Bareilly बवाल के चश्मदीद की हत्या की साजिश बेनकाब: 5 लाख की सुपारी लेने वाला गैंगस्टर फुरकान गिरफ्तार
News-Desk
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bareilly, Bareilly news, contract killing, gangster arrested, Pilibhit News, Police, Riot Case, UP crime newsBareilly पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित साजिश का पर्दाफाश किया है। बीते साल 26 सितंबर को बरेली में हुए बवाल के एक अहम चश्मदीद की हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी लेने वाले गैंगस्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी न केवल एक सनसनीखेज मर्डर प्लॉट को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किस तरह गवाही देने वालों को चुप कराने के लिए संगठित अपराध का सहारा लिया जा रहा था।
🔴 सुपारी किलिंग की साजिश और गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, पीलीभीत जिले के बीसलपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला ग्यासपुर निवासी कुख्यात गैंगस्टर फुरकान को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से 315 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस और 20 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
गिरफ्तारी के बाद फुरकान को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस इस मामले को बेहद गंभीर मानते हुए आगे की जांच में जुटी हुई है।
🔴 बरेली बवाल का चश्मदीद क्यों बना निशाना
यह पूरा मामला बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल से जुड़ा है। मृतक फिरदौस खां उर्फ अंजुम उस बवाल का प्रत्यक्षदर्शी था और उसने आरोपियों की पहचान कराने में पुलिस का सहयोग किया था। इसी बात को लेकर कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों से उसकी रंजिश बढ़ गई।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गवाही और पहचान के कारण उसे लगातार धमकियां मिल रही थीं। अंततः उसे रास्ते से हटाने के लिए सुपारी किलर की मदद लेने की साजिश रची गई।
🔴 किन लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा
रविवार को इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए एसपी ट्रैफिक अकमल खान ने बताया कि इस मामले में चक महमूद निवासी फिरदौस खां उर्फ अंजुम की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
इस एफआईआर में चक महमूद निवासी पार्षद अनीस सकलैनी की पत्नी यासमीन, उनके पुत्र अदनान सहित साजिद सकलैनी, बबलू खां, मोबीन कुरैशी, नईम कुरैशी उर्फ लाली, फैजान कुरैशी और सुपारी किलर फुरकान को नामजद किया गया था।
🔴 5 लाख रुपये की सुपारी और एडवांस का खेल
पुलिस के अनुसार, हत्या के लिए फुरकान को कुल पांच लाख रुपये की सुपारी तय की गई थी। इसमें से एक हिस्सा एडवांस के रूप में दिया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी फुरकान कैंट थाना क्षेत्र के नकटिया इलाके में किराये के मकान में रह रहा था।
उसने मारिया फ्रोजन मीट फैक्टरी के पास एक चाय की दुकान खोल रखी थी, जिसे वह अपनी गतिविधियों का अड्डा बनाता था।
🔴 चाय की दुकान पर हुई सुपारी की डील
पुलिस का दावा है कि पार्षद अनीस सकलैनी की पत्नी यासमीन और नदीम की पत्नी ने इसी चाय की दुकान पर फुरकान से मुलाकात की थी। यहीं पर फिरदौस की हत्या की योजना को अंतिम रूप दिया गया और फुरकान को एडवांस रकम दी गई।
इतना ही नहीं, पुलिस के अनुसार यासमीन ने फुरकान को एक झोला भी सौंपा था, जिसमें तमंचा, कारतूस और नकदी रखी हुई थी। यह झोला ही हत्या की तैयारी का सबसे बड़ा सबूत बनकर सामने आया।
🔴 संगठित अपराध और स्थानीय राजनीति की कड़ी
Bareilly riot witness murder केस ने स्थानीय राजनीति और संगठित अपराध के गठजोड़ की ओर भी इशारा किया है। पुलिस का मानना है कि प्रभावशाली लोगों ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए एक पेशेवर अपराधी को हत्या के लिए तैयार किया।
यह मामला यह भी दिखाता है कि गवाहों को डराने और खत्म करने की कोशिशें किस स्तर तक पहुंच चुकी हैं, और कानून-व्यवस्था के लिए यह कितनी बड़ी चुनौती है।
🔴 पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि फुरकान ने इससे पहले किन-किन वारदातों को अंजाम दिया है और क्या इस साजिश में कोई और लोग भी शामिल हैं। बरामद हथियार की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि उसे किसी अन्य वारदात से जोड़ा जा सके।
🔴 गवाहों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद एक बार फिर गवाहों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि जो लोग कानून के साथ खड़े होते हैं, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। इस केस में तेज कार्रवाई कर यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सुपारी किलिंग जैसी साजिशें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

