सरकार ने जानबूझकर उन्हें अंधेरे में रखा, जिससे संवैधानिक ढांचे को कमजोर किया गया।


🔴 “यूनुस ने संविधान का पालन नहीं किया”

शाहबुद्दीन ने सीधे शब्दों में कहा कि मोहम्मद यूनुस ने संविधान के किसी भी प्रावधान का सम्मान नहीं किया। अंतरिम सरकार के दौरान ऐसे अध्यादेश पारित किए गए, जिनकी कोई वास्तविक आवश्यकता नहीं थी।

उन्होंने यह भी कहा कि यूनुस 14–15 बार विदेश गए, लेकिन कभी राष्ट्रपति को इसकी जानकारी नहीं दी। यह व्यवहार एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में अस्वीकार्य है।


🔴 ‘बंगाभवन’ की वह डरावनी रात

राष्ट्रपति ने 22 अक्टूबर 2024 की रात को याद करते हुए कहा कि वह उनके जीवन की सबसे डरावनी रातों में से एक थी। उस रात भीड़ ने राष्ट्रपति भवन बंगाभवन को घेर लिया था और उन्हें हटाने की मांग की जा रही थी।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि शाहबुद्दीन पिछली सरकार के करीबी थे। राष्ट्रपति के अनुसार, उस समय हालात इतने तनावपूर्ण थे कि संवैधानिक व्यवस्था के टूटने का खतरा पैदा हो गया था।


🔴 BNP और सेना का समर्थन बना ढाल

शाहबुद्दीन ने बताया कि उस संकट के समय बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक वरिष्ठ नेता ने उन्हें समर्थन का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि BNP किसी भी असंवैधानिक तरीके से राष्ट्रपति को हटाने के पक्ष में नहीं थी।

राष्ट्रपति ने मौजूदा प्रधानमंत्री और BNP प्रमुख तारिक रहमान को ईमानदार और सौम्य व्यक्ति बताया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सेना की तीनों शाखाओं के प्रमुखों ने उनका पूरा समर्थन किया। सेना प्रमुखों के अनुसार, राष्ट्रपति की हार का मतलब पूरी सेना की हार होता।


🔴 पहले भी बोले थे ‘अलग-थलग महसूस कर रहा था’

दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति शाहबुद्दीन ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि अंतरिम सरकार के दौरान वे खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे थे और चुनाव के बाद इस्तीफा देने पर भी विचार कर रहे थे। शाहबुद्दीन 24 अप्रैल 2023 को राष्ट्रपति बने थे और उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक है।


🔴 यूनुस की संपत्ति में उछाल, जांच के संकेत

Bangladesh political crisis का एक और अहम पहलू मोहम्मद यूनुस की संपत्ति से जुड़ा है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतरिम सरकार के दौरान यूनुस की संपत्ति में लगभग 11% की वृद्धि हुई। उनकी कुल संपत्ति अब करीब साढ़े 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिसमें लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इजाफा हुआ।

अंतरिम सरकार के 21 मंत्रियों में से 18 की संपत्ति बढ़ी, जबकि शीर्ष चार मंत्रियों में सबसे ज्यादा वृद्धि यूनुस की बताई गई है। सूत्रों के अनुसार, नई रहमान सरकार इस संपत्ति वृद्धि की जांच के लिए एक समिति गठित कर सकती है।


🔴 पेरिस लौटने की तैयारी, विवादों से घिरे यूनुस

इन आरोपों के बीच मोहम्मद यूनुस के फिर से पेरिस में बसने की तैयारी की खबरें भी सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि यूनुस बांग्लादेश के एकमात्र नोबेल पुरस्कार विजेता हैं और माइक्रो फाइनेंस के क्षेत्र में उनका बड़ा नाम रहा है।

शेख हसीना सरकार के दौरान यूनुस पर भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हुए थे, जिन्हें उन्होंने अंतरिम सरकार बनने के बाद वापस ले लिया था।


बांग्लादेश की राजनीति में राष्ट्रपति शाहबुद्दीन और मोहम्मद यूनुस के बीच यह टकराव केवल व्यक्तिगत आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संवैधानिक मर्यादाओं, सत्ता संतुलन और लोकतांत्रिक व्यवस्था की परीक्षा बन चुका है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि यह खुलासे राजनीतिक सुधार की ओर ले जाते हैं या देश में अस्थिरता के नए अध्याय खोलते हैं।

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