Muzaffarnagar की सड़कों पर डग्गामार थ्री-व्हीलरों का आतंक, प्रशासन बेबस?
Muzaffarnagar। शहर की सड़कों पर इन दिनों अवैध डग्गामार थ्री-व्हीलरों ने यातायात नियमों को मज़ाक बना दिया है। बिना फिटनेस, बिना परमिट और बिना किसी कागज के यह वाहन बेधड़क दौड़ रहे हैं। जहाँ चाहा रुकते हैं, जैसे चाहा मुड़ते हैं और सवारियों की जान को खुलेआम खतरे में डालते हैं।
यातायात विभाग का तमाशा, कानून बेमानी
शहर में सड़क सुरक्षा के लिए बड़े-बड़े जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन नतीजा शून्य। इन थ्री-व्हीलर चालकों के लिए नियम-कानून का कोई मतलब नहीं। उनका एकमात्र नियम है – जितनी जल्दी हो सके, जितनी ज्यादा सवारी भर लो।
ओवरलोडिंग, गलत दिशा में मुड़ना, अचानक बीच सड़क पर रुक जाना… यही इनकी पहचान है। कोई हादसा हो भी जाए तो न जिम्मेदारी, न जवाबदेही।
कागज कबके खत्म, गाड़ियाँ फिर भी सड़क पर
सूत्र बताते हैं कि इन वाहनों के परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट सालों पहले ही खत्म हो चुके हैं। फिर भी ये धड़ल्ले से चल रहे हैं। सवारियों की जान इनके लिए महज़ किराये की रकम है। सड़क पर चल रहे ये थ्री-व्हीलर असल में चलती-फिरती कब्रगाह से कम नहीं।
लोगों का गुस्सा, प्रशासन की चुप्पी
लोग खुलेआम कहते हैं कि ये वाहन “सड़क पर दौड़ती मौतें” हैं। हर दिन इन्हें देखकर डर लगता है कि कब कोई अनहोनी हो जाए। लेकिन हैरानी की बात है कि यह सबकुछ यातायात पुलिस और प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। कार्रवाई के नाम पर कभी-कभार चालान काटना, और अगले ही दिन वही गाड़ियाँ फिर सड़कों पर।
क्यों है विभाग लाचार?
बड़ा सवाल है—
क्या इन थ्री-व्हीलरों को चलाने वालों के पीछे कोई राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण है?
क्यों अब तक इन अवैध गाड़ियों पर बड़ी कार्रवाई नहीं हुई?
आखिर कब तक यात्रियों की जान से खेल चलता रहेगा?


यातायात विभाग का तमाशा, कानून बेमानी