उत्तर प्रदेश

फसलो का लागत मूल्य भी नही मिलने से किसान आत्महत्या करने पर मजबूर- Paschimanchal Nirman Party

ग्राम सिवाया जनपद मेरठ में पश्चिमांचल निर्माण पार्टी (Paschimanchal Nirman Party) के पदाधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सतेन्द्र सिंह ने की और संचालन राष्ट्रीय प्रवक्ता संजीव मासूम ने किया। इस बैठक में राष्ट्रीय महासचिव वरीस अहमद ने कहा कि सरकार द्वारा पेश किया गया बजट निराशाजनक है।

किसानों के साथ धोखा

डॉ. सतेन्द्र सिंह ने कहा कि इस बजट से किसानों को बहुत उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। कृषि बजट को 3% से बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत किया जाना चाहिए था। बजट में किसानों के कर्ज माफी की घोषणा नहीं की गई है। प्रधानमंत्री किसान योजना में बढ़ोतरी नहीं की गई है और न ही किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाई गई है। किसानों के फ्री इलाज की व्यवस्था भी नहीं की गई है।

पिछले कई वर्षों से किसान फसलों की एमएसपी गारंटी की मांग कर रहे हैं। बड़े-बड़े आंदोलन किसानों ने फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने के लिए किए, लेकिन केंद्र सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है। किसान निरंतर कर्ज के बोझ में डूबता जा रहा है। राष्ट्रीय प्रवक्ता संजीव मलिक मासूम ने कहा कि उर्वरक और कीटनाशक दवाइयों में बेतहाशा वृद्धि से किसानों को फसलों का लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है और किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं।

सरकार को किसान की ओर ध्यान देकर प्राथमिकता पर किसानों की समस्याओं का निराकरण करना चाहिए। भारतवर्ष में उत्तर प्रदेश सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला प्रदेश है, जिसकी पूर्णतया उपेक्षा की गई है। उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी पिछड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश में एम्स और केंद्रीय विश्वविद्यालय की आवश्यकता है। लोगों को सरकार से अपेक्षा थी कि इस बजट में इसका ध्यान रखा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

पश्चिमांचल निर्माण पार्टी की बैठक में निर्णय लिया गया कि शिवभक्त कांवड़ियों के स्वागत के लिए रामपुर चौराहा, बुढ़ाना मोड़, खतौली मुजफ्फरनगर और मोदीपुरम बाईपास मेरठ में बैनर और होर्डिंग्स लगाए जाएंगे। 2 अगस्त महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर श्री त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर सिवाया जनपद मेरठ में शिवभक्तों को फलों का वितरण पार्टी की ओर से किया जाएगा।

पश्चिमांचल के विकास की आवश्यकता

पश्चिमांचल क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए सरकार की तरफ से ठोस कदम उठाने की जरूरत है। पश्चिमांचल निर्माण पार्टी इस क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। यहां की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है।

उत्तर प्रदेश की समस्याएं

उत्तर प्रदेश एक विशाल राज्य है, लेकिन यहां की जनसंख्या के अनुसार संसाधनों की भारी कमी है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की स्थिति दयनीय है। राज्य में उच्च शिक्षा के संस्थानों की कमी है, जिससे छात्रों को अन्य राज्यों में जाकर पढ़ाई करनी पड़ती है। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को उचित इलाज नहीं मिल पाता।

केंद्रीय बजट की समस्याएं

केंद्रीय बजट में उत्तर प्रदेश और अन्य पिछड़े राज्यों के विकास के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं किए जाते। सरकार को चाहिए कि बजट में इन राज्यों के विकास के लिए विशेष ध्यान दे। किसानों की कर्ज माफी, कृषि बजट में बढ़ोतरी और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

पश्चिमांचल निर्माण पार्टी के प्रयास

पश्चिमांचल निर्माण पार्टी ने अपने एजेंडे में किसानों के हितों की रक्षा और उनके जीवन स्तर में सुधार के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। पार्टी का मानना है कि किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर होना चाहिए। इसके अलावा, पार्टी क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए भी प्रयासरत है।

पश्चिमांचल निर्माण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सतेन्द्र सिंह और अन्य पदाधिकारियों का मानना है कि क्षेत्र के विकास के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए और बजट में किसानों और गरीबों के हितों को ध्यान में रखना चाहिए। पार्टी का यह भी कहना है कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो वे आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

इस प्रकार, पश्चिमांचल निर्माण पार्टी पश्चिमांचल क्षेत्र के विकास और वहां के निवासियों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी का मानना है कि जब तक सरकार किसानों और गरीबों की समस्याओं को प्राथमिकता पर हल नहीं करती, तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है।

डॉ. सत्येन्द्र सिंह

पश्चिमांचल निर्माण पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सत्येन्द्र सिंह, एक उदार दृष्टिकोण और समर्पित नेता हैं जो उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र की जनता के लिए एक अलग राज्य, 'पश्चिमांचल', की स्थापना के पक्ष में प्रतिबद्ध हैं। उनका मुख्य उद्देश्य है पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को पुर्नरुत्थान और सकारात्मक भागीदारी के साथ समृद्धि प्रदान करना। सिंह एक डॉक्टर, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो अपने सामाजिक कार्यों के माध्यम से समाज के विकास में योगदान कर रहे हैं।

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