Kanpur देहात हत्याकांड का बड़ा खुलासा: वशीकरण, अंधविश्वास और पैसों के विवाद में गल्ला व्यापारी की हत्या—तांत्रिक नीलू गौतम गिरफ्तार
Kanpur देहात के शिवली थाना क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज murder case में रविवार को पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। अरसदपुर निवासी 22 वर्षीय गल्ला व्यापारी राजाबाबू की हत्या उसी कथित तांत्रिक ने की थी, जिस पर वह भरोसा करके वशीकरण कराने आया था।
अंधविश्वास, वशीकरण और तंत्र विद्या के नाम पर पैसों का विवाद इस हत्या की जड़ में था।
एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने बताया कि आरोपी तांत्रिक नीलू गौतम, निवासी बिहारीपुरवा, को रविवार दोपहर 11:55 बजे हरदियानाला के पास गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने राजाबाबू की हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया।
प्रेम-प्रसंग और अंधविश्वास—युवती को पाने की जिद ने राजाबाबू को तांत्रिक के चंगुल तक पहुंचाया
पुलिस के अनुसार राजाबाबू गांव की एक युवती से प्रेम करता था और उससे विवाह करना चाहता था।
लेकिन अप्रैल 2025 में लड़की की शादी हो गई, जिससे वह बेहद टूट गया।
इसी भावनात्मक कमजोरी का फायदा नीलू ने उठाया।
राजाबाबू को गांव में पता चला था कि नीलू “तंत्र विद्या” और “वशीकरण” करता है।
उसने तुरंत नीलू से संपर्क किया और पहली बार वशीकरण के लिए 36 हजार रुपये दिए।
कुछ समय बाद युवती का अपने पति से विवाद हुआ और वह मायके लौट आई।
यह सुनते ही राजाबाबू को लगा कि वशीकरण असर कर रहा है और उसका यकीन अंधविश्वास में बदल गया।
चार महीने बाद फिर ‘क्रिया’ की मांग—इस बार तांत्रिक ने 6 लाख रुपये मांगे
जब युवती वापस अपने ससुराल लौट गई, तो राजाबाबू ने दोबारा वशीकरण कराने के लिए नीलू से संपर्क किया।
इस बार नीलू ने उससे 6 लाख रुपये की मांग कर दी।
राजाबाबू ने आर्थिक असमर्थता जताई और 2 लाख रुपये देने की बात कही।
नीलू ने “दोस्ती” का हवाला देकर 2 लाख में क्रिया करने के लिए हामी तो भर दी, लेकिन उसके इरादे बदल चुके थे।
यही आर्थिक लालच आगे चलकर Kanpur Dehat murder case की वजह बन गया।
घटना का दिन: शराब, मिठाई और तंत्र सामग्री—एक सुनियोजित षड्यंत्र की शुरुआत
24 नवंबर की दोपहर 3:30 बजे नीलू को राजाबाबू का फोन आया—
दोनों भेवान में मिले।
इसके बाद औनाहा के शराब ठेके से तीन क्वार्टर लिए।
वशीकरण के लिए 60 रुपये की पांच प्रकार की मिठाई, नींबू और कलावा साथ ले जाया गया।
दोनों सैय्यद बाबा मजार के पास ऊसर खेत पहुंचे।
यहाँ पहले दोनों ने शराब पी।
जब पैसों की बात हुई तो राजाबाबू ने कहा कि वह सिर्फ डेढ़ लाख रुपये ही ला पाया है।
यही बात दोनों के बीच विवाद बन गई।
हत्या की वारदात—चाकू से सीने पर कई वार, फिर लूटकर फरार
विवाद बढ़ते-बढ़ते हिंसा में बदल गया।
आरोपी नीलू ने साथ लाए चाकू से राजाबाबू के—
सीने
और पेट
पर कई वार किए।
घटनास्थल पर 8 गहरे घाव मिले हैं।
राजाबाबू वहीं ढेर हो गया।
नीलू उसके पास मौजूद नकदी, मोबाइल और अन्य सामान लेकर भाग गया।
हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश—फोटो चस्पा पत्र, ब्लेड और मंचित सीन
