karan johar ने एक बार फिर कैंप और नेपोटिज्म पर की सफाई, कहा – “सबूत दिखाओ तो बताऊं!”
फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाले करण जौहर अक्सर विवादों में घिरे रहते हैं। चाहे वो बॉलीवुड में नेपोटिज्म के आरोप हो या फिर कैंप चलाने की बातें, karan johar पर ये आरोप समय-समय पर लगते रहते हैं। खासकर कंगना रनोट ने उन्हें बार-बार मूवी माफिया और कैंप चलाने वाला बताया है। कंगना के आरोपों के बाद, अब करण जौहर ने इस पर अपनी सफाई दी है और एक इंटरव्यू में इसे पूरी तरह से नकारते हुए कहा है कि उनके पास कोई कैंप नहीं है और ये सिर्फ अफवाहें हैं।
क्या है कैंप और नेपोटिज्म का मुद्दा?
“कैंप” का मतलब बॉलीवुड में आमतौर पर एक ग्रुप से होता है, जिसमें कुछ खास लोग एक दूसरे से जुड़े होते हैं और अक्सर अपनी फिल्में एक-दूसरे के साथ करते हैं। वहीं, “नेपोटिज्म” का आरोप उन पर लगता है जो अपने परिवार या करीबी रिश्तेदारों को ज्यादा मौके देते हैं। ऐसा आरोप कंगना रनोट ने सबसे पहले करण जौहर पर लगाया था और यह मामला काफी सुर्खियों में आया था।
कंगना ने सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद खुलकर करण जौहर और उनके जैसे फिल्म प्रोड्यूसर्स पर आरोप लगाए थे कि ये लोग इंडस्ट्री में अपने ही लोगों को प्रमोट करते हैं और आउटसाइडर्स को बाहर रखने की साजिश करते हैं। कंगना ने कहा था कि मूवी माफिया इंडस्ट्री में गहरे तौर पर पैठ बना चुका है, और इनका यही कैंप सिस्टम कई युवा एक्टर्स के करियर को खत्म कर देता है।
करण जौहर ने दिया कड़ा जवाब
हालांकि, करण जौहर ने कंगना रनोट और अन्य के आरोपों का जोरदार जवाब दिया है। गेम चैंजर के एक इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि क्या बॉलीवुड में कैंप होते हैं, तो उन्होंने कहा, “हम सभी के साथ काम करते हैं। आपने यशराज, मैडॉक, साजिद सर को देखा होगा, हम सबके साथ काम करते हैं। कहां है यह कैंप? मेरी सबसे गहरी दोस्ती शाहरुख खान के साथ है, लेकिन हम दोनों ने पिछले 15 सालों में एक साथ कोई फिल्म नहीं की। क्या इसका मतलब है कि हम दोस्त नहीं हैं? क्या इसका मतलब है कि हमारा कोई कैंप है?”
अपने कलाकारों के बारे में भी बात की
करण ने आगे कहा, “मैंने वरुण धवन, सिद्धार्थ मल्होत्रा, आलिया भट्ट को इंड्रूड्यूस किया है, लेकिन क्या आप देख सकते हैं कि ये सभी अब दूसरे प्रोडक्शन हाउस की फिल्मों में काम कर रहे हैं? सिद्धार्थ ने हाल ही में मैडॉक की फिल्म की। वरुण ने कई और प्रोड्यूसर्स के साथ काम किया। आलिया ने संजय लीला भंसाली के साथ काम किया। तो फिर इस बात का क्या मतलब है कि कैंप का आरोप क्यों लगाया जा रहा है?”
करण ने यह भी कहा, “कैंप का मतलब क्या है? क्या यह समर कैंप है, जहां आप कुछ दिन रहते हो और फिर घर वापस चले जाते हो? मैं थक चुका हूं, इन सब बातों से। कोई भी सबूत दिखाओ तो बताऊं, लेकिन जब तक कोई सबूत नहीं होता, तब तक इस सब को मनगढ़ंत ही मानना चाहिए।”
कंगना का आरोप और करण का खंडन
कंगना रनोट ने करण जौहर पर आरोप लगाया था कि वे मूवी माफिया हैं, जो इंडस्ट्री में आउटसाइडर्स को ऊपर उठने से रोकते हैं। कंगना ने कहा था कि बॉलीवुड में कैंप और भाई-भतीजावाद की वजह से सुशांत सिंह राजपूत जैसे टैलेंटेड एक्टर्स को अपने करियर में कई बार निराशा का सामना करना पड़ा।
कंगना ने कहा, “इंडस्ट्री में मूवी माफिया की जड़ें बहुत गहरी हैं। रानी लक्ष्मीबाई पर बनी फिल्म की कोई बात नहीं करता, लेकिन आलिया भट्ट अपनी छोटी सी भूमिका के लिए अवॉर्ड्स ले जाती हैं। फिल्म माफिया के लोग अपने ही कैंप के एक्टर्स को प्रमोट करते हैं और अपनी फिल्मों में उन्हीं को साइन करते हैं।”
करण जौहर का कहना है – “बिना सबूत के आरोप गलत हैं”
करण जौहर ने अपने इंटरव्यू में यह भी कहा कि जब तक कोई ठोस सबूत नहीं है, तब तक इन आरोपों को खारिज करना चाहिए। उन्होंने कहा, “कैंपिज्म सिर्फ एक शब्द है। यदि कोई साबित कर सकता है कि मेरे पास कोई कैंप है, तो मैं जरूर इसे स्वीकार करूंगा। लेकिन जब तक किसी के पास ऐसा कोई सबूत नहीं है, तब तक इन आरोपों का कोई मतलब नहीं है।”
क्या है करण का नजरिया?
करण का मानना है कि बॉलीवुड में कई स्टूडियो और प्रोड्यूसर्स हैं, और हर कोई अपने तरीके से काम करता है। अगर कोई किसी को प्रमोट करता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह एक कैंप चला रहा है। बॉलीवुड में हर प्रोड्यूसर का अपना तरीका होता है और वह अपने हिसाब से काम करता है।
करण ने यह भी कहा, “अगर आप देखो तो हर प्रोड्यूसर अपने काम से जुड़ी फिल्में बनाता है। हर कलाकार अलग-अलग प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करता है। जब आप सिर्फ एक प्रोड्यूसर के साथ काम करते हो तो उसका मतलब यह नहीं कि आप किसी कैंप का हिस्सा हो।”
अब क्या होगा?
इन सभी आरोपों और सफाई के बाद, यह सवाल उठता है कि क्या अब करण जौहर को लेकर कंगना और अन्य लोगों के मन में कोई बदलाव आएगा? क्या बॉलीवुड में सचमुच कोई कैंप होता है या यह सिर्फ अफवाह है? यह सवाल आज भी अनुत्तरित है, लेकिन करण जौहर ने खुद को इस मामले में पूरी तरह से बेदाग साबित किया है।
करण जौहर का कहना है कि उन्हें जस्टिफिकेशन देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि वह अपने काम से खुश हैं। उनके अनुसार, अगर कोई कैंप है तो उसे साबित करके दिखाओ, नहीं तो यह सब सिर्फ और सिर्फ अफवाह है।

