Israel Iran War में बड़ा दावा: नेतन्याहू बोले- ईरान की ताकत खत्म, IRGC ने F-35 को निशाना बनाने का दावा किया
Israel Iran War के बीच हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़े दावे करते हुए कहा कि इजराइल ईरान के खिलाफ निर्णायक बढ़त बना चुका है। वहीं दूसरी ओर ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई के दावे किए हैं, जिससे पूरे मिडिल-ईस्ट में तनाव और गहरा गया है।
नेतन्याहू का बड़ा दावा—ईरान की ताकत कमजोर
Israel Iran War के बीच नेतन्याहू ने कहा कि बीते 20 दिनों में इजराइल ने ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। उनका दावा है कि अब ईरान के पास न तो यूरेनियम संवर्धन की प्रभावी क्षमता बची है और न ही बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की ताकत।
उन्होंने कहा कि इजराइल ने
100 से अधिक मिसाइल लॉन्चर नष्ट किए
हथियार बनाने वाली कई फैक्ट्रियों को तबाह किया
ईरान की रणनीतिक क्षमता को कमजोर कर दिया
नेतन्याहू ने यह भी कहा कि “हम जीत रहे हैं और ईरान लगातार कमजोर हो रहा है।”
साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले का दावा
नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड से जुड़े प्रोसेसिंग प्लांट पर हमला इजराइल ने अकेले किया था और इसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल से फिलहाल ऐसे हमलों को रोकने के लिए कहा है, और इजराइल इस अनुरोध का पालन कर रहा है।
‘मैं जिंदा हूं’—अफवाहों पर नेतन्याहू का जवाब
जंग के बीच नेतन्याहू ने अपनी मौत की अफवाहों को भी सिरे से खारिज किया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं जिंदा हूं और आप सब इसके गवाह हैं।”
यह बयान उन खबरों के बाद आया, जिनमें उनकी मौत को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।
जंग के तीन बड़े लक्ष्य बताए
Israel Iran War को लेकर नेतन्याहू ने इजराइल के तीन प्रमुख लक्ष्य भी स्पष्ट किए—
ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करना
बैलिस्टिक मिसाइल खतरे को समाप्त करना
ईरानी जनता के लिए स्वतंत्रता की परिस्थितियां बनाना
उन्होंने संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो जमीनी कार्रवाई भी की जा सकती है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि बदलाव के लिए ईरानी जनता की भूमिका अहम होगी।
ईरान का दावा—F-35 जेट को किया नुकसान
दूसरी ओर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को निशाना बनाकर नुकसान पहुंचाया है।
IRGC ने इस हमले का वीडियो भी जारी किया है, जिसमें जेट को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
F-35 दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में गिना जाता है और इसकी कीमत 100 मिलियन डॉलर से अधिक होती है।
अमेरिकी पुष्टि—इमरजेंसी लैंडिंग हुई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह स्वीकार किया है कि एक F-35 जेट को मिशन के दौरान इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि नुकसान किस वजह से हुआ।
बताया गया है कि विमान को मिडिल-ईस्ट के किसी देश में सुरक्षित उतारा गया।
अमेरिका का बड़ा रक्षा सौदा—UAE को हथियार
Israel Iran War के बीच अमेरिका ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को करीब 7 अरब डॉलर के अतिरिक्त हथियार देने की मंजूरी दी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार इस सौदे में शामिल हैं—
लगभग 5.6 अरब डॉलर के Patriot PAC-3 मिसाइल सिस्टम
करीब 1.32 अरब डॉलर के CH-47 Chinook हेलिकॉप्टर
यह सौदे पहले से मौजूद रक्षा समझौतों के विस्तार के तहत किए गए हैं।
सऊदी अरब ने गिराए ड्रोन
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि देश के पूर्वी हिस्से में चार ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया गया है।
पिछले कुछ घंटों में लगातार ड्रोन हमलों की कोशिशें की जा रही हैं, जिनका सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम जवाब दे रहा है।
कुवैत की रिफाइनरी पर हमला, यूनिट्स बंद
कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर भी एक बार फिर ड्रोन हमला किया गया। इस हमले के बाद रिफाइनरी के कुछ हिस्सों में आग लग गई और कई यूनिट्स को बंद करना पड़ा।
यह रिफाइनरी रोजाना करीब 4.54 लाख बैरल तेल उत्पादन करती है, जिससे इस हमले का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है।
मिडिल-ईस्ट में बढ़ता तनाव और वैश्विक असर
Israel Iran War अब केवल दो देशों के बीच संघर्ष नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर पूरे मिडिल-ईस्ट और वैश्विक राजनीति पर पड़ रहा है।
तेल आपूर्ति, रक्षा सौदे, और क्षेत्रीय सुरक्षा सभी इस संघर्ष से प्रभावित हो रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि स्थिति जल्द नियंत्रित नहीं हुई, तो इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

