दीनी इल्म में कमी की वजह से कुछ मुसलमान अपने मजहब को बदनाम करने में लगा: Maulana Taukeer Raza Khan
इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के प्रमुख, Maulana Taukeer Raza Khan ने हाल ही में भूता में मौलाना इद्रीस की ओर से आयोजित समाज सुधार कार्यक्रम में अपने भाषण में मुद्दों पर गहरी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि आजकल धर्मिक और सामाजिक मुद्दों में असहमति और भ्रष्टाचार की समस्याएं बढ़ रही हैं, जिससे समाज को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
Maulana Taukeer Raza Khan ने कहा कि दीनी इल्म में कमी की वजह से कुछ मुसलमान अपने मजहब को बदनाम करने में लगा है। जो विवाद आपसी सहमति से निपट सकते हैं, उनमें झूठी शान दिखाने के लिए लोग थाने जाने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। इल्म हर मुसलमान पर फर्ज है। दीनी और दुनियावी इल्म हासिल करना बेहद जरूरी है।
Maulana Taukeer Raza Khan शनिवार को भुता में मौलाना इदरीस की ओर से आयोजित समाज सुधार कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रेमजाल में फंसकर गुमराह हो रहीं लड़कियों और नौजवानों में बढ़ रही नशे की लत की लगातार आ रहीं खबरों को देखते हुए यह मुहिम शुरू की गई है।
Maulana Taukeer Raza Khan ने कहा कि आज 95 प्रतिशत आरोप झूठे लगाए जा रहे हैं। इसमें तीन तलाक देने, हलाला करने का दबाव बनाने और दहेज की मांग के अधिकतर आरोप झूठे हैं। इस मौके पर मुफ्ती एहसानुल हक, फरहत खाान, नदीम कुरैशी, सलीम खान, साजिद आदि मौजूद रहे।
मौलाना तौकीर रज़ा खान ने विशेष रूप से दीनी शिक्षा और इल्म की महत्वता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस समय में बहुत से लोग धर्म को गलत ढंग से प्रयोग कर रहे हैं और अपने धर्म को गलत समझकर उसे बदनाम कर रहे हैं। इससे न केवल धर्म का अपमान हो रहा है, बल्कि समाज की स्थिति पर भी गहरा प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने इस बारे में विस्तार से चर्चा की और उठाए गए सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया। मौलाना तौकीर रज़ा खान ने यह भी बताया कि आजकल नशे की लत और इससे जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं, जिससे खासकर नौजवान पीढ़ी को खतरा है। इसे रोकने के लिए समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत है।
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि अब दिन-प्रतिदिन बढ़ती झूठी शान और झूठे आरोपों की समस्या भी गंभीर रूप से बढ़ रही है। इससे न केवल समाज में असहमति पैदा हो रही है, बल्कि यह विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय के लिए भी एक बड़ी समस्या बन गई है।
मौलाना तौकीर रज़ा खान के विचारों के अनुसार, समाज को इन समस्याओं का सामना करने के लिए साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। धर्म और सामाजिक सुधार के माध्यम से ही हम इन चुनौतियों का सामना कर सकते हैं और एक सशक्त, समृद्ध और समर्थ समाज की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

