80 भट्ठों को बंदी के आदेश
मुजफ्फरनगर। जिले की तीन तहसीलों में संचालित ईंट भट्ठों की जांच की गई है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 80 भट्ठों को बंदी का नोटिस भेजे हैं। लगभग 30 भट्ठे मौके पर संचालित नहीं मिले हैं। करीब 115 ईंट भट्ठों को नोटिस भेजकर जिगजैग सेटिग करने का नोटिस दिया गया है। भट्ठों पर कार्रवाई के लिए डीएम स्तर से भी टीम गठित की गई है। जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तहसीलवार अधिकारी तैनात किए गए हैं।
जनपद की खतौली, जानसठ, सदर तहसील के साथ ही मीरापुर, चरथावल क्षेत्र में लगभग 333 ईंट भट्ठे संचालित थे। इनमें 188 ईंट भट्ठों को क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति होने के साथ प्रशासन से खनन की एनओसी मिली हुई है। यह ईंट भट्ठे जिगजैग व्यवस्था से संचालित किए जा रहे हैं। इन्हीं क्षेत्रों में लगातार नोटिस और जांच के बाद भी 80 ईंट भट्ठे न तो अनुमति ले सके और न ही जिगजैग व्यवस्था लागू कर पाए। इन्हें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बंद करने के नोटिस दिए गए हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जांच में 30 भट्ठे मौके पर संचालित नहीं मिले हैं।
हालांकि मौके पर इन भट्ठों का स्ट्रक्चर खड़ा पाया गया है। जिनके स्वामियों को नोटिस देकर पत्रावलियों के साथ अनुमति पत्र दिखाने को कहा गया है। लगभग 115 ईंट भट्ठे मनमानी पर उतारू हैं। सबसे अधिक अवैध रूप से ईंट भट्ठे जानसठ और खतौली क्षेत्र में संचालित हैं। इन पर कार्रवाई के लिए डीएम स्तर से निगरानी टीम बनाई गई है। जिसमें तहसीलवार अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिगजैग से घटेगा प्रदूषण
जिगजैग सेटिग में ईंटों को सीढ़ीनुमा लगाकर ईंधन से पकाया जाता है। इससे प्रदूषण की मात्रा काफी हद तक कम हो रही है। वहीं, गोल भट्ठों से हवा में लगभग 500 से 700 प्रतिमीटर घन पार्टिकुलेट मैटर फैलता है, जो पर्यावरण के लिहाज से काफी घातक है। जिगजैग से यह प्रदूषण का ग्राफ 150 से 200 के बीच पाया गया है। इन्होंने कहा …
ईंट भट्ठों पर लगातार कार्रवाई जारी है। 80 भट्ठों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। अधिकांश ईंट भट्ठे जिगजैग में परिवर्तित हो रहे हैं। जिनकी मौके पर जाकर जांच-पड़ताल की जा रही है। अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठों पर पूर्णतरू रोक लगाई जाएगी।
-डॉ. डीसी पांडेय, सहायक वैज्ञानिक अधिकारी, आरपीसीबी मुजफ्फरनगर
