MCG की पिच पर ICC की सख्ती: बॉक्सिंग डे टेस्ट 2 दिन में खत्म, मेलबर्न को ‘खराब’ रेटिंग और डिमेरिट पॉइंट की सजा
क्रिकेट जगत में MCG pitch rating ICC को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है। ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की पिच को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने खराब (Poor) रेटिंग दी है। चौथे टेस्ट मैच के लिए पिच पर करीब 10 मिलीमीटर घास छोड़ी गई थी, जिससे तेज गेंदबाजों को जरूरत से ज्यादा मदद मिली और मैच का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया।
इसके उलट, पर्थ की पिच को वेरी गुड रेटिंग मिली, जिससे यह साफ हो गया कि ICC अब पिचों की गुणवत्ता को लेकर कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है।
ICC की कार्रवाई: मेलबर्न को डिमेरिट पॉइंट की सजा
मैच रेफरी जेफ क्रो की रिपोर्ट के आधार पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने MCG को एक डिमेरिट पॉइंट दिया है।
2023 में नया पिच ग्रेडिंग सिस्टम लागू होने के बाद यह पहला मौका है जब किसी ऑस्ट्रेलियाई मैदान को इस तरह की सजा मिली है।
नियमों के अनुसार, यदि किसी मैदान को पांच वर्षों के भीतर 6 डिमेरिट पॉइंट मिलते हैं, तो उस पर 12 महीने तक अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी पर प्रतिबंध लग सकता है। हालांकि MCG के मामले में फिलहाल इतनी बड़ी कार्रवाई की आशंका कम मानी जा रही है, लेकिन यह चेतावनी निश्चित तौर पर गंभीर है।
ऐतिहासिक रूप से छोटा रहा एशेज टेस्ट
MCG में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया एशेज सीरीज का चौथा टेस्ट महज दो दिन (26–27 दिसंबर) में समाप्त हो गया।
इंग्लैंड ने यह मैच 4 विकेट से जीत लिया, लेकिन असली चर्चा जीत-हार से ज्यादा मैच की अवधि को लेकर हुई।
यह टेस्ट मैच सिर्फ 852 गेंदों में खत्म हुआ, जो एशेज के 143 साल के इतिहास का चौथा सबसे छोटा टेस्ट बन गया। टेस्ट क्रिकेट की आत्मा माने जाने वाले पांच दिवसीय फॉर्मेट में इस तरह का परिणाम ICC और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया दोनों के लिए चिंता का कारण बन गया।
36 विकेट, कोई फिफ्टी नहीं: बॉक्सिंग डे टेस्ट का शर्मनाक आंकड़ा
बॉक्सिंग डे टेस्ट, जिसे दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक साल के सबसे बड़े क्रिकेट उत्सव के रूप में देखते हैं, इस बार निराशा का कारण बना।
महज 2 दिन के खेल में 36 विकेट गिर गए।
कोई भी बल्लेबाज 50 रन तक नहीं पहुंच सका
कोई भी टीम 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सकी
इतना ही नहीं, इस मैच के जल्दी खत्म होने से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को लगभग 10 मिलियन डॉलर के आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया गया है। टिकट बिक्री, ब्रॉडकास्ट रेवेन्यू और स्टेडियम से जुड़ी कमाई पर सीधा असर पड़ा।
पूर्व दिग्गजों की तीखी आलोचना
मैच के बाद MCG की पिच को लेकर पूर्व क्रिकेटर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने सोशल मीडिया पर लिखा—
“यह पिच है या मजाक? 98 ओवरों में 26 विकेट गिरना खेल के साथ नाइंसाफी है। खिलाड़ी, ब्रॉडकास्टर और सबसे बढ़कर फैंस—सबके लिए यह खराब अनुभव है।”
पूर्व कप्तान केविन पीटरसन ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि ऐसा मैच भारत में होता, तो आलोचना कहीं ज्यादा तीखी होती। उन्होंने जोर दिया कि न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए।
वहीं, भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने भी पिच को टेस्ट क्रिकेट के मानकों के खिलाफ बताया।
बेन स्टोक्स का बयान: ऐसी पिच पर खेलना नहीं चाहते
मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने साफ शब्दों में कहा—
“आप ऐसी पिच पर खेलना नहीं चाहते। बॉक्सिंग डे टेस्ट को दो दिन में खत्म होते देखना सही नहीं है। अगर किसी और देश में ऐसा होता, तो भारी बवाल मच जाता। पांच दिन का मैच इतनी जल्दी खत्म होना ठीक संकेत नहीं है।”
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मानी गलती
विवाद बढ़ने के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉड ग्रीनबर्ग ने सार्वजनिक रूप से गलती स्वीकार की।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कम समय में खत्म होने वाले टेस्ट मैच टेस्ट क्रिकेट के भविष्य के लिए अच्छे नहीं हैं।
ग्रीनबर्ग ने माना कि हालांकि मैच रोमांचक था, लेकिन वे चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट लंबी अवधि तक चले। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिच की तैयारी में हस्तक्षेप न करने की नीति अब व्यावसायिक और खेल दोनों दृष्टि से पुनर्विचार की मांग कर रही है।
टेस्ट क्रिकेट बनाम व्यावसायिक दबाव
MCG पिच विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि टेस्ट क्रिकेट की परंपरा और व्यावसायिक हितों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
ICC की सख्ती यह संकेत दे रही है कि भविष्य में पिच तैयार करने वालों पर और ज्यादा जिम्मेदारी डाली जाएगी, ताकि मैच रोमांचक होने के साथ-साथ खेल की आत्मा भी सुरक्षित रहे।

