ईरान की FATH-360 बैलिस्टिक मिसाइल: रूस की आपूर्ति ने अमेरिका और यूरोपीय संघ को क्यों किया चिंतित
ईरान की FATH-360 बैलिस्टिक मिसाइल की रूस को आपूर्ति की खबर ने वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में हलचल मचा दी है। यह मिसाइल तकनीकी रूप से इतनी उन्नत है कि इसके रूस को सौंपे जाने से न केवल अमेरिका बल्कि यूरोपीय संघ ने भी चिंता व्यक्त की है। ईरान के द्वारा विकसित की गई इस बैलिस्टिक मिसाइल की विशिष्टताएँ और क्षमताएँ इसे न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा बना देती हैं।
FATH-360 मिसाइल की तकनीकी विशिष्टताएँ
FATH-360, जिसे FATEH-360 के नाम से भी जाना जाता है, एक शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (SRBM) है। इस मिसाइल की प्रमुख विशेषताओं में इसकी अद्वितीय मोबिलिटी और सटीकता शामिल हैं। यह ठोस ईंधन वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी सीमा लगभग 120 से 300 किलोमीटर के बीच होती है। इसका वजन करीब 787 किलोग्राम है और यह 150 किलोग्राम तक का वारहेड ले जा सकती है।
इस मिसाइल की गति Mach 3 से Mach 4 तक होती है, जो इसे उच्चतम गति पर लक्ष्यों की ओर भेजने की क्षमता प्रदान करती है। इसकी सटीकता 30 मीटर तक की है, जो इसे आधुनिक गाइडेंस सिस्टम और सैटेलाइट नेविगेशन के उपयोग के द्वारा प्राप्त की जाती है। मिसाइल को ट्रक पर लगे लांचर से तैनात किया जा सकता है, जिससे इसे तेजी से तैनात किया जा सकता है और साथ ही विभिन्न मिसाइलों को एक ही समय पर लॉन्च करने की क्षमता होती है।
वैश्विक सुरक्षा पर प्रभाव
FATH-360 की रूस को आपूर्ति ने वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण परिवर्तन की संभावना को जन्म दिया है। रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष में इस मिसाइल का उपयोग न केवल रणनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है, बल्कि इसमें शामिल देशों के बीच तनाव भी बढ़ा सकता है। इस मिसाइल की सामरिक क्षमताओं को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि यह रूस को एक अतिरिक्त सैन्य लाभ प्रदान कर सकती है, जो यूक्रेन और पश्चिमी देशों के लिए चिंता का विषय है।
यूरोपीय संघ ने ईरान की इस आपूर्ति के प्रति अपनी चिंताओं को व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि ईरान द्वारा इस प्रकार की मिसाइलें प्रदान की जाती हैं, तो वह और अधिक कड़े प्रतिबंधों का सामना कर सकता है। अमेरिका भी इस घटनाक्रम को लेकर गंभीर है और इसके संभावित वैश्विक प्रभावों को लेकर सतर्क है।
आतंकवाद और मिसाइल तकनीक
ईरान की मिसाइल प्रौद्योगिकी का प्रभाव केवल परंपरागत सैन्य संघर्षों तक ही सीमित नहीं है। इसके संभावित आतंकवादी उपयोग की भी चिंताएँ हैं। शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों की मोबिलिटी और सटीकता उन्हें आतंकवादी संगठनों द्वारा भी इस्तेमाल की जा सकती है, जो वैश्विक सुरक्षा के लिए एक नई चुनौती उत्पन्न कर सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी मिसाइलें सस्ते और आसानी से परिवहन योग्य होने के कारण आतंकवादी गतिविधियों में भी शामिल की जा सकती हैं। हालांकि, इस पर नियंत्रण और निगरानी की प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि इन हथियारों के गलत हाथों में जाने से रोका जा सके।
FATH-360 बैलिस्टिक मिसाइल की तकनीकी विशेषताएँ और इसकी रूस को आपूर्ति ने वैश्विक सुरक्षा के मुद्दों को पुनः उभार दिया है। इसके प्रभावी उपयोग से क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा संकट उत्पन्न हो सकते हैं। इस प्रकार की मिसाइलों की आपूर्ति और तकनीक के कारण, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक साथ मिलकर इससे जुड़े खतरे को समझने और इससे निपटने के उपाय करने की आवश्यकता है।

