Chitrakoot की देवांगना घाटी में युवती से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, वनकर्मी बनकर पहुंचे तीन युवकों पर केस दर्ज
Chitrakoot गैंगरेप केस को लेकर उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में सनसनी फैल गई है। जिले की प्रसिद्ध देवांगना घाटी क्षेत्र में एक 19 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि तीन युवक खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताकर उसके पास पहुंचे, पूछताछ के बहाने उसे धमकाया और फिर दो आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि तीसरा युवक उनके साथ मौजूद रहा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घूमने गई थी युवती, तभी पहुंचे तीन युवक
प्राथमिक जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के नयागांव क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय युवती अपने 17 वर्षीय किशोर मित्र के साथ बुधवार शाम मोटरसाइकिल से चित्रकूट स्थित देवांगना घाटी पहुंची थी। पीड़िता के अनुसार दोनों एयरपोर्ट के पीछे स्थित पहाड़ी क्षेत्र में चट्टान पर बैठे हुए थे।
इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने स्वयं को वन विभाग का कर्मचारी बताते हुए दोनों से जंगल में आने का कारण पूछा और उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया।
पीड़िता का आरोप- दो युवकों ने किया दुष्कर्म
पीड़िता के अनुसार तीनों युवकों ने उन्हें धमकाते हुए अपने कब्जे में ले लिया। आरोप है कि इसके बाद दो युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि तीसरा आरोपी घटनास्थल पर मौजूद रहा। घटना के बाद आरोपियों ने किसी को जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी दी और वहां से फरार हो गए।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने के बाद उसने और उसके साथ मौजूद किशोर ने तत्काल पुलिस सहायता के लिए डायल-112 पर सूचना दी।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही पीआरवी टीम के साथ बहिलपुरवा थाना प्रभारी विवेक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक पीयूषकांत राय तथा क्षेत्राधिकारी (सिटी) सत्येन्द्र सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस ने मौके से उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित करने की प्रक्रिया भी शुरू की।
एफआईआर दर्ज, आरोपियों की तलाश तेज
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों, स्थानीय सूचनाओं और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देवांगना घाटी में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद देवांगना घाटी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यह इलाका प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिए जाना जाता है, जहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटक भी पहुंचते हैं। ऐसे में सुनसान क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और नियमित निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि पर्यटन स्थलों पर पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
पुलिस ने जांच जारी होने की कही बात
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ की जा रही है। पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं नियमानुसार कराई जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

