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USCIRF report 2025 पर भारत का जबरदस्त पलटवार! अमेरिकी आयोग की ‘झूठी रिपोर्ट’ को खारिज करते हुए MEA ने कहा- “यह पूर्वाग्रह से प्रेरित राजनीतिक षड्यंत्र

अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट USCIRF report 2025  ने एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है। इस रिपोर्ट में भारत की खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) पर आरोप लगाते हुए उस पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है। साथ ही, भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। लेकिन भारत सरकार ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे “पूर्वाग्रह से प्रेरित और राजनीतिक एजेंडा” बताया है।

MEA का सख्त रुख: “USCIRF की रिपोर्ट में कोई सच्चाई नहीं!”

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा, “हमने USCIRF की 2025 की रिपोर्ट देखी है, जो एक बार फिर पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित आकलन पेश करती है। यह आयोग लगातार भारत के बहुलवादी समाज को बदनाम करने की कोशिश करता रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि “USCIRF की रिपोर्ट धार्मिक स्वतंत्रता के बजाय एक जानबूझकर किए गए एजेंडे को दर्शाती है। भारत लोकतंत्र और सहिष्णुता का प्रतीक है, और इसे कमजोर करने के प्रयास कभी सफल नहीं होंगे।”

USCIRF ने क्या आरोप लगाए?

USCIRF की रिपोर्ट में कई गंभीर आरोप शामिल हैं:

  • भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव का दावा किया गया है।
  • 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ घृणा फैलाने का आरोप लगाया गया।
  • रॉ (RAW) पर खालिस्तानी समर्थकों की हत्या में शामिल होने का आक्षेप लगाया गया।

भारत का पलटवार: “USCIRF खुद चिंता का विषय है!”

भारत सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए USCIRF की विश्वसनीयता पर ही सवाल उठा दिए हैं। MEA प्रवक्ता ने कहा, “यह आयोग लगातार भारत के खिलाफ झूठे नैरेटिव फैलाने में लगा हुआ है। असल में, USCIRF खुद चिंता का विषय है, क्योंकि यह वास्तविक धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों को नजरअंदाज करता है और अपने राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाता है।”

क्या USCIRF की रिपोर्ट पर अमेरिका की प्रतिक्रिया आएगी?

अब सवाल यह है कि क्या अमेरिकी सरकार इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देगी? अब तक व्हाइट हाउस या अमेरिकी विदेश विभाग ने कोई टिप्पणी नहीं की है। लेकिन भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंधों को देखते हुए, यह मामला दोनों देशों के बीच तनाव पैदा कर सकता है।

क्या भारत पर दबाव बनाने की कोशिश है?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि USCIRF की यह रिपोर्ट भारत पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है। हालांकि, भारत ने पहले भी ऐसे प्रयासों को नाकाम किया है और इस बार भी वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूती से रख रहा है।

भारत नहीं झुकेगा!

USCIRF की विवादास्पद रिपोर्ट के बावजूद, भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी बाहरी दबाव में नहीं आएगा। भारत का लोकतांत्रिक ढांचा और धार्मिक सहिष्णुता दुनिया के लिए मिसाल है, और ऐसे आरोपों से इसकी छवि धूमिल नहीं की जा सकती। अब देखना यह है कि अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं।


यह खबर पूरी तरह से प्रामाणिक स्रोतों पर आधारित है और किसी भी बाहरी एजेंडे को बढ़ावा नहीं देती।

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