करिश्मा कपूर के पूर्व पति Sunjay Kapur की मौत के बाद मचा बवाल: सोना कॉमस्टार की वसीयत, शेयर और विरासत पर छिड़ी जंग!
बॉलीवुड की चर्चित अदाकारा करिश्मा कपूर के पूर्व पति और नामी उद्योगपति Sunjay Kapur की आकस्मिक मृत्यु के बाद अब उनके परिवार में शेयर, विरासत और वसीयत को लेकर जबरदस्त तनाव और कानूनी जंग छिड़ गई है।
12 जून को लंदन में संजय कपूर की मृत्यु के बाद से ही कपूर परिवार में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। संजय कपूर, जो 30 हजार करोड़ की कंपनी सोना कॉमस्टार के चेयरमैन थे, उनके अचानक चले जाने के बाद अब कंपनी की कमान, शेयरों और संपत्ति को लेकर गंभीर विवाद गहराता जा रहा है।
क्या करिश्मा कपूर ने मांगा अपने पूर्व पति के शेयर्स में हिस्सा?
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने सनसनीखेज दावे किए कि करिश्मा कपूर ने संजय कपूर की संपत्ति में हिस्सा मांगा है। लेकिन इन दावों को कपूर परिवार के करीबी सूत्रों ने सिरे से खारिज किया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, एक करीबी पारिवारिक सूत्र ने स्पष्ट किया है कि “करिश्मा कपूर इस उत्तराधिकार विवाद का हिस्सा नहीं हैं। न उन्होंने कोई दावा किया है और न ही संपत्ति में हिस्सा चाहा है। वह सिर्फ अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।”
करिश्मा और संजय के दो बच्चे हैं — बेटी समायरा और बेटा कियान, जिनकी कस्टडी करिश्मा को तलाक के बाद मिली थी।
रानी कपूर का बड़ा आरोप: “साजिश के तहत कराए गए दस्तखत”
संजय कपूर की मां रानी कपूर, जो खुद को कंपनी की असली उत्तराधिकारी और सबसे बड़ी शेयरधारक मानती हैं, ने सोना कॉमस्टार की सालाना बैठक से ठीक पहले बड़ा आरोप लगाया।
रानी कपूर ने 24 जुलाई को कंपनी के स्टेकहोल्डर्स को एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने दावा किया कि “मेरे बेटे की मृत्यु संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई है, और मुझे जानबूझकर सभी फैसलों से दूर रखा जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि कुछ लोगों ने उनसे दबाव में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए, जो बंद दरवाजों के पीछे हुए।
सोना कॉमस्टार की 30,000 करोड़ की विरासत: कौन है असली उत्तराधिकारी?
सोना कॉमस्टार भारतीय ऑटोमोटिव सेक्टर की एक बड़ी कंपनी है जिसकी वैल्यू आज ₹30,000 करोड़ रुपए से अधिक है। ऐसे में संजय कपूर की मौत के बाद इस कंपनी की लीडरशिप, शेयरहोल्डिंग और बोर्ड की कमान पर कई हितधारकों की नजरें टिकी हुई हैं।
रानी कपूर के वकील वैभव गग्गर ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“रानी कपूर इस समूह और परिवार की असली मुखिया हैं। संजय कपूर की अचानक हुई मौत के बाद जो घटनाएं घटी हैं, वो बेहद चिंता का विषय हैं। उन्हें अब तक मौत का वास्तविक कारण नहीं बताया गया है। यह एक सामान्य मौत नहीं लगती।”
स्टेकहोल्डर्स को लिखे पत्र में रानी कपूर ने यहां तक लिखा कि उनके साथ धोखा हुआ है, और उन्हें कंपनी के खातों की जानकारी भी नहीं दी गई। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कराने की मांग की है।
संजय कपूर की मौत: प्राकृतिक या रहस्यमयी?
सोना कॉमस्टार ने आधिकारिक तौर पर कहा था कि संजय कपूर की मृत्यु हार्ट अटैक से हुई, लेकिन रानी कपूर के दावों के बाद मामला उलझता जा रहा है।
कहा जा रहा है कि मौत के बाद जिस तरह से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए, और कंपनी के अंदरूनी फैसलों से रानी कपूर को बाहर रखा गया, वह संदेह को और गहरा करता है।
संजय कपूर की निजी ज़िंदगी: तीन शादियां, दो बच्चे, एक अधूरी कहानी
2003 में करिश्मा कपूर से शादी करने वाले संजय कपूर की शादी लंबे समय तक नहीं चली।
2016 में दोनों ने आपसी सहमति से तलाक लिया, और उनके दो बच्चे करिश्मा के साथ रहते हैं।
करिश्मा से तलाक के बाद संजय ने प्रिया सचदेव से शादी की, जिनकी यह दूसरी शादी थी। प्रिया की पहली शादी से उनकी एक बेटी सफीरा है, जिसे संजय अपने साथ रखते थे।
संजय और प्रिया का एक बेटा अजारियस भी है।
संजय कपूर की पहली शादी नंदिता महतानी से हुई थी, लेकिन वह ज्यादा समय नहीं चली और बच्चों के बिना ही खत्म हो गई।
विरासत की लड़ाई: करिश्मा कपूर भले अलग, लेकिन बच्चों का भविष्य क्या?
हालांकि करिश्मा कपूर ने किसी भी प्रकार का दावा नहीं किया है, लेकिन यह सवाल उठना लाजमी है कि उनके बच्चों का भविष्य इस विरासत में कैसे सुरक्षित रहेगा?
यदि कानूनी रूप से कंपनी की उत्तराधिकार संरचना में कोई बदलाव होता है, तो इसका असर करिश्मा के बच्चों पर पड़ सकता है।
रानी कपूर की ओर से दायर आशंकाएं, शेयरहोल्डर्स को भेजे पत्र, और सोना कॉमस्टार की 30,000 करोड़ की वैल्यू — सब कुछ इस बात की ओर इशारा करता है कि यह विवाद जल्दी थमने वाला नहीं है।
अब आगे क्या?
संजय कपूर की मौत और उसके बाद उठे उत्तराधिकार विवाद ने कपूर परिवार को सार्वजनिक चर्चा में ला खड़ा किया है।
जहां एक ओर करिश्मा कपूर विवादों से दूर रहना चाहती हैं, वहीं दूसरी ओर रानी कपूर के आरोपों और कानूनी चेतावनियों ने सोना कॉमस्टार के भविष्य को भी अनिश्चित बना दिया है।
इस पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच या पारिवारिक सुलह, दोनों ही एक जटिल रास्ता हैं। अब देखना यह होगा कि क्या सच सामने आता है या ये विवाद कोर्ट की चौखट तक पहुंचता है।

