जियोस्टार की ICC डील से अचानक एग्जिट! 25,760 करोड़ का घाटा, सोनी-नेटफ्लिक्स-अमेज़न ने भी हाथ खींचे | ICC India Media Rights Crisis 2025
News-Desk
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ICC, ICC India Media Rights, ICC revenue India, ICC Rights 2024-27, ICC T20 World Cup 2026 rights, India cricket media rights crisis, JioStar financial loss, JioStar ICC Deal Exit, Sony Netflix Amazon cricket rights, sports media market Indiaभारत में ICC India Media Rights को लेकर बड़ा भूचाल तब आया जब रिलायंस कंट्रोल वाली जियोस्टार ने 2024–27 की हाई-वैल्यू मीडिया राइट्स डील से हटने का आधिकारिक फैसला सुना दिया। यह वही डील है, जिसमें जियोस्टार (पूर्व में स्टार इंडिया) ने करीब 3 अरब डॉलर (25,000 करोड़ रुपए) में भारत में चार साल तक सभी ICC टूर्नामेंट्स दिखाने के अधिकार खरीदे थे।
लेकिन अब कंपनी ने ICC को साफ कह दिया—इन भारी घाटों के बीच वे इस समझौते के बाकी दो साल पूरे नहीं कर पाएंगे।
यह फैसला ऐसे समय आया है जब 2026 में भारत-श्रीलंका में T20 वर्ल्ड कप होने वाला है। क्रिकटिंग इंडस्ट्री में इसे पिछले दशक का सबसे बड़ा प्रसारण संकट बताया जा रहा है।
जियोस्टार क्यों पीछे हट रही? 25,760 करोड़ का घाटा!—ICC India Media Rights का दबाव बहुत भारी
कंपनी के मुताबिक, ICC India Media Rights डील उनके लिए एक भारी नुकसान वाला सौदा बन चुकी है।
जियोस्टार को इस डील के तहत:
हर साल लगभग 6,000 करोड़ रुपए ICC को देने थे,
लेकिन मैच दिखाने से मिलने वाली आय उम्मीद से बहुत कम रही।
2023-24 में कंपनी ने अनुमान लगाया था कि इस डील से 12,319 करोड़ का नुकसान होगा और उतनी राशि उन्होंने “प्रोविजन” के रूप में अलग रख दी।
2024-25 में आंकड़ों की समीक्षा में घाटा बढ़कर 25,760 करोड़ तक पहुंच गया।
यानी, कंपनी ने 25,000 करोड़ का “माल” खरीदा, लेकिन उसका बेचकर भी पैसा नहीं निकल रहा। उल्टा 700–800 करोड़ और डूबने का खतरा है।
इससे कंपनी ने फैसला किया—इतने बड़े नुकसान के साथ ICC India Media Rights निभाना अब संभव नहीं।
एडवरटाइजमेंट स्लंप और रियल-मनी गेमिंग बैन ने बढ़ाई मुसीबत
भारत में क्रिकेट विज्ञापन राजस्व का बड़ा हिस्सा अब तक रियल मनी गेमिंग ऐप्स (जैसे Dream11, MPL) से आता था।
लेकिन इनके बैन के बाद:
विज्ञापन कम हुए
ब्रांड स्पॉन्सरशिप का अंतर अधूरा रह गया
पारंपरिक विज्ञापनदाता वापस तो आए, लेकिन गेमिंग ऐप जितना खर्च कोई नहीं कर रहा
इस वजह से जियोस्टार की कमाई तेज़ी से घटी और ICC India Media Rights डील पूरी तरह नुकसानदायक बन गई।
ICC की मुश्किलें: सोनी, नेटफ्लिक्स और अमेज़न भी पीछे हटे—कौन लेगा इतने महंगे राइट्स?
