Muzaffarnagar में उद्योग बंधु की बैठक में गरमाए औद्योगिक क्षेत्रों के मुद्दे, DM उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध समाधान के निर्देश
Muzaffarnagar औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी सड़क, बिजली, एनओसी, बुनियादी ढांचे और रोजगार से संबंधित कई महत्वपूर्ण समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में उद्यमियों की ओर से उठाए गए विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा की गई और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में साफ तौर पर यह संदेश दिया गया कि औद्योगिक गतिविधियों में अनावश्यक बाधा किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। सड़क, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े लंबित मामलों का समाधान तेजी से होने पर ही जिले में निवेश का माहौल मजबूत होगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचा, साफ-सुथरा वातावरण और व्यवस्थित औद्योगिक क्षेत्र निवेशकों तथा उद्योगों के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उद्यमियों की समस्याओं को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश
बैठक की शुरुआत में जनपद के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं और प्रस्तावित विकास कार्यों पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अधिकारियों से कहा कि उद्यमियों की समस्याओं को केवल पत्राचार तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनका समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
औद्योगिक इकाइयों के लिए सड़क, बिजली, अग्नि सुरक्षा, श्रम संबंधी सुविधाएं और आवश्यक अनुमतियां सीधे तौर पर कारोबार के संचालन से जुड़ी होती हैं। इनमें देरी होने पर उद्योगों की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए बैठक में अलग-अलग विभागों से जुड़े प्रकरणों की स्थिति जानी गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जानसठ रोड पर 500 मीटर लिंक रोड का मामला
बैठक में जानसठ रोड स्थित नैराना विद्युत सब-स्टेशन से जुड़ी 500 मीटर लिंक रोड के निर्माण और विद्युत पोल शिफ्टिंग का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया।
इस मामले में एनएचएआई के प्रतिनिधि ने बैठक में जानकारी दी कि संबंधित कार्य का एस्टीमेट मुख्यालय से अनुमोदित हो चुका है।
उन्होंने बताया कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा और इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने इस प्रकरण की प्रगति पर ध्यान देने के निर्देश दिए, ताकि औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी आवाजाही और विद्युत व्यवस्था में आने वाली समस्याओं को दूर किया जा सके।
बारिश के बाद शुरू होगा सड़क निर्माण का काम
नैराना विद्युत सब-स्टेशन से संबंधित लिंक रोड का एस्टीमेट स्वीकृत होने के बाद अब निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हुआ है।
बैठक में बताया गया कि मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद काम शुरू कराया जाएगा। इससे संबंधित क्षेत्र में आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है।
औद्योगिक क्षेत्रों में लिंक रोड का महत्व इसलिए भी अधिक होता है क्योंकि यहां से प्रतिदिन मालवाहक वाहन, श्रमिक और अन्य व्यावसायिक वाहन गुजरते हैं।
सड़क की स्थिति खराब होने पर परिवहन लागत और समय दोनों प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में इस सड़क का निर्माण उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बिजली विभाग को हर महीने उद्यमियों के साथ बैठक का निर्देश
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि उद्यमियों के साथ प्रत्येक माह नियमित बैठक आयोजित की जाए और बिजली विभाग से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए।
औद्योगिक इकाइयों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद महत्वपूर्ण होती है। बिजली से संबंधित तकनीकी समस्या, पोल, लाइन या कनेक्शन से जुड़ा कोई मामला लंबे समय तक लंबित रहने पर उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
मासिक बैठक की व्यवस्था से उद्यमियों को अपनी समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारियों के सामने रखने का अवसर मिलेगा और विभाग भी मामलों की प्रगति पर निगरानी रख सकेगा।
धंधेड़ा रोड की सड़क पर भी जल्द शुरू होगा काम
बैठक में धंधेड़ा रोड से औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाने वाली सड़क का मुद्दा भी उठाया गया।
लोक निर्माण विभाग के नोडल अधिकारी ने जानकारी दी कि इस सड़क पर शीघ्र कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंचने वाली सड़कें उद्योगों के लिए केवल आवागमन का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि इनके माध्यम से कच्चा माल और तैयार उत्पाद भी बाजार तथा अन्य स्थानों तक पहुंचाए जाते हैं।
ऐसे में सड़क की गुणवत्ता और उपलब्धता का सीधा असर औद्योगिक गतिविधियों पर पड़ता है।
राधा गोविंद ऑटोमोबाइल्स की NOC का मामला
