‘दृश्यम-3’ विवाद में Akshaye Khanna घिरे: लीगल नोटिस, विग की मांग और 21 करोड़ की अफवाहों पर गरमाई बॉलीवुड की सियासत












बॉलीवुड में इन दिनों Akshaye Khanna Drishyam 3 Controversy चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। फिल्म दृश्यम 3 को बीच में छोड़ने के बाद अभिनेता अक्षय खन्ना विवादों के केंद्र में आ गए हैं। मामला सिर्फ फिल्म छोड़ने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब मेकर्स द्वारा भेजे गए लीगल नोटिस, शूटिंग से ठीक पहले प्रोजेक्ट से बाहर होने, और करोड़ों की फीस को लेकर फैल रही अफवाहों ने इसे एक बड़े इंडस्ट्री विवाद का रूप दे दिया है।
लीगल नोटिस से बढ़ा तनाव, मेकर्स नाराज़
सूत्रों के मुताबिक, दृश्यम-3 के निर्माताओं ने अक्षय खन्ना को औपचारिक लीगल नोटिस भेज दिया है। आरोप है कि फिल्म की शूटिंग शुरू होने से महज कुछ दिन पहले प्रोजेक्ट छोड़ने से प्रोडक्शन को भारी नुकसान हुआ। लुक फाइनल हो चुका था, कॉस्ट्यूम तैयार हो रहे थे, नरेशन हो चुका था और कहानी को लेकर सहमति भी बन चुकी थी। ऐसे समय में अचानक फिल्म से हटना मेकर्स के लिए झटका साबित हुआ।
रूमी जाफरी ने संभाला मोर्चा, अक्षय के पक्ष में उतरे
इस विवाद के बीच अक्षय खन्ना के करीबी दोस्त और निर्देशक-लेखक रूमी जाफरी खुलकर उनके समर्थन में सामने आए हैं। बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में रूमी जाफरी ने कहा कि अक्षय हमेशा से फिल्मों के चयन को लेकर बेहद सोच-समझकर फैसले लेते रहे हैं।
उनका कहना है कि जब अक्षय के पास फिल्मों की लाइन नहीं थी, तब भी वे जल्दबाज़ी में काम नहीं करते थे और आज जब उनके पास कई विकल्प मौजूद हैं, तब भी वही प्रोफेशनल अप्रोच बरकरार है। रूमी ने यह भी साफ किया कि उन्हें प्रोड्यूसर कुमार मंगत पाठक और अक्षय के बीच हुए मतभेदों की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन अक्षय इतने पेशेवर हैं कि बिना किसी ठोस वजह के किसी प्रोजेक्ट से पीछे नहीं हटेंगे।
‘गली-गली चोर है’ का उदाहरण देकर उठाए सवाल
रूमी जाफरी ने अक्षय खन्ना की छवि को लेकर साल 2012 की फिल्म गली गली चोर है का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि उस वक्त अक्षय उनसे बार-बार कहते थे कि किसी ज्यादा बिकने वाले स्टार को साइन किया जाए, ताकि फिल्म को बेहतर कमर्शियल सपोर्ट मिले।
रूमी का सवाल था—क्या ऐसा व्यवहार किसी लालची इंसान का हो सकता है? उनके मुताबिक, यह उदाहरण साबित करता है कि अक्षय कभी भी सिर्फ अपने फायदे के बारे में नहीं सोचते, बल्कि फिल्म की बेहतरी को प्राथमिकता देते हैं।
डायरेक्टर अभिषेक पाठक का पलटवार, सोलो फिल्म की चुनौती
दूसरी ओर, फिल्म के निर्देशक अभिषेक पाठक ने अक्षय खन्ना के फिल्म छोड़ने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईटाइम्स से बातचीत में अभिषेक ने कहा कि फिल्म से जुड़े सारे फैसले उन्हें और प्रोडक्शन को लेने पड़े।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि सुपरस्टार अजय देवगन ने इस पूरे मामले को पूरी तरह से डायरेक्टर पर छोड़ दिया था। अजय देवगन ने किसी भी तरह के विवाद में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि यह प्रोडक्शन और कलाकार के बीच का मामला है।
शूटिंग से पांच दिन पहले छोड़ी फिल्म
अभिषेक पाठक के अनुसार, अक्षय खन्ना ने फिल्म की शूटिंग शुरू होने से महज पांच दिन पहले प्रोजेक्ट छोड़ दिया। उस समय तक नरेशन हो चुका था, कहानी अक्षय को पसंद आ चुकी थी, लुक फाइनल था और कॉस्ट्यूम पर काम चल रहा था।
उन्होंने बताया कि यह फैसला धुरंधर की रिलीज से ठीक एक दिन पहले लिया गया, जिससे विवाद और गहरा हो गया।
विग को लेकर हुआ असली टकराव
Akshaye Khanna Drishyam 3 Controversy में सबसे अहम मोड़ तब आया जब विग को लेकर मतभेद सामने आए। अभिषेक पाठक के मुताबिक, अक्षय खन्ना ने अपने किरदार के लिए विग पहनने पर जोर दिया।
डायरेक्टर ने स्पष्ट किया कि चूंकि तीसरी फिल्म की कहानी वहीं से शुरू होती है, जहां पिछला भाग खत्म हुआ था, इसलिए किरदार का विग पहनना तार्किक नहीं था। शुरुआत में इस मुद्दे पर सहमति बन गई थी, लेकिन कुछ दिनों बाद यह मांग फिर सामने आई।
हालांकि, अभिषेक ने अक्षय को भरोसा दिलाया था कि समाधान निकाल लिया जाएगा, लेकिन इसके बावजूद अभिनेता ने फिल्म से बाहर निकलने का फैसला कर लिया।
21 करोड़ की फीस की अफवाहों पर खंडन
विवाद के बीच सबसे ज्यादा सुर्खियां बनीं 21 करोड़ रुपये की फीस की चर्चाएं। इन खबरों पर अभिषेक पाठक ने साफ शब्दों में कहा कि यह दावा पूरी तरह गलत है।
उनका आरोप है कि ऐसी अफवाहें खुद अक्षय खन्ना के करीबी सर्कल से फैलाई जा रही थीं, ताकि नैरेटिव को अपने पक्ष में मोड़ा जा सके। मेकर्स की ओर से इन दावों को सिरे से खारिज किया गया है।
बॉलीवुड में बंटी राय, इंडस्ट्री में हलचल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बॉलीवुड दो धड़ों में बंटता नजर आ रहा है। कुछ लोग अक्षय खन्ना के प्रोफेशनल रुख का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ इसे गैर-जिम्मेदाराना कदम बता रहे हैं। एक ओर रूमी जाफरी जैसे करीबी दोस्त उनका बचाव कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रोडक्शन हाउस और निर्देशक इस फैसले से हुए नुकसान की बात कर रहे हैं।
यह विवाद एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि स्टार पावर, क्रिएटिव कंट्रोल और कॉन्ट्रैक्ट की सीमाएं आखिर कहां खत्म होती हैं।