नीलू ने पुलिस को चौंकाने वाला सच बताया—
उसने राजाबाबू से “क्रिया शुरू करने से पहले देवताओं का आह्वान” के नाम पर एक पत्र लिखवाया, जिसमें लिखा था—
“युवती मेरी जिंदगी है, मैंने डेढ़ लाख रुपये उसके पीछे लगा दिए…”
पत्र पर युवती की फोटो चिपकाई।
हत्या के बाद इस पत्र को राजाबाबू के सीने के पास रख दिया, ताकि लगे कि उसने खुद यह लिखा है।
इसके बाद दो ब्लेडों पर खून लगाकर पास में फेंक दिए।
मकसद था कि पुलिस इसे आत्महत्या मान ले।
25 नवंबर को मिला शव—परिवार और गांव में हड़कंप
25 नवंबर की सुबह भेवान–केसरी निवादा मार्ग पर नया पुरवा के पास लोगों ने लाश देखी।
राजाबाबू के सीने में गहरे घाव देखकर हत्या की पुष्टि हुई।
परिवार और गांव में शोक और आक्रोश फैल गया।
27 नवंबर को पिता संतराम ने नीलू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस की सटीक जांच—शराब क्वार्टर के QR कोड ने खोला पूरा राज़
शुरुआत में परिस्थितियाँ उलझी हुई थीं।
लेकिन पुलिस को घटनास्थल से मिले शराब के क्वार्टर का QR कोड हाथ लगा।
स्कैन करने पर ठेका—औनाहा—का नाम आया।
सीसीटीवी फुटेज निकलवाई गई—
और उसमें नीलू और राजाबाबू साथ दिखाई दिए।
सर्विलांस लोकेशन भी एक ही जगह मिली।
यहीं से पुलिस को पूरा सच पता चला और कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई।
आरोपी से बरामद हुआ सामग्री—चाकू, पैसा, मोबाइल और तंत्र सामग्री
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी से—
घटना में प्रयुक्त चाकू
मृतक का लूटा मोबाइल
एक लाख रुपये
मोटरसाइकिल
नींबू और कलावा
बरामद किए।
नीलू को अदालत में पेशकर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
कम समय में अमीर बनने का सपना—एक तांत्रिक कैसे बना हत्यारा
नीलू दिल्ली में सिलाई का काम करता था।
वह घर का सबसे छोटा था।
बहन की बीमारी के दौरान वह एक तांत्रिक के संपर्क में आया और यही से तंत्र विद्या में उसकी दिलचस्पी शुरू हुई।
जल्द ही उसने सीख लिया कि अंधविश्वास के दम पर लोगों को कैसे डराया, वश में किया और ठगा जा सकता है।
“कम समय में अमीर बनने” की चाह ने उसे रास्ता भटका दिया।
वह तंत्र विद्या के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठने लगा।
और इस लालच ने अंततः उसे हत्या जैसी जघन्य वारदात करने पर मजबूर कर दिया।
लूटे गए पैसे का उपयोग—नीलू ने 50,000 रुपये जुए में उड़ा दिए
नीलू हत्या के बाद सीधे कानपुर चला गया और वहां 50,000 रुपये जुए में हार गया।
पूजा सामग्री को सकरेज तिराहे पर पानी भरे गड्ढे में फेंका।
राजाबाबू का मोबाइल तोड़कर पास ही फेंक दिया।
पुलिस की जांच और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग ने उसे आखिरकार दबोच लिया।
अंधविश्वास का घातक रूप—युवती को पाने की सनक ने छीन ली युवक की जिंदगी
इस पूरे Kanpur Dehat murder case का सबसे खौफनाक पहलू यह है कि राजाबाबू जैसे कई युवा आज भी तंत्र–वशीकरण के झांसे में आ जाते हैं।
राजाबाबू के अंधविश्वास, भावनात्मक कमजोरी और प्रेम की जिद को नीलू जैसे लोगों ने अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया।
अगर समय रहते किसी ने उसे समझाया होता, या वह ऐसे धोखे से बचता—तो शायद उसकी जान बच सकती थी।

