Govinda गोलीकांड पर भांजी Ragini Khanna का खुलासा: “मां के फोन से पता चला, पूरा परिवार सदमे में था”
Govinda accidental firing की घटना ने साल 2024 में फिल्म इंडस्ट्री और उनके करोड़ों फैंस को गहरे सदमे में डाल दिया था। अब इस पूरे मामले पर पहली बार गोविंदा की भांजी और जानी-मानी टीवी एक्ट्रेस Ragini Khanna ने खुलकर बात की है। उन्होंने उस पल को याद किया, जब परिवार को इस चौंकाने वाली घटना की जानकारी मिली थी और किस तरह पूरे घर में अफरा-तफरी मच गई थी।
🔴 गोविंदा और रागिनी खन्ना का पारिवारिक रिश्ता
रागिनी खन्ना, गोविंदा की सगी बहन कामिनी खन्ना की बेटी हैं। फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में उनका परिवार पहले से ही जाना-पहचाना नाम रहा है। एक्टर कृष्णा अभिषेक और एक्ट्रेस आरती सिंह रागिनी के कजिन हैं। ऐसे में गोविंदा की तबीयत से जुड़ी यह खबर पूरे परिवार के लिए निजी और भावनात्मक झटका थी।
🔴 “मां के फोन से मिली गोली लगने की खबर”
पत्रकार विक्की लालवानी के साथ बातचीत में रागिनी खन्ना ने बताया कि गोविंदा को गोली लगने की जानकारी उन्हें अपनी मां से मिली थी। रागिनी के शब्दों में, उस फोन कॉल ने उन्हें अंदर तक हिला दिया।
उन्होंने कहा कि उनकी मां को अचानक एक कॉल आया, जिसमें कहा गया कि “चिची मामा को गोली लग गई है।” यह सुनते ही परिवार को यकीन नहीं हुआ। शुरुआत में किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर इतना बड़ा हादसा कैसे हो सकता है। कुछ ही देर बाद यह साफ हुआ कि यह कोई हमला नहीं बल्कि एक दुर्घटना थी, जिसमें गोविंदा से गलती हो गई थी।
🔴 अस्पताल पहुंचने में क्यों हुई देरी
रागिनी ने बताया कि खबर मिलते ही उनकी मां तुरंत अस्पताल के लिए निकल गई थीं। उनका भाई भी बिना देर किए अस्पताल पहुंच गया था। लेकिन रागिनी खुद उस समय गहरे सदमे में थीं। उन्होंने स्वीकार किया कि इस खबर को पचाने में उन्हें वक्त लगा और इसी वजह से वह करीब तीन घंटे बाद अस्पताल पहुंच पाईं।
उनके मुताबिक, यह ऐसा पल था, जब दिमाग काम करना बंद कर देता है। परिवार के किसी करीबी के साथ अचानक ऐसा हादसा हो जाए, तो इंसान कुछ देर के लिए सुन्न हो जाता है।
🔴 ‘गलती से गोली चली’ पर क्यों उठा शक
Govinda accidental firing के बाद सोशल मीडिया और कुछ हलकों में इस बात पर सवाल उठे कि क्या यह वाकई एक दुर्घटना थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रागिनी खन्ना ने साफ कहा कि पुलिस की मौजूदगी और जांच अपने आप में सब कुछ बयां करती है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल के अंदर करीब 200 पुलिसकर्मी तैनात थे और गोविंदा के घर के बाहर भी लगभग 50 पुलिसकर्मी मौजूद थे। पूरे मामले की बारीकी से जांच की गई। रागिनी का कहना है कि अगर इसमें किसी तरह की साजिश या किसी और की भूमिका होती, तो सच्चाई सामने आने से कोई नहीं रोक सकता था।
🔴 पुलिस जांच पर परिवार का भरोसा
रागिनी ने साफ कहा कि उन्हें मुंबई पुलिस पर पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि गोविंदा जैसा बड़ा नाम अगर किसी विवाद में घिरता, तो उसे छिपाना नामुमकिन होता। इतनी बड़ी पुलिस मौजूदगी और जांच के बाद भी अगर मामला दुर्घटना करार दिया गया, तो उस पर शक की गुंजाइश कम रह जाती है।
🔴 गोविंदा को गोली लगने की पूरी घटना
Govinda accidental firing की घटना 1 अक्टूबर 2024 की सुबह करीब 4:45 बजे हुई थी। यह हादसा उनके मुंबई स्थित जुहू घर पर हुआ। गोविंदा अपनी लाइसेंसी .32 बोर रिवॉल्वर साफ करने के बाद उसे अलमारी में रख रहे थे। उसी दौरान रिवॉल्वर उनके हाथ से फिसल गई और मिसफायर हो गया।
गोली उनके बाएं पैर में, घुटने के नीचे लगी। दर्द और खून के बावजूद हालात पर तुरंत काबू पाया गया और उन्हें बिना देरी अस्पताल ले जाया गया।
🔴 अस्पताल, सर्जरी और रिकवरी
गोविंदा को अंधेरी वेस्ट स्थित CritiCare Asia Hospital में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी की और गोली निकाल दी गई। राहत की बात यह रही कि कोई बड़ा अंग प्रभावित नहीं हुआ और सर्जरी के बाद उनकी हालत स्थिर रही।
तीन दिन तक निगरानी में रखने के बाद 4 अक्टूबर 2024 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। इसके बाद उन्होंने घर पर आराम किया और धीरे-धीरे रिकवरी की ओर बढ़े।
🔴 रागिनी खन्ना का करियर और पहचान
रागिनी खन्ना को टीवी शो ससुराल गेंदा फूल में ‘सुहाना’ के किरदार से घर-घर पहचान मिली। इसके अलावा उन्होंने भास्कर भारती जैसे लोकप्रिय सीरियल्स में भी काम किया है। लंबे समय से वह इंडस्ट्री से थोड़ी दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन परिवार से जुड़े मुद्दों पर वह हमेशा खुलकर सामने आई हैं।
🔴 सेलेब्रिटी सुरक्षा और हथियारों पर बहस
Govinda accidental firing की घटना के बाद एक बार फिर सेलेब्रिटीज़ के पास लाइसेंसी हथियारों और उनकी सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छिड़ गई थी। कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या निजी हथियारों को संभालने के लिए और सख्त नियम या प्रशिक्षण की जरूरत है। हालांकि, यह मामला एक व्यक्तिगत लापरवाही से जुड़ा बताया गया, न कि किसी आपराधिक एंगल से।

