Gabba Cricket Stadium का अंतिम सलाम! 2032 ओलंपिक के बाद धराशायी होगा ऑस्ट्रेलिया का यह ऐतिहासिक क्रिकेट मैदान
ब्रिस्बेन का Gabba Cricket Stadium , जिसने क्रिकेट इतिहास के कुछ सबसे यादगार पलों को जन्म दिया, अब अपने अंतिम दिन गिन रहा है। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने 2032 ओलंपिक खेलों के बाद इस ऐतिहासिक मैदान को ध्वस्त करने का फैसला किया है। यह वही मैदान है, जहां भारतीय क्रिकेट टीम ने 2021 में 32 साल के ऑस्ट्रेलियाई अजेयता के रिकॉर्ड को धूल चटा दी थी।
ओलंपिक के लिए नया प्लान, गाबा को मिलेगा अलविदा
क्वींसलैंड के प्रधानमंत्री डेविड क्रिस फुल्ली ने मंगलवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि ओलंपिक गेम्स के बुनियादी ढांचे के लिए गाबा स्टेडियम को हटाकर एक नया स्टेडियम बनाया जाएगा। इसके बाद क्रिकेट मैचों को ब्रिस्बेन के विक्टोरिया पार्क में शिफ्ट किया जाएगा, जहां 60,000 दर्शकों की क्षमता वाला एक आधुनिक स्टेडियम बनेगा। इस परियोजना पर करीब 3.8 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर खर्च होंगे।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने क्या कहा?
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उन्हें भविष्य के मैचों के लिए योजना बनाने में आसानी होगी। उनका कहना था, “यह फैसला हमें वेन्यू और शेड्यूलिंग के मामले में स्पष्टता देता है। हम ब्रिस्बेन में बेहतर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट का आयोजन कर पाएंगे।”
इसके अलावा, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने क्वींसलैंड क्रिकेट, AFL और ब्रिस्बेन लायंस के साथ मिलकर विक्टोरिया पार्क में नए स्टेडियम के निर्माण का समर्थन किया है। उनका मानना है कि यह नया स्टेडियम दर्शकों और क्वींसलैंड के खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित होगा।
गाबा का वह ऐतिहासिक मैच, जब भारत ने तोड़ा ऑस्ट्रेलिया का घमंड
गाबा स्टेडियम का नाम क्रिकेट इतिहास में हमेशा स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा, खासकर वह मैच जब भारतीय टीम ने जनवरी 2021 में ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में धूल चटा दी। यह मैच सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की जिगर में दम वाली जीत थी।
1988 के बाद से ऑस्ट्रेलिया ने गाबा में कोई टेस्ट मैच नहीं हारा था, लेकिन भारत ने यहां पहली बार जीत दर्ज की। अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में खेल रही टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 3 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। इस जीत में ऋषभ पंत (89*), शुभमन गिल (91) और चेतेश्वर पुजारा का योगदान अविस्मरणीय रहा।
गाबा स्टेडियम का इतिहास: 1895 से अब तक
गाबा स्टेडियम का निर्माण 1895 में हुआ था और यहां पहला फर्स्ट-क्लास मैच 1931 में खेला गया। इस मैदान की क्षमता 37,000 दर्शकों की है और यहां का खेल क्षेत्र 170.6 मीटर लंबा और 149.9 मीटर चौड़ा है। गाबा में दो एंड हैं – स्टैनले स्ट्रीट एंड और वल्चर स्ट्रीट एंड।
यह स्टेडियम सिर्फ क्रिकेट के लिए ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलियाई फुटबॉल, रग्बी और अन्य खेलों के लिए भी प्रसिद्ध रहा है। लेकिन अब इसकी विरासत को नए स्टेडियम के लिए रास्ता देना होगा।
क्या होगा गाबा के बाद?
2032 ओलंपिक के बाद गाबा स्टेडियम को ध्वस्त कर दिया जाएगा और इसकी जगह एक नया ओलंपिक स्टेडियम बनेगा। क्रिकेट मैचों को विक्टोरिया पार्क में शिफ्ट किया जाएगा, जो आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह एक भावुक पल होगा, क्योंकि गाबा सिर्फ एक मैदान नहीं, बल्कि क्रिकेट की अनेक यादों का घर रहा है। लेकिन खेल जगत में बदलाव जारी है और अब गाबा को नए इतिहास के लिए रास्ता देना होगा।
गाबा स्टेडियम का विध्वंस न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया, बल्कि पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक भावनात्मक क्षण होगा। लेकिन जैसे-जैसे समय बदलता है, नए स्टेडियम और नए रिकॉर्ड बनते हैं। गाबा की विरासत हमेशा क्रिकेट इतिहास में जिंदा रहेगी।

