IND vs PAK हार का असर या मास्टरप्लान? शाहीन बाहर, Babar Azam डाउन द ऑर्डर—कोच हेसन ने खोली पाकिस्तान की रणनीति
India vs Pakistan T20 World Cup 2026 मुकाबले में भारत के हाथों 61 रनों की करारी हार के बाद पाकिस्तान टीम में हुए बड़े बदलावों ने क्रिकेट जगत में बहस छेड़ दी है। करो या मरो जैसे हालात वाले अगले मुकाबले में पाकिस्तान ने न सिर्फ अपने स्टार तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया, बल्कि पूर्व कप्तान Babar Azam को बल्लेबाजी क्रम में भी नीचे खिसका दिया।
इन फैसलों को सीधे तौर पर भारत से मिली हार का ‘साइड इफेक्ट’ माना जा रहा था, लेकिन टीम के मुख्य कोच माइक हेसन ने इन अटकलों पर साफ शब्दों में विराम लगा दिया है।
🔴 भारत से 61 रन की हार ने बढ़ाया दबाव
कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए ग्रुप मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 175 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम 17.6 ओवर में सिर्फ 114 रन पर सिमट गई।
इस मुकाबले में भारत की ओर से ईशान किशन ने आक्रामक बल्लेबाजी की, जबकि शाहीन शाह अफरीदी अपने आखिरी ओवर में 15 रन लुटा बैठे। वहीं बाबर आजम का बल्ला भी नहीं चला और वह केवल 5 रन बनाकर आउट हो गए। यही कारण रहा कि मैच के बाद टीम चयन पर सवाल उठने लगे।
🔴 शाहीन शाह अफरीदी क्यों हुए बाहर?
Shaheen Afridi dropped होने पर मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। लेकिन कोच माइक हेसन ने साफ किया कि यह फैसला किसी एक मैच या खराब प्रदर्शन के आधार पर नहीं लिया गया।
हेसन ने कहा कि टीम प्रबंधन का मानना था कि सलमान मिर्जा इस मैच के लिए ज्यादा उपयुक्त विकल्प हैं। उनके अनुसार, सलमान हाल के दिनों में बेहतर लय में थे और टीम कॉम्बिनेशन के हिसाब से उन्हें मौका देना जरूरी था। उन्होंने दो टूक कहा कि शाहीन को ड्रॉप करना कोई सजा नहीं, बल्कि रणनीतिक रोटेशन का हिस्सा है।
🔴 पावरप्ले में बाबर आजम का स्ट्राइक रेट बना चिंता
Babar Azam batting order में बदलाव को लेकर भी खूब चर्चा हुई। बाबर को ओपनिंग से हटाकर नीचे भेजा गया, जिसे लेकर पूर्व क्रिकेटरों और फैंस ने सवाल उठाए।
इस पर माइक हेसन ने खुलकर कहा कि बाबर खुद जानते हैं कि टी-20 वर्ल्ड कप के पावरप्ले ओवर्स में उनका स्ट्राइक रेट 100 से भी कम रहा है। टी-20 जैसे फॉर्मेट में, जहां शुरुआती छह ओवरों में तेजी से रन बनाना जरूरी होता है, वहां धीमी बल्लेबाजी टीम को पीछे धकेल देती है।
🔴 मिडिल ओवर्स के स्पेशलिस्ट हैं बाबर
कोच हेसन ने यह भी स्पष्ट किया कि बाबर आजम को टीम से बाहर नहीं किया जा रहा, बल्कि उन्हें एक खास भूमिका के लिए तैयार किया गया है। उनके मुताबिक, बाबर मिडिल ओवर्स में पारी संभालने और दबाव की स्थिति में टीम को स्थिरता देने के लिए सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं।
USA के खिलाफ पिछले मुकाबले का उदाहरण देते हुए हेसन ने कहा कि जब टीम मुश्किल में फंसती है, तब बाबर जैसा बल्लेबाज पारी को संभाल सकता है और सेट होने के बाद रन गति भी बढ़ा सकता है। एशिया कप के बाद उन्हें इसी सोच के तहत टीम में दोबारा शामिल किया गया था।
🔴 नामीबिया के खिलाफ क्यों नहीं उतरे बाबर?
नामीबिया के खिलाफ मैच में जब साहिबजादा फरहान ने नाबाद शतक जड़ा, तब शादाब खान को बाबर से पहले बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। नतीजा यह रहा कि बाबर को उस मुकाबले में बल्लेबाजी करने का मौका ही नहीं मिला।
इस फैसले पर हेसन ने कहा कि 12वें ओवर के आसपास जब रन गति बढ़ाने की जरूरत थी, तब बाबर उस रोल के लिए सबसे उपयुक्त खिलाड़ी नहीं थे। पाकिस्तान के पास ऐसे बल्लेबाज मौजूद हैं जो आखिरी ओवर्स में ज्यादा ताकत से शॉट खेल सकते हैं।
🔴 सुपर-8 में न्यूजीलैंड से टक्कर
अब ग्रुप स्टेज की चुनौतियों के बाद पाकिस्तान की नजरें सुपर-8 राउंड पर टिकी हैं। शनिवार को कोलंबो में पाकिस्तान का सामना न्यूजीलैंड से होगा। यह मुकाबला पाकिस्तान के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
कोच हेसन ने साफ किया कि टीम का फोकस अब पावरप्ले में अधिक से अधिक रन बटोरने पर रहेगा। कोलंबो की पिच पर स्पिनर्स की भूमिका अहम मानी जा रही है, ऐसे में पाकिस्तान अपनी प्लेइंग इलेवन और रणनीति में आगे भी बदलाव कर सकता है।

