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उत्तर प्रदेश

Hathras में हाईटेंशन लाइन बनी काल: नेशनल हाईवे निर्माण के दौरान मजदूर की दर्दनाक मौत, दो मासूम बेटों के सिर से उठा पिता का साया

Hathras में एक दर्दनाक हादसे ने निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाथरस जिले में मथुरा-बरेली नेशनल हाईवे के निर्माण कार्य के दौरान एक मजदूर हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही गंभीर हालत हो गई। जिला अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

घटना 6 अगस्त की दोपहर हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव सलेमपुर के पास हुई, जहां नेशनल हाईवे निर्माण के अंतर्गत पुलिया की नाप-जोख का कार्य चल रहा था।


पुलिया की नपाई के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

जानकारी के अनुसार, हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव सलेमपुर स्थित एक निजी स्कूल के सामने निर्माण एजेंसी द्वारा पुलिया की नपाई का कार्य कराया जा रहा था।

मृतक हरिओम (30 वर्ष), जो राजस्थान के धौलपुर जिले के थाना मानिया क्षेत्र के गांव दुलारा का निवासी था, धातु की छड़ी से पुलिया की माप ले रहा था। इसी दौरान उसके ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन बेहद नजदीक थी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहली बार हरिओम बाल-बाल बच गया था, लेकिन कुछ देर बाद काम के दौरान उसका ध्यान दूसरी ओर चला गया। जैसे ही उसने धातु की छड़ी ऊपर उठाई, वह हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई।


तेज धमाके के साथ करंट की चपेट में आया मजदूर

धातु की छड़ी के हाईटेंशन लाइन से स्पर्श होते ही जोरदार धमाका हुआ। तेज करंट लगने से हरिओम मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा।

घटना के बाद निर्माण स्थल पर मौजूद अन्य मजदूरों में हड़कंप मच गया। कुछ ही क्षणों में बड़ी संख्या में श्रमिक और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर ठेकेदार भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे।

साथी मजदूरों ने बिना समय गंवाए हरिओम को उपचार के लिए बागला जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।


छोटे भाई के सामने हुई बड़े भाई की मौत

इस दर्दनाक हादसे के समय हरिओम का छोटा भाई जोगराम भी उसी निर्माण कार्य में मौजूद था।

भाई की आंखों के सामने हुए इस हादसे ने उसे पूरी तरह झकझोर दिया। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा हरिओम को मृत घोषित किए जाने के बाद जोगराम बदहवास हो गया। उसने तुरंत अपने गांव फोन कर परिजनों को घटना की जानकारी दी।

परिवार को जैसे ही हादसे की सूचना मिली, वहां शोक की लहर दौड़ गई।


ढाई महीने पहले ही मजदूरी के लिए आए थे हाथरस

परिजनों के अनुसार हरिओम और उसका भाई जोगराम करीब ढाई महीने पहले रोजी-रोटी की तलाश में राजस्थान से हाथरस आए थे।

दोनों भाई नेशनल हाईवे निर्माण परियोजना में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि मेहनत से उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, लेकिन एक हादसे ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी।


दो मासूम बेटों के सिर से उठा पिता का साया

हरिओम अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बेटों को छोड़ गया है।

जोगराम ने बताया कि मृतक के एक बेटे की उम्र करीब दो वर्ष है, जबकि दूसरा बेटा सिर्फ दो महीने का है। पिता की असमय मौत से परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक दोनों तरह का संकट खड़ा हो गया है।

घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम का माहौल है और गांव में भी शोक व्याप्त है।


निर्माण कार्यों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे के बाद निर्माण कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जहां हाईटेंशन बिजली लाइनें गुजरती हैं, वहां कार्य शुरू करने से पहले जोखिम का आकलन, पर्याप्त सुरक्षा उपाय, चेतावनी संकेत और श्रमिकों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश देना अत्यंत आवश्यक होता है।

निर्माण स्थलों पर धातु के उपकरणों के उपयोग के दौरान बिजली लाइनों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना भी महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों में शामिल माना जाता है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी निर्माण कार्यों में सुरक्षा प्रबंधन को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता जताई।


पुलिस ने शुरू की जांच

हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई।

सीओ सिकंदराराऊ अमित पाठक ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि घटना के संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं तथा हादसे की परिस्थितियां क्या थीं।


हाईटेंशन लाइन के आसपास कार्य के दौरान बरतनी होती है विशेष सावधानी

बिजली विशेषज्ञों के अनुसार हाईटेंशन लाइन के निकट किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य अत्यधिक सतर्कता के साथ किया जाना चाहिए।

धातु की छड़, पाइप, सरिया या अन्य लंबे उपकरण यदि बिजली लाइन के संपर्क में आ जाएं तो गंभीर हादसे की आशंका रहती है। ऐसे क्षेत्रों में कार्य से पहले जोखिम का आकलन, सुरक्षा दूरी सुनिश्चित करना और श्रमिकों को आवश्यक प्रशिक्षण देना दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।


 

हाथरस के सलेमपुर में नेशनल हाईवे निर्माण के दौरान हुआ यह हादसा एक परिवार के लिए जीवनभर का दर्द बन गया। मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भविष्य संवारने निकले हरिओम की असमय मौत ने पत्नी और दो मासूम बच्चों को गहरे संकट में छोड़ दिया। मामले की जांच जारी है और संबंधित अधिकारियों ने तहरीर के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही है। साथ ही यह घटना निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता की भी गंभीर याद दिलाती है।

 

News-Desk

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