Muzaffarnagar: में आबकारी अधिकारी की सख्ताई, चीनी मिलों पर शीरा नीति 2024-25 के शत-प्रतिशत अनुपालन का दबाव
मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar) उत्तर प्रदेश के आबकारी विभाग ने मुजफ्फरनगर के सभी चीनी मिलों पर सख्त नज़र रखते हुए, 2024-25 के शीरा नीति के प्रावधानों के पालन के लिए सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। इस संबंध में एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिला आबकारी अधिकारी की अध्यक्षता में जिले के तमाम चीनी मिलों के उप आबकारी निरीक्षकों और प्रतिनिधियों को बुलाया गया।
इस बैठक में आबकारी आयुक्त, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा भेजे गए नए दिशा-निर्देशों पर चर्चा की गई और जिले के सभी चीनी मिलों के लिए एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों की स्थापना सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया। यह बैठक विशेष रूप से उस समय आयोजित की गई, जब जिले में अवैध शराब और चीनी उद्योग में होने वाली गड़बड़ियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इस दिशा में जिला आबकारी अधिकारी का कहना है कि किसी भी स्तर पर नीति का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में उठाए गए प्रमुख बिंदु
बैठक में जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी की गई शीरा नीति 2024-25 का पालन करना चीनी मिलों की जिम्मेदारी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य चीनी उत्पादन प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है, ताकि अवैध शराब निर्माण और अन्य अपराधों पर रोक लगाई जा सके।
- सख्त निरीक्षण प्रणाली: आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-1, 2, 3, और 4 को निर्देश दिए गए कि वे प्रत्येक खाण्डसारी इकाई का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि चीनी मिलें और अन्य ईकाइयाँ नीति का पालन कर रही हैं।
- एएनपीआर कैमरों का इंस्टॉलेशन: जिले के कई चीनी मिलों में एएनपीआर कैमरे अब तक नहीं लगाए गए हैं। बैठक में जिला अधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन मिलों में ये कैमरे अभी तक नहीं लगे हैं, वहाँ तत्काल प्रभाव से उन्हें स्थापित किया जाए। इससे मिलों की गतिविधियों पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी और किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सकेगा।
- जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का सहयोग: बैठक में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा दिए गए निर्देशों का विशेष रूप से पालन करने पर जोर दिया गया। साथ ही पुलिस विभाग के साथ सहयोग बनाकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चीनी मिलों में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हो।
शीरा नीति के महत्वपूर्ण प्रावधान और उनका प्रभाव
2024-25 की शीरा नीति का उद्देश्य न केवल शराब के उत्पादन में कमी लाना है, बल्कि इसकी कालाबाज़ारी और अवैध बिक्री को भी नियंत्रित करना है। इस नीति के तहत चीनी मिलों में शीरा उत्पादन, संग्रहण, और बिक्री की प्रक्रिया को विस्तार से परिभाषित किया गया है। इस नीति का पालन न करने पर प्रशासन द्वारा कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।
आबकारी विभाग का मानना है कि एएनपीआर कैमरों के माध्यम से मिलों में शीरा की आवाजाही पर नज़र रखना आसान होगा। कैमरों के जरिए प्रत्येक वाहन की जानकारी रिकॉर्ड की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि मिल से बाहर जाने वाले वाहनों की वास्तविक स्थिति का पता चलता रहे। इस नई नीति का पालन करने से न केवल जिले में बल्कि पूरे प्रदेश में अवैध शराब के उत्पादन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
प्रशासन का कठोर रुख: मिल संचालकों को दी चेतावनी
