Kanpur News: बिकरू कांड में अपराधी विकास दुबे का मददगार मोहन अवस्थी गिरफ्तार
Kanpur News: बिकरू कांड के बाद विकास दुबे और उसके साथियों की भागने में मदद करने वाले आठवें आरोपी को लगभग 15 माह के बाद पुलिस ने आखिरकार देर रात पनकी से गिरफ्तार कर लिया है।इससे पहले स्पेशल टास्क फोर्स (STF) सात मददगारों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
2 जुलाई देर रात बिकरू कांड को अंजाम देने के बाद विकास अपने गुर्गे प्रभात और अमर दुबे के साथ फरार हुआ था।3 जुलाई, 2020 की दोपहर अमर को रामजी करियाझाला में संजय परिहार की बगिया ले गया।शाम को विकास और प्रभात को भी वहीं पहुंचाया था।
यहां अभिनव तिवारी, अर्पित मिश्रा उर्फ पुत्तू मिश्रा, विक्की यादव, अमन शुक्ला, मोहन अवस्थी आदि मौजूद थे।अमर ने अर्पित से सुरक्षित ठिकाने पहुंचाने के लिए कहा तो वह उसे अपने ट्यूबवेल ले गया था।जहां से उसने मंगलपुर निवासी शुभम पाल से संपर्क किया था।इसके बाद शुभम ने विकास, अमर और प्रभात को दो दिन तक अपने ठिकाने पर रुकवाया था।
5 जुलाई, 2020 के बाद तीनों बदमाशों को शुभम अपनी कार से औरैया छोड़ आया था। यहां से तीनों फरीदाबाद पहुंचे थे। बाद में तीनों को एनकाउंटर में मार गिराया गया था।एनकाउंटर के बाद असलहों का जखीरा रामजी, अर्पित और विष्णु के पास था
मामला ठंडा होने पर आठ माह बाद रामजी ने असलहे और कारतूस बेचने के प्रयास शुरू किए थे। जनवरी में संजय, अमन और अभिनव ने रामजी से संपर्क किया था।संजय ने एक सेमी आटोमेटिक रायफल व एक डबल बैरल बंदूक का सौदा इटावा-भिड रोड स्थित पेट्रोल पंप मालिक सत्यवीर सिंह यादव के रिश्तेदार मनीष यादव से किया था।
इसी दौरान एसटीएफ ने असलहा खरीदने वाले समेत सात आरोपितों को दबोचा था।जिसका, पनकी थाने में मुकदमा पंजीकृत हुआ था। लेकिन इस दौरान लगातार डेढ़ साल तक आठवां आरोपी मोहन अवस्थी फरार चल रहा था जिसे आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पनकी थाना प्रभारी दधिबल तिवारी ने बताया कि आरोपियों की मदद करने वाला आठवां मददगार चौबेपुर जरारी गांव निवासी मोहन अवस्थी को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले अन्य मदद करो जेल भेजा जा चुका है।