जियोस्टार के हटने के बाद ICC ने तुरंत बड़े नामों से संपर्क किया:
Sony
Netflix
Amazon Prime Video
पर तीनों ही प्लेटफॉर्म्स ने कीमत ज़्यादा होने के कारण दिलचस्पी नहीं दिखाई।
ICC India Media Rights इतनी महंगी होने की वजह:
हर साल एक बड़ा मेन्स टूर्नामेंट
भारत में विशाल दर्शक आधार
विज्ञापन से भारी कमाई की उम्मीद
लेकिन मीडिया कंपनियाँ आज के समय में इतनी बड़ी रिस्क लेने से बच रही हैं।
ICC की नई रणनीति—2026–29 के राइट्स के लिए 2.4 अरब डॉलर की मांग
ICC पहले ही 2026–29 के नए चक्र के लिए ICC India Media Rights बेचने की तैयारी शुरू कर चुकी है।
इस बार वे 2.4 अरब डॉलर मांग रहे हैं—यह 2024–27 की 3 अरब डॉलर की डील से काफी कम है।
इससे साफ है कि ICC को खुद समझ आ गया है कि बाजार पहले जैसा नहीं रहा।
भारत: ICC की कमाई का 80%—फिर भी राइट्स का खरीदार क्यों नहीं मिल रहा?
भारत दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट मार्केट है।
ICC की कुल कमाई का 80% सिर्फ भारत से आता है
2024 में ICC ने $474 मिलियन (करीब 4,000 करोड़ रुपए) का सरप्लस कमाया
लेकिन भारत में प्रसारण कंपनियाँ अब समझदार हो रही हैं—
लाइव स्पोर्ट्स का खर्च बढ़ रहा है, और OTT मार्केट भी संतृप्त हो चुका है।
ICC को मुनाफा है, लेकिन broadcasters को घाटा। यही असली संघर्ष है।
ICC India Media Rights: जियोस्टार बंधा हुआ है 2027 तक—नया पार्टनर न मिला तो क्या होगा?
कॉन्ट्रैक्ट के अनुसार:
जियोस्टार 2027 तक बाउंड है
मतलब अगर कोई नया खरीदार नहीं मिला
तो ICC उन्हें डील निभाने के लिए दबाव डाल सकता है
यानी, चाहे कंपनी चाहे या न चाहे—
उन्हें घाटे के बावजूद ब्रॉडकास्ट करना पड़ सकता है।
भारत का स्पोर्ट्स मीडिया मार्केट—एक वर्चुअल ‘ड्यूओपॉली’
इंडियन स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग अब दो खिलाड़ियों तक सीमित है:
JioStar
Sony
Disney-Star के विलय और बाद के पुनर्गठन के बाद बाज़ार लगभग दो हिस्सों में बंट चुका है।
इसका मतलब है—ICC के पास बहुत विकल्प नहीं हैं।
सोनी के पास पहले से:
ACC के $170M राइट्स
NZC के $100M
ECB के $200M
लेकिन फिर भी ICC India Media Rights लेने में रुचि नहीं दिखा रही।
स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स की प्राथमिकता बदल चुकी है
Netflix खेलों से दूरी बनाए हुए है
Amazon सिर्फ छोटे राइट्स लेता है
Disney ने अमेरिकी खेलों पर फोकस किया हुआ है
IOC और FIFA को भारत में पहले जैसा वैल्यूएशन अब नहीं मिलता
इससे ICC India Media Rights और मुश्किल हो गई है।
क्या भारतीय दर्शकों को इसका असर दिखेगा?
अभी नहीं।
लेकिन आगे:
मैच महंगे सब्सक्रिप्शन में जा सकते हैं
OTT पर फ्री स्ट्रिमिंग की उम्मीद कम हो सकती है
हॉटस्टार वाले T20 वर्ल्डकप 2024 जैसा ‘फ्री मॉडल’ टिकना मुश्किल है
भारत में क्रिकेट मुफ्त देखने का दौर धीरे-धीरे खत्म हो सकता है।
ICC India Media Rights: आगे क्या? ICC के सामने 4 विकल्प
जियोस्टार को डील निभाने के लिए मजबूर करना
डील को कम कीमत पर बेचना
साल-दर-साल टेंडर निकालना
कई प्लेटफॉर्म्स को संयुक्त रूप से राइट्स देना
सबसे संभावित मॉडल—मल्टी-प्लेटफॉर्म शेयरिंग।
यानी एक टूर्नामेंट कोई, दूसरा टूर्नामेंट कोई और दिखाए।