मुजफ्फरनगर के आबकारी विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी चीनी मिल को नीति का उल्लंघन करने की छूट नहीं दी जाएगी। जिला आबकारी अधिकारी ने मिल संचालकों को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि किसी मिल में इस नीति का पालन नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिले के आबकारी अधिकारी ने कहा कि मिल संचालकों को शीरा नीति का शत प्रतिशत पालन करना होगा, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। साथ ही, उन्होने मिलों के प्रतिनिधियों से कहा कि वे नीति के अनुसार अपने कर्मचारियों को भी प्रशिक्षित करें ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न हो।
नीति पालन में आने वाली चुनौतियाँ
हालांकि, बैठक में मिल संचालकों ने अपने कुछ मुद्दे और चुनौतियाँ भी सामने रखीं। उनका कहना था कि एएनपीआर कैमरों की स्थापना में समय और खर्च दोनों अधिक है, जिससे इसे लागू करने में कठिनाई हो रही है। साथ ही, कुछ मिल प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि शीरा नीति के कुछ प्रावधानों में लचीलापन लाया जाए ताकि सभी मिलें इसका पालन आसानी से कर सकें।
इस पर जिला आबकारी अधिकारी ने आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं को राज्य आबकारी विभाग तक पहुँचाया जाएगा, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि नीति पालन में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त की जाएगी। सभी चीनी मिलों को शीरा नीति 2024-25 का पालन करना ही होगा।
कैमरों से पारदर्शिता बढ़ाने की योजना
एएनपीआर कैमरों के माध्यम से मिलों की गतिविधियों पर नज़र रखना प्रशासन के लिए अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। इन कैमरों के माध्यम से मिल परिसर में आने-जाने वाले हर वाहन की जानकारी स्वचालित रूप से संग्रहित होगी। इसका सीधा लाभ यह होगा कि विभाग को शीरा चोरी या अवैध गतिविधियों की तत्काल सूचना मिल सकेगी।
यह प्रणाली नीति के प्रभावी अनुपालन में सहायता करेगी और स्थानीय प्रशासन को अवैध गतिविधियों पर तुरंत कार्यवाही करने का मौका देगी। मिलों में अधिक पारदर्शिता होने से उपभोक्ताओं और सरकारी अधिकारियों दोनों को लाभ होगा।
चीनी उद्योग पर शीरा नीति का दीर्घकालिक प्रभाव
उत्तर प्रदेश का चीनी उद्योग, जो राज्य की आर्थिक संरचना में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, इस नई नीति से काफी प्रभावित हो सकता है। इस नीति के लागू होने से उत्पादन में प्रभावी नियंत्रण बनेगा, और हर साल हजारों करोड़ रुपये के राजस्व की सुरक्षा हो सकेगी। साथ ही, यह कदम चीनी मिलों में अवैध शराब निर्माण को रोकने में भी सहायक सिद्ध हो सकता है, जिससे जिले में अपराध दर में कमी आने की उम्मीद है।
राज्य के अन्य जिलों में भी यह नीति लागू की जा रही है और मुजफ्फरनगर का यह प्रयास अन्य जिलों के लिए एक उदाहरण बन सकता है। इसे लागू करने से चीनी मिलें पारदर्शिता के उच्च मानकों का पालन करेंगी, और इससे राजस्व की वृद्धि के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
निष्कर्ष: सख्त नियमों से मिलेगा नियंत्रण
शीरा नीति 2024-25 के सफल क्रियान्वयन के लिए मुजफ्फरनगर के आबकारी विभाग द्वारा उठाए गए ये कदम दिखाते हैं कि अब प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। इस नीति का अनुपालन न केवल चीनी मिलों के लिए लाभकारी होगा बल्कि राज्य की सुरक्षा और वित्तीय समृद्धि के लिए भी आवश्यक है।
एएनपीआर कैमरों की स्थापना और नीतिगत सख्ती से अब चीनी मिलों में होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाएगी, जिससे भविष्य में अवैध शराब और कालाबाज़ारी पर काबू पाया जा सकेगा। आबकारी विभाग का यह कदम एक ऐसा उदाहरण है जो दिखाता है कि कड़ी नीतियों और नियमों के सख्त पालन से समाज और राज्य को किस प्रकार लाभ हो सकता है।
इस प्रकार, आने वाले समय में उम्मीद है कि चीनी मिलें आबकारी विभाग के निर्देशों का पालन करके राज्य के कानून का सम्मान करेंगी और पारदर्शिता बनाए रखते हुए अपने कार्य को सुचारू रूप से संचालित करेंगी।

