ग्रीन अभियान चलाया जाएगा: सरकार से होगी आरपार की लड़ाई – नरेश टिकैत
मुजफ्फरनगर। सिसौली में भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष चौ. नरेश टिकैत ने कहा कि यदि खेती-किसानी बचानी है, तो आगामी 21 दिसंबर में कृषि यंत्र लेकर राजकीय इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर के मैदान पर पहुंचें। यदि किसान संगठित नहीं हुआ तो सरकार किसानों को जीने नहीं देगी।
किसानों पर तरह-तरह के आरोप लगाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। तीन वर्ष से गन्ने का दाम एक रुपया नहीं बढ़ाया गया। ट्रैक्टर भी एनजीटी के दायरे में आ गए हैं। गन्ने की पत्ती फूंकने पर भी मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है। किसान भवन में पंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू प्रमुख ने कहा कि किसान एकजुट नहीं होगा तो एक भी मांग पूरी नहीं हो पाएगी।
अपनी ताकत का अहसास कराने का वक्त आ गया है। सरकार से बीते दिनों मांग की गई थी कि किसान क्रेडिट कार्ड प्रतिवर्ष जमा करना न पड़े, केवल ब्याज जमा करने पर क्रेडिट कार्ड एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया जाए। इस पर सकारात्मक परिणाम जल्द दिखाई देंगे।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान कोई किसान किसी प्रकार की अभद्रता नहीं करेगा। भोजन की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। सरकारी कार्यालयों के परिसर में कोई भी गंदगी नहीं फैलाएगा। वालिंटियर नियुक्त किए गए हैं जो इन सभी बातों का ध्यान रखेंगे। पंचायत में जिला अध्यक्ष धीरज लाटियान ने कहा कि है आंदोलन एक तरह से हड़ताल है। सभी किसान-मजदूरों कर्मचारियों की तरह काम बंद कर हड़ताल कर एक दिन के लिए आंदोलन में भाग लेंगे।
इस दौरान राजू अहलावत, मेनपाल चौहान, भंवर सिंह, नवीन राठी ने भी संबोधित किया। संचालन ओमपाल मलिक ने किया । भाकियू में पदाधिकारियों की बाढ़ से बढ़ी चिता पंचायत के दौरान भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत ने कहा कि संगठन में पदाधिकारी अधिक हो गए हैं। संगठन का कांग्रेस जैसे हाल हो गया है। कांग्रेस में एक समय पदाधिकारियों की बाढ़ आ गई थी व कार्यकर्ता खत्म हो गए थे।
कांग्रेस का हाल आज सभी जानते हैं। अब भाकियू में पदाधिकारी केवल उसी व्यक्ति को बनाया जाएगा, जो छह माह की संगठन में सेवाएं देगा। इसके लिए ग्रीन अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी में पद देते समय इस बात का ध्यान रखा जाता है कि संबंधित ने संघ की ट्रेनिग ली है या नहीं। इसी तरह भाकियू में यह व्यवस्था लागू होगी।