बैठक में मैसर्स राधा गोविन्द ऑटोमोबाइल्स प्रा. लि., मुजफ्फरनगर से संबंधित एनओसी और मानचित्र का मामला भी सामने आया।
इस प्रकरण में जिलाधिकारी ने अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, मुजफ्फरनगर को संबंधित विभागों से आवश्यक आख्या प्राप्त करने और नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए एनओसी जारी करने के निर्देश दिए।
औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों के लिए आवश्यक अनुमति समय पर मिलना बेहद जरूरी है। एनओसी या मानचित्र से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी होने पर निवेश और निर्माण प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद अब संबंधित विभागों से रिपोर्ट लेकर मामले को नियमानुसार आगे बढ़ाया जाना है।
बी.के. टाइल्स के पास लिंक रोड जल्द होगी दुरुस्त
बैठक में मैसर्स बी.के. टाइल्स, मेरठ रोड के समीप स्थित लिंक रोड के क्षतिग्रस्त होने का मामला भी उठाया गया।
नगर पालिका परिषद, मुजफ्फरनगर के अधिशासी अधिकारी ने जानकारी दी कि सड़क निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
क्षतिग्रस्त लिंक रोड के निर्माण से आसपास के औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक आवागमन में सुधार की उम्मीद है।
लच्छेड़ा में विद्युत पोल और तारों की समस्या पर भी कार्रवाई
बैठक के दौरान ग्राम लच्छेड़ा में मिल्टेक इंडस्ट्रीज के सामने विद्युत पोल स्थापित करने और विद्युत तारों को ऊंचा कराने से संबंधित समस्या पर भी चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
औद्योगिक इकाई के सामने विद्युत व्यवस्था से जुड़ी इस समस्या को दूर करना इसलिए जरूरी है, ताकि इकाई के संचालन में किसी तरह की असुविधा न हो और सुरक्षा संबंधी जोखिम भी कम किए जा सकें।
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्लेसमेंट की भी समीक्षा
बैठक का दायरा केवल सड़क और बिजली की समस्याओं तक सीमित नहीं रहा। इसमें औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में हुए प्लेसमेंट की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने युवाओं को बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार किया जाना जरूरी है। यदि स्थानीय युवाओं को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुसार प्रशिक्षण मिलता है तो उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकते हैं और उद्योगों को भी प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध हो सकेंगे।
उद्योगों और युवाओं के बीच मजबूत हो कनेक्शन
औद्योगिक विकास केवल नई फैक्ट्रियां लगाने से पूरा नहीं होता। इसके लिए प्रशिक्षित श्रमिक, तकनीकी कर्मचारी और योग्य मानव संसाधन की भी आवश्यकता होती है।
इसी वजह से बैठक में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्लेसमेंट पर चर्चा को महत्वपूर्ण माना गया।
जिलाधिकारी ने उद्योगों की जरूरतों और युवाओं के प्रशिक्षण के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने पर जोर दिया।
इसका उद्देश्य ऐसा कौशल आधारित वातावरण तैयार करना है, जिसमें जिले के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल सकें और उद्योगों को अपनी जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध हों।
औद्योगिक क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण पर भी जोर
जिलाधिकारी ने औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों का आह्वान किया कि वे औद्योगिक आस्थान के मुख्य मार्गों के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लें।
उन्होंने कहा कि इस कार्य में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) और नगर पालिका के साथ औद्योगिक संगठनों की सहभागिता महत्वपूर्ण होगी।
औद्योगिक क्षेत्रों का वातावरण केवल उद्योगों के संचालन के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि बाहर से आने वाले निवेशकों पर भी इसका प्रभाव पड़ता है।
साफ-सुथरी सड़कें, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, व्यवस्थित पार्किंग, हरियाली और उचित नागरिक सुविधाएं किसी औद्योगिक क्षेत्र की समग्र छवि को बेहतर बनाती हैं।
‘सुंदर औद्योगिक क्षेत्र निवेश का माहौल बनाएंगे’
जिलाधिकारी ने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचा और स्वच्छ-सुंदर वातावरण जनपद में औद्योगिक निवेश तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह संदेश उद्योगों के लिए भी महत्वपूर्ण है कि औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में सरकारी विभागों के साथ निजी औद्योगिक संगठनों की भी भूमिका है।
यदि दोनों पक्ष मिलकर बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम करते हैं तो उसका सीधा लाभ उद्योगों, कर्मचारियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल सकता है।
उद्यमियों की नियमित समस्याएं सुनने पर जोर
बैठक में अधिकारियों को केवल लंबित प्रकरणों के समाधान तक सीमित नहीं रहने बल्कि उद्यमियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
बिजली विभाग को हर महीने उद्यमियों के साथ बैठक करने का निर्देश इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नियमित संवाद से छोटी समस्याओं को बड़ा बनने से पहले ही दूर किया जा सकता है। इससे विभागों और औद्योगिक इकाइयों के बीच समन्वय भी बेहतर हो सकता है।
