Chitrakoot बाल सुधार गृह से किशोर फरार: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, प्रशासन में मचा हड़कंप
Chitrakoot से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह (बाल सुधार गृह) से एक बाल अपचारी रविवार तड़के सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों को चकमा देकर फरार हो गया। घटना के सामने आते ही प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। इस घटना ने एक बार फिर से बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि फरार हुआ किशोर चोरी के एक मामले में पिछले करीब एक महीने से बाल सुधार गृह में रखा गया था। घटना रविवार सुबह करीब 3:30 बजे की बताई जा रही है, जब किशोर ने मौका पाकर सुरक्षा व्यवस्था को भेदते हुए वहां से फरार होने में सफलता हासिल कर ली।
चित्रकूट बाल सुधार गृह से फरार होने की घटना
यह मामला शहर के एसडीएम कॉलोनी स्थित राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह का है। यहां हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला एक बाल अपचारी चोरी के आरोप में 13 फरवरी को लाया गया था।
प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार किशोर को न्यायालय के आदेश के बाद बाल सुधार गृह में रखा गया था। लेकिन रविवार तड़के उसने वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर फरार होने का मौका ढूंढ लिया।
बताया जा रहा है कि जब घटना हुई तब वहां तैनात कर्मचारी सो रहे थे। इसी का फायदा उठाते हुए किशोर ने बैरक से बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ लिया और वहां लगी जाली हटाकर परिसर से बाहर निकल गया।
घटना का पता चलते ही सुधार गृह प्रशासन और स्थानीय पुलिस में हड़कंप मच गया।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और पूरे परिसर का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है और फरार हुए किशोर की तलाश के लिए पुलिस टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।
पुलिस आसपास के इलाकों में भी तलाश अभियान चला रही है ताकि जल्द से जल्द किशोर को पकड़कर वापस बाल सुधार गृह लाया जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।
एक साल पहले भी हुई थी ऐसी घटना
सामने आया है कि यह पहली बार नहीं है जब चित्रकूट के इस बाल सुधार गृह से कोई किशोर फरार हुआ हो। करीब एक साल पहले भी दो बाल अपचारी यहां से फरार हो गए थे।
उस समय पुलिस ने काफी तलाश के बाद एक किशोर को बरामद कर लिया था, लेकिन दूसरा किशोर आज तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।
इस पुराने मामले के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन अब एक बार फिर से किशोर के फरार होने की घटना ने सुधार गृह की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बाल सुधार गृह में पहले भी सामने आ चुके हैं विवाद
पिछले कुछ समय में इस बाल सुधार गृह से जुड़ी कई अन्य घटनाएं भी चर्चा में रही हैं।
कुछ दिन पहले यहां से अवैध सामग्री और मोबाइल फोन मिलने की खबर भी सामने आई थी। जांच के दौरान यह भी पता चला था कि एक बाल अपचारी ने जेल के अंदर से मोबाइल फोन के जरिए वीडियो कॉल कर जान से मारने की धमकी दी थी।
इन घटनाओं के सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही गई थी। हालांकि अब एक बार फिर से किशोर के फरार होने की घटना ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
बाल सुधार गृह से लगातार सामने आ रही घटनाओं ने प्रशासनिक व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
सवाल यह उठ रहा है कि यदि पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, तो उसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत क्यों नहीं किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सुधार गृह जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद मजबूत होनी चाहिए। लेकिन बार-बार हो रही घटनाएं यह संकेत देती हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं न कहीं गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक का बयान
इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक सत्यपाल सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एक बाल अपचारी के फरार होने की सूचना प्राप्त हुई है।
उनके अनुसार बैरक का दरवाजा खुला होने के कारण किशोर ने वहां लगी जाली को हटाकर बाहर निकलने का रास्ता बना लिया और फरार हो गया।
अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस की टीमें फरार किशोर की तलाश में जुटी हुई हैं और जल्द ही उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है। साथ ही इस मामले में लापरवाही की भी जांच की जा रही है।
बाल सुधार गृह की व्यवस्था पर उठते सवाल
इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बाल सुधार गृहों की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत है।बाल सुधार गृह का उद्देश्य किशोर अपराधियों को सुधारने और उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने का होता है। लेकिन जब ऐसी जगहों से किशोर आसानी से फरार हो जाते हैं, तो यह व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन संस्थानों में सुरक्षा के साथ-साथ निगरानी प्रणाली को भी मजबूत किया जाना चाहिए।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
फिलहाल पुलिस और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती फरार हुए किशोर को जल्द से जल्द पकड़ना है।इसके साथ ही प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

