Budaun Double Murder Case के बाद बड़ी कार्रवाई: आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ की 27 अवैध दुकानों पर बेदखली वसूली नोटिस, 45.57 लाख की आरसी जारी
⚖️ Budaun double murder case से जुड़े घटनाक्रम में प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सैंजनी गांव में ग्राम समाज की जमीन पर बनाई गई 27 अवैध दुकानों के मामले में तहसीलदार न्यायालय में बेदखली का वाद दायर किया गया है।
दातागंज के एसडीएम धर्मेंद्र सिंह की ओर से दाखिल इस वाद के साथ ही 45 लाख 57 हजार रुपये की वसूली के लिए आरसी जारी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि तय समय सीमा में रकम जमा नहीं होने पर संपत्ति कुर्की और जेल भेजने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
एचपीसीएल प्लांट हत्याकांड के बाद तेज हुई संपत्ति जांच
🛑 सैंजनी गांव स्थित HPCL प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के बाद प्रशासन ने आरोपी अजय प्रताप सिंह और उसके परिवार की संपत्तियों की गहन जांच शुरू कर दी है। इसी जांच के दौरान ग्राम समाज और सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के कई मामलों का खुलासा हुआ।
Budaun double murder case Ajay Pratap Singh की जांच अब केवल हत्या तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अवैध संपत्ति और कब्जों की परतें भी सामने आने लगी हैं।
पहले भी गिराई जा चुकी हैं 11 अवैध दुकानें
🚜 प्रशासन इससे पहले भी कार्रवाई करते हुए अजय प्रताप सिंह की छह और राकेश सिंह की पांच दुकानों को ध्वस्त कर चुका है। ये सभी दुकानें हजरतपुर मार्ग के किनारे पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाई गई थीं।
अब ग्राम समाज की भूमि पर बनी 27 दुकानों पर कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है। इन दुकानों से राकेश सिंह हर महीने लगभग 70 हजार रुपये किराया वसूल रहा था।
सील की गई दुकानों पर बेदखली का मुकदमा, आरसी जारी
📄 तहसील प्रशासन पहले ही इन दुकानों को सील कर नोटिस चस्पा कर चुका था। अब न्यायालय में वाद दायर होने के साथ ही 45.57 लाख रुपये की रिकवरी के लिए आरसी जारी कर दी गई है।
एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया—
👉 एक माह के भीतर राशि जमा करनी होगी
👉 भुगतान न होने पर जेल भेजने का प्रावधान
👉 संपत्ति कुर्की की कार्रवाई संभव
प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
परिवार की जमीन, मकान और दुकानों की हो रही व्यापक जांच
🔍 Budaun double murder case Ajay Pratap Singh की जांच के तहत प्रशासन की टीम सैंजनी गांव में आरोपी और उसके परिजनों की जमीन, मकान, दुकान और अन्य संपत्तियों का रिकॉर्ड खंगाल रही है।
अब तक जांच में सामने आया है—
👉 ग्राम समाज की जमीन पर अवैध दुकान निर्माण
👉 सरकारी भूमि पर कब्जा कर खेती
👉 सार्वजनिक संपत्ति का अतिक्रमण
इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इन संपत्तियों के निर्माण में इस्तेमाल धन का स्रोत क्या था।
अवैध बाजार से हर महीने तीन लाख रुपये की कमाई का आरोप
💰 जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी के परिवारीजन गांव के पास सरकारी भूमि पर सप्ताह में दो दिन अवैध बाजार लगवाते थे। इस दौरान व्यापारियों से तहबाजारी वसूली की जाती थी।
सूत्रों के अनुसार—
👉 हर महीने लगभग तीन लाख रुपये की कमाई
👉 बिना अनुमति संचालित बाजार
👉 सरकारी भूमि पर कब्जा कर संचालन
हालांकि प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर इस राशि की पुष्टि नहीं की है, लेकिन बाजार को बंद कर भूमि को कब्जे में ले लिया गया है।
यात्री शेड तोड़कर भी बनाई गई थीं दुकानें
🚧 जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। गांव के बाहर सड़क किनारे बने यात्री टिन शेड को तोड़कर भी दुकानों का निर्माण कराया गया था।
ग्रामीणों के अनुसार—
👉 म्याऊ रोड पर बना यात्री शेड हटाया गया
👉 उसकी जगह दुकानों का निर्माण कराया गया
👉 आसपास की ग्राम समाज भूमि पर भी कब्जा
अब तहसील प्रशासन की जांच में यह मामला भी शामिल कर लिया गया है।
हत्या केस में बढ़ सकते हैं कई नए आरोपियों के नाम
👮♂️ Budaun double murder case Ajay Pratap Singh में दर्ज मुकदमे में जल्द ही अन्य आरोपियों के नाम भी जोड़े जा सकते हैं। मृतक सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा के परिजनों द्वारा दिए गए बंद लिफाफे और साक्ष्यों की जांच जारी है।
Virendra Tomar ने बताया कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है।
प्लांट परिसर में अब भी पसरा है डर और सन्नाटा
🏭 सैंजनी गांव स्थित एचपीसीएल प्लांट में दो अधिकारियों की हत्या के बाद शुक्रवार को भी कामकाज शुरू नहीं हो सका। प्लांट परिसर के बाहर पुलिस और पीएसी का कड़ा पहरा बना हुआ है।
स्थिति यह है—
👉 कर्मचारी वापस लौटने से कतरा रहे हैं
👉 आसपास के इलाके में दहशत का माहौल
👉 उत्पादन गतिविधियां प्रभावित
कंपनी के लिए कर्मचारियों को दोबारा काम पर लाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना लाभ की भी होगी जांच
🏠 आरोपी अजय प्रताप सिंह की पत्नी अर्चना और भाभी रेनू को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ दिए जाने के मामले की भी जांच शुरू कर दी गई है।
जिला स्तर की टीम—
👉 पात्रता की जांच करेगी
👉 लाभ की वैधता पर रिपोर्ट देगी
👉 अनियमितता मिलने पर रिकवरी संभव
इसके साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना जताई गई है।

