Jhansi: प्रेमी के साथ घर छोड़कर फरार हुई सुखवती, बहुओं के गहने और 40 हजार रुपये भी ले गई
Jhansi जिले के मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम स्यावरी में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। 40 वर्षीय सुखवती ने अपने 35 वर्षीय प्रेमी अमर सिंह के साथ घर छोड़कर फरार हो गई, और जाते समय उसने अपनी बहुओं के गहने और 40 हजार रुपये भी ले लिए, जो उनके डिलीवरी के लिए जमा किए गए थे। इस घटना ने परिवार के सभी सदस्यों को सकते में डाल दिया। अब पति कामता प्रसाद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
सुखवती का प्रेमी के साथ फरार होना
सुखवती, जो दो बेटों की मां और दो छोटे पोतों की दादी हैं, एक सामान्य घरेलू महिला थीं। उनका जीवन अपने पति कामता प्रसाद और बच्चों के साथ शांति से बीत रहा था। लेकिन ढाई साल पहले जब सुखवती की मुलाकात भिंड जिले के एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने के दौरान अमर सिंह से हुई, तो उनका जीवन पलट गया। अमर सिंह के साथ उसकी छिपी हुई मुलाकातें शुरू हो गईं, जिससे उनके पारिवारिक रिश्तों में दरार आ गई। कामता प्रसाद ने कई बार उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन सुखवती ने इसे नजरअंदाज किया।
घर छोड़ने से पहले किए गए गहरे जख्म
सुखवती के इस कदम ने परिवार के सभी सदस्यों को तोड़ दिया। विशेषकर उनके बेटों और बहुओं को बहुत गहरा धक्का लगा। जब कामता अपने बेटे का इलाज कराने झांसी गए थे, तब सुखवती ने मौका पाकर घर से अपनी बहुओं के गहने, नकदी और अन्य सामान चुराया और अमर सिंह के साथ फरार हो गई। यह घटना न केवल पारिवारिक विश्वासघात का प्रतीक बनी, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी गहरा असर डाला।
पति की चुप्पी और परिवार का दर्द
कामता प्रसाद ने थाने में रोते हुए अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने कहा, “मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरी पत्नी ऐसा कदम उठाएगी। हमारे पोते-पोतियां बेचैन हैं, और उनकी डिलीवरी के लिए जमा किए गए 40 हजार रुपये का क्या होगा? इस विश्वासघात ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है।”
उनके बेटे और बहुओं ने भी सुखवती पर गंभीर आरोप लगाए। बेटे ने कहा, “हम मजदूरी करके गुजारा करते हैं। अब हम कैसे इस सदमे को सहन करें? मां ने हमें धोखा दिया है और अब हम कैसे आगे बढ़ेंगे?”
पुलिस की जांच और कार्रवाई
मऊरानीपुर कोतवाली प्रभारी ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि कामता प्रसाद की शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। सुखवती और अमर सिंह दोनों को सह-अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस की टीम भिंड, मुरैना और आसपास के इलाकों में छापेमारी कर रही है, और अमर सिंह के बिहुनी गांव में भी सर्वे चल रहा है।
पुलिस ने यह भी कहा कि मामला संवेदनशील है और जल्द ही दोनों अभियुक्तों को पकड़ लिया जाएगा। प्रभारी ने आश्वासन दिया कि परिवार को न्याय मिलेगा और सुखवती तथा उसके प्रेमी को पकड़ने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
क्या यह केवल एक पारिवारिक विवाद है या कुछ और?
इस घटना ने परिवार की साख को ही नहीं, बल्कि समाज में पारिवारिक रिश्तों के महत्व पर भी सवाल उठाया है। क्या यह केवल एक पारिवारिक विवाद था या कुछ और? क्या समाज में ऐसी घटनाएं केवल व्यक्तिगत झगड़ों का परिणाम हैं, या ये एक और बड़े मसले का हिस्सा हैं, जिसे हम नजरअंदाज कर रहे हैं? यह घटना एक गंभीर सवाल छोड़ती है, जो आने वाले समय में और अधिक चर्चा का विषय बनेगा।
पारिवारिक रिश्तों की कमजोरी और समाज की भूमिका
समाज में जब पारिवारिक रिश्तों की इस तरह से नींव हिलती है, तो यह केवल उन परिवारों के लिए नहीं, बल्कि समाज के लिए भी एक बड़ा चेतावनी संदेश है। पारिवारिक विश्वास और सम्मान की नींव पर इस तरह के हमले पारिवारिक ढांचे को कमजोर कर सकते हैं। क्या हम समाज में ऐसे पारिवारिक रिश्तों को और मजबूत करने के लिए कुछ कर रहे हैं? क्या समाज और कानून ऐसे मामलों में सही तरीके से कदम उठा रहे हैं?

