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Donald Trump बोले- मुझे मिलना चाहिए था पुलित्जर पुरस्कार, रूस रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों पर साधा निशाना

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर पत्रकारों और प्रतिष्ठित पुरस्कारों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। दक्षिण कैरोलिना में रिपब्लिकन समर्थकों की एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने दावा किया कि उन्हें लेखन के लिए पुलित्जर पुरस्कार मिलना चाहिए था। उन्होंने रूस से जुड़ी जांच की रिपोर्टिंग के लिए यह सम्मान पाने वाले पत्रकारों की आलोचना की और आरोप लगाया कि उनकी खबरें गलत थीं।

ट्रम्प ने कई युद्ध रुकवाने का श्रेय लेते हुए नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर भी नाराजगी जताई। वह पहले भी अपनी उपलब्धियों और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में अपनी भूमिका का हवाला देते हुए इस सम्मान का जिक्र कर चुके हैं। हालांकि, किसी पुरस्कार के लिए पात्रता और चयन का निर्णय संबंधित पुरस्कार संस्था के नियमों और निर्णायक मंडल की प्रक्रिया पर निर्भर करता है।

रूस जांच की रिपोर्टिंग को लेकर पत्रकारों पर निशाना

रैली के दौरान ट्रम्प ने 2018 में रूस से जुड़े मामले की रिपोर्टिंग के लिए पुलित्जर पुरस्कार पाने वाले पत्रकारों पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि इन पत्रकारों ने रूस और 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से जुड़े मामले में गलत खबरें प्रकाशित की थीं और उन्हें इसके लिए सम्मानित नहीं किया जाना चाहिए था।

ट्रम्प लंबे समय से इन खबरों और रूस की जांच को लेकर आपत्ति जताते रहे हैं। उन्होंने पहले भी पुरस्कार वापस लेने की मांग की थी। दूसरी ओर, पुलित्जर पुरस्कार बोर्ड ने 2022 में इस मामले की समीक्षा के बाद पुरस्कार वापस लेने की मांग खारिज कर दी थी। बोर्ड के अनुसार, उसे ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि सम्मानित खबरें बाद में गलत साबित हुई थीं।

ट्रम्प अब तक लिख चुके हैं 19 किताबें

डोनाल्ड ट्रम्प कई किताबों के लेखक और सह-लेखक रहे हैं। उनकी चर्चित किताब ‘द आर्ट ऑफ द डील’ 1987 में प्रकाशित हुई थी। इसमें कारोबार, बातचीत और उनके व्यावसायिक अनुभवों से जुड़े विचार प्रस्तुत किए गए हैं। यह किताब उनकी सार्वजनिक छवि और कारोबारी पहचान से जुड़ी प्रमुख कृतियों में गिनी जाती है।

पुलित्जर पुरस्कार मुख्य रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने प्रतिष्ठित सम्मान के लिए जाना जाता है, लेकिन इसके तहत किताबों, नाटक और संगीत सहित अन्य क्षेत्रों में भी पुरस्कार दिए जाते हैं। ट्रम्प के दावे के बाद सोशल मीडिया पर उनके लेखन और पुरस्कार के लिए उनकी पात्रता को लेकर टिप्पणियां सामने आईं।

पुलित्जर पुरस्कार के दावे पर सोशल मीडिया में तंज

ट्रम्प के बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके लेखन और बोलने की शैली को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणियां कीं। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या उनके लेखन को पुलित्जर जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार के योग्य माना जा सकता है।

एक यूजर ने टिप्पणी की कि जो व्यक्ति बच्चों की किताब तक नहीं लिख सकता, वह पुलित्जर पुरस्कार पाने का दावा कर रहा है। एक अन्य यूजर ने ट्रम्प की भाषा और वाक्य रचना पर तंज कसते हुए लिखा कि उनके वाक्यों को समझने के लिए खोजी दल की जरूरत पड़ सकती है। ये टिप्पणियां सोशल मीडिया पर व्यक्त व्यक्तिगत प्रतिक्रियाएं हैं।