औद्योगिक निवेश के लिए बुनियादी सुविधाएं सबसे जरूरी
किसी भी जिले में औद्योगिक निवेश आकर्षित करने के लिए केवल जमीन और नीतियां पर्याप्त नहीं होतीं। सड़क, बिजली, जल निकासी, परिवहन, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती हैं।
मुजफ्फरनगर में हुई उद्योग बंधु समिति की बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा हुई, उनमें अधिकांश सीधे इन्हीं बुनियादी सुविधाओं से जुड़े रहे।
लिंक रोड से लेकर बिजली के पोल और एनओसी तक, हर समस्या का असर किसी न किसी रूप में उद्योगों के दैनिक संचालन पर पड़ सकता है।
इसलिए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को इन मामलों के समाधान में तेजी लाने के निर्देश दिए।
एक ही बैठक में कई विभागों के मामले आए सामने
बैठक में बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका, जिला पंचायत और एनएचएआई सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई।
इस तरह की बैठक का उद्देश्य अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय बनाकर उद्यमियों की समस्याओं का समाधान करना भी है।
यदि एक समस्या के समाधान के लिए कई विभागों की अनुमति या कार्रवाई जरूरी हो तो उद्योग बंधु समिति के मंच पर सभी संबंधित पक्षों के सामने मामला आने से प्रक्रिया को गति मिल सकती है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जवाबदेही का दिया संदेश
बैठक में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा का जोर समयबद्ध कार्रवाई पर रहा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्यमियों की समस्याओं को प्राथमिकता से लिया जाए और समाधान में अनावश्यक देरी न हो।
इससे यह संकेत मिलता है कि जिला प्रशासन औद्योगिक गतिविधियों के लिए जरूरी सुविधाओं और लंबित मामलों को लेकर विभागीय स्तर पर निगरानी मजबूत करना चाहता है।
बैठक का संचालन उपायुक्त उद्योग जैस्मीन ने किया
जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक का संचालन उपायुक्त उद्योग जैस्मीन ने किया।
उन्होंने बैठक में विभिन्न प्रकरणों की स्थिति और संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी साझा की।
प्रकरणवार जानकारी सामने रखे जाने से अधिकारियों और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों को मामलों की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया गया।
बैठक के अंत में सभी अधिकारियों और औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
बैठक में ये अधिकारी और औद्योगिक प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, सहायक आयुक्त उद्योग आशीष कुमार, अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, सहायक श्रम आयुक्त सहित जनपद स्तरीय विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा विभिन्न औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
इस व्यापक भागीदारी से यह स्पष्ट हुआ कि औद्योगिक विकास से जुड़े मामलों में कई विभागों की भूमिका रहती है और उनके बीच समन्वय जरूरी है।
उद्योगों की समस्याओं से लेकर रोजगार तक, बैठक में दिखा व्यापक एजेंडा
मुजफ्फरनगर की जिला उद्योग बंधु समिति की यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण रही। एक ओर जहां उद्यमियों की सड़क, बिजली और एनओसी से जुड़ी समस्याओं पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए, वहीं दूसरी ओर युवाओं के प्लेसमेंट और कौशल विकास पर भी चर्चा हुई।
औद्योगिक क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण को लेकर उद्योग संगठनों से सहभागिता की अपील की गई।
इससे बैठक का एजेंडा केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर बनाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में भी केंद्रित दिखाई दिया।
अब इन फैसलों के अमल पर रहेगी नजर
बैठक में कई मामलों में काम जल्द शुरू कराने या संबंधित कार्रवाई पूरी करने की जानकारी दी गई है। नैराना विद्युत सब-स्टेशन की लिंक रोड का एस्टीमेट स्वीकृत हो चुका है और बारिश के बाद काम शुरू कराने की बात कही गई है।
धंधेड़ा रोड की सड़क पर भी शीघ्र काम शुरू करने की जानकारी दी गई। बी.के. टाइल्स के पास लिंक रोड की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द निर्माण शुरू होने की बात सामने आई।
अब इन घोषणाओं और निर्देशों के वास्तविक धरातल पर उतरने पर नजर रहेगी।
मुजफ्फरनगर के औद्योगिक विकास की राह में अगला कदम
जिला प्रशासन की ओर से आयोजित उद्योग बंधु समिति की बैठक में उठाए गए मुद्दे जिले के औद्योगिक विकास की बुनियादी जरूरतों से सीधे जुड़े हैं।
सड़क बेहतर होगी, बिजली से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान होगा, जरूरी एनओसी समय पर मिलेगी और प्रशिक्षित युवाओं को उद्योगों में रोजगार मिलेगा तो इसका व्यापक प्रभाव स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश देकर प्रशासनिक स्तर पर प्राथमिकता स्पष्ट कर दी है। अब चुनौती इन निर्देशों को तय समय में जमीन पर उतारने की है।

