उत्तर प्रदेश

सीएम Yogi Adityanath की बड़ी पहल: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन और नियुक्ति पत्र, अब बच्चों के पोषण का रियलटाइम डेटा सीधे सरकार तक

राजधानी लखनऊ के लोकभवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन, नियुक्ति पत्र तथा ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरण वितरित किए। इस पहल को प्रदेश की मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

सरकार का मानना है कि अब क्षेत्र स्तर से मिलने वाला पोषण संबंधी डेटा सीधे और समय पर विभाग तक पहुंचेगा, जिससे योजनाओं की निगरानी पहले से अधिक प्रभावी होगी और लाभार्थियों तक सेवाएं तेजी से पहुंच सकेंगी।


रियलटाइम डेटा से सुधरेगी योजनाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि लंबे समय से यह महसूस किया जा रहा था कि कार्यकत्रियों के पास डिजिटल संसाधनों की कमी के कारण समय पर रिपोर्टिंग संभव नहीं हो पाती थी। इससे योजनाओं की प्रगति का सही मूल्यांकन प्रभावित होता था।

उन्होंने कहा कि अब प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पास स्मार्टफोन उपलब्ध होने से बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी जानकारी तत्काल अपलोड की जा सकेगी। इससे विभागीय कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित और परिणाम आधारित बनेगी।


नव नियुक्त कार्यकत्रियों को सौंपे गए नियुक्ति पत्र

लोकभवन में आयोजित इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नव चयनित कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र वितरित करना भी रहा। मुख्यमंत्री ने उन्हें जिम्मेदारी के साथ सेवा कार्य करने का संदेश देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी व्यवस्था प्रदेश के सामाजिक विकास की आधारशिला है।

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद कार्यकत्रियों में उत्साह का माहौल दिखाई दिया और उन्होंने बाल विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।


बच्चों की लंबाई और वजन मापने के लिए दिए गए ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरण

कार्यक्रम के दौरान वितरित किए गए ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस में बच्चों की लंबाई और वजन मापने वाले आधुनिक उपकरण शामिल थे। इन उपकरणों की मदद से अब कुपोषण की पहचान अधिक सटीक और समय रहते की जा सकेगी।

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अनुसार यह व्यवस्था बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति की नियमित निगरानी को वैज्ञानिक आधार प्रदान करेगी।


बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं को मिलेगी नई गति

डिजिटल उपकरण मिलने से विभाग की कई प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। अब क्षेत्रीय स्तर से डेटा संग्रहण और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया सरल होगी, जिससे निर्णय लेने की गति भी बढ़ेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी संसाधनों का यह विस्तार प्रदेश में पोषण सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक साबित होगा।


महिला कार्यकत्रियों की मेहनत को मिला तकनीकी सहयोग

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उनके कार्य को तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता थी।

स्मार्टफोन उपलब्ध होने से अब रिपोर्टिंग प्रक्रिया आसान होगी और कार्यकत्रियों का प्रशासनिक बोझ भी कम होगा।


प्रदेश की रैंकिंग सुधारने की दिशा में अहम कदम

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर डेटा अपलोड न होने के कारण कई बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की रैंकिंग प्रभावित होती रही है। डिजिटल रिपोर्टिंग व्यवस्था लागू होने से यह स्थिति सुधरेगी।

उन्होंने विभाग को निर्देश दिया कि तकनीक का उपयोग केवल डेटा संग्रह तक सीमित न रहे, बल्कि योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए भी किया जाए।


ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी होगी और मजबूत

प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्र मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाते हैं। डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता से इन केंद्रों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार आने की संभावना है।

अब कार्यकत्रियां मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से लाभार्थियों की जानकारी तुरंत अपडेट कर सकेंगी।


डिजिटल प्रशासन की दिशा में बढ़ता उत्तर प्रदेश

प्रदेश सरकार लगातार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तकनीक से जोड़ने पर जोर दे रही है। इस पहल को उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

डिजिटल निगरानी से योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी और लाभार्थियों तक सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी।


कुपोषण मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को मिलेगा नया बल

सरकार का लक्ष्य बच्चों और महिलाओं में कुपोषण की समस्या को समाप्त करना है। आधुनिक उपकरणों की सहायता से स्वास्थ्य संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण आसान होगा।

इससे जोखिम वाले बच्चों की पहचान जल्दी की जा सकेगी और समय पर पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।


महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल

आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लंबे समय से सामाजिक परिवर्तन की वाहक रही हैं। उन्हें डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराना महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

इस पहल से कार्यकत्रियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और वे तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बन सकेंगी।


लोकभवन में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश सरकार ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उन्हें और प्रभावी बनाया जाएगा। स्मार्टफोन, ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरण और नियुक्ति पत्र वितरण जैसी पहलें न केवल कार्यकत्रियों के मनोबल को मजबूत करेंगी बल्कि बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने की दिशा में भी ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है।

 

Dr. S.K. Agarwal

डॉ. एस.के. अग्रवाल न्यूज नेटवर्क के मैनेजिंग एडिटर हैं। वह मीडिया योजना, समाचार प्रचार और समन्वय सहित समग्र प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है। उन्हें मीडिया, पत्रकारिता और इवेंट-मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में लगभग 3.5 दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव है। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों, चैनलों और पत्रिकाओं से जुड़े हुए हैं। संपर्क ई.मेल- [email protected]

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