2026 के पुलित्जर पुरस्कारों में ट्रम्प प्रशासन की रिपोर्टिंग भी शामिल

2026 के पुलित्जर पुरस्कारों में अमेरिकी राष्ट्रपति प्रशासन की नीतियों, फैसलों और उनके प्रभाव पर केंद्रित रिपोर्टिंग को भी सम्मानित किया गया। विभिन्न समाचार संस्थानों की रिपोर्टिंग में सरकार की नीतियों, कारोबारी हितों, सरकारी विभागों पर पड़े प्रभाव और विरोधियों को निशाना बनाए जाने के आरोपों जैसे विषय शामिल थे।

उपलब्ध पुरस्कार विवरण के अनुसार, द न्यूयॉर्क टाइम्स को ट्रम्प और उनके परिवार के कारोबारी हितों से जुड़े मामलों की जांच-पड़ताल वाली रिपोर्टिंग के लिए सम्मान मिला। द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्टिंग में ट्रम्प प्रशासन के फैसलों का सरकारी विभागों और आम लोगों पर पड़ने वाला प्रभाव शामिल था। रॉयटर्स को प्रशासन द्वारा सत्ता के इस्तेमाल और राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाए जाने से संबंधित रिपोर्टिंग के लिए सम्मानित किया गया। द शिकागो ट्रिब्यून की रिपोर्टिंग में शिकागो में आव्रजन कार्रवाई और उसके विरोध में स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर ध्यान दिया गया।

इन रिपोर्टों के विषयों और ट्रम्प के पत्रकारों पर लगाए गए आरोपों के बीच राजनीतिक और मीडिया संबंधों को लेकर बहस जारी है। हालांकि, किसी समाचार रिपोर्ट की विश्वसनीयता का आकलन उसके साक्ष्यों, संपादकीय प्रक्रिया और उपलब्ध स्वतंत्र जांच के आधार पर किया जाना चाहिए।

2018 में रूस से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए दो अखबारों को मिला था सम्मान

2018 में द न्यूयॉर्क टाइम्स और द वॉशिंगटन पोस्ट को रूस से जुड़े मामले की रिपोर्टिंग के लिए पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इन समाचार संस्थानों ने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप और ट्रम्प की चुनावी टीम के संबंधों की जांच से जुड़े घटनाक्रम पर रिपोर्टिंग की थी।

ट्रम्प ने इन खबरों को गलत बताते हुए पुरस्कार वापस लेने की मांग की थी। लेकिन 2022 में पुलित्जर बोर्ड ने समीक्षा के बाद कहा कि उसे ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि पुरस्कार पाने वाली रिपोर्टें बाद में गलत सिद्ध हुई थीं। इस फैसले के बावजूद ट्रम्प इस मामले को लेकर अपनी आपत्तियां दोहराते रहे हैं।

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल

अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को होने वाले मिडटर्म चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल भी चर्चा में है। इन चुनावों में कांग्रेस के दोनों सदनों में सत्ता के संतुलन पर असर पड़ सकता है। चुनावों के नतीजे राष्ट्रपति ट्रम्प की नीतियों और रिपब्लिकन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

पत्रकारों, मीडिया संस्थानों और पुरस्कारों पर ट्रम्प की टिप्पणियां ऐसे समय में सामने आई हैं, जब अमेरिकी राजनीति में मीडिया की भूमिका और सरकार की जवाबदेही लगातार बहस का विषय बनी हुई है। रूस जांच की रिपोर्टिंग को लेकर ट्रम्प और पुलित्जर बोर्ड के बीच मतभेद भी इसी व्यापक विवाद का हिस्सा हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प ने पुलित्जर पुरस्कार को लेकर अपना दावा दोहराते हुए रूस जांच की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों की आलोचना की है। हालांकि, 2018 के पुरस्कारों पर उनकी आपत्तियों की समीक्षा के बाद पुलित्जर बोर्ड ने 2022 में पुरस्कार वापस लेने की मांग खारिज कर दी थी।

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