मुजफ्फरनगर के बीएसए का विवादित बयान-हमला हुआ नही ,कराया गया
मुजफ्फरनगर। जम्मू-कश्मीर के पुलवाला में जम्म-श्रीनगर राजमार्ग पर सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को सन्न कर दिया है। इस आत्मघाती हमले में 40 से अधिक जवान शहीद हुए हैं, जबकि इतने ही जखघ््मी हैं। बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर में ऐसा हमला कई साल बाद हुआ है। उरी अटैक से भी बड़ा आतंकी हमला है पुलवामा अटैक। जाहिर है कि पूरा देश गुस्से से उबल रहा है और अपने जवानों के लिए उसका दिल रो रहा है। वहीं घटना को लेकर प्रदेश के पीईएस एसोसिएशन अधिकारियों के ग्रुप पर मुजफ्फरनगर जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अभद्र टिप्पणी कर आतंकी हमले पर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने लिखा है कि ‘जवानों पर हमला कराया गया है, हुआ नहीं है’। प्रदेश के पीईएस (प्रोवेंशियल एजूकेशन सर्विस) एसोसिएशन के वाट्सएप ग्रुप पर 400 से अधिक अधिकारी एड हैं। ग्रुप पर मिड-डे मील निदेशालय में तैनात एक अधिकारी सूर्य प्रताप ने लिखा है कि श्अपनी जान की कुर्बानी देकर सैनिक देश की रक्षा कर रहे हैं.और हम हैं कि अपने देश को मजबूती देने के लिए कुछ नहीं कर पा रहेश्। उनकी इस पोस्ट पर जवाब देते हुए बीएसए मुजफ्फरनगर दिनेश यादव ने देश के नेतृत्व पर सवाल खड़ा करते हुए अपने निजी फोन नंबर से अनर्गल टिप्पणी की है। उन्होंने सूर्य प्रताप की पोस्ट को इंगित कर जवाब में लिखा है कि आप जैसे लोग रूम के अंदर रहकर बोलते हैं। हिम्मत हो तो गलत को गलत बोलकर दिखाओ। वाट्सएप पर उपदेश सबको अच्छा लगता है। दम हो तो बाहर निकलो। जवानों पर अटैक कराया गया है, हुआ नहीं है। बेसिक शिक्षा अधिकारी के इस बयान ने सियासी उबाल भी ला दिया है ,मुजफ्फरनगर विधायक ने इस बयान की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री से अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है।
हिंदू संगठनों का बीएससए कार्यालय पर प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर। बीएसए द्वारा पुलवामा अटैक पर पीईएस एसेसिएशन नामक व्हाटसएप ग्रुप मे की गई टिप्पणी के विरोध मे हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओ ने सरकूलर रोड स्थित बीएसए कार्यालय के बाहर एकत्रित हो अपना विरोध व्यक्त किया। इस दौरान विभिन्न हिन्दू संगठनो से जुडे पदाधिकारियो ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्टै्रट अतुल कुमार, सीओ सिटी हरीश भदौरिया,शहर कोतवाल अनिल कप्परवान, नई मन्डी कोतवाल संतोष कुमार आदि ने हंगामा कर रहे कार्यकर्ताओ को समझा-बुझा कर शान्त कराया।
