स्पेन भेजने के नाम पर Uzbekistan में अपहरण: कुरुक्षेत्र के 3 युवकों से 45 लाख की फिरौती, एजेंट समेत कई पर केस दर्ज
🌍 Kurukshetra youth kidnapped Uzbekistan मामले ने विदेश भेजने के नाम पर हो रही ठगी और मानव तस्करी के खतरनाक नेटवर्क को उजागर कर दिया है। कुरुक्षेत्र के तीन युवकों को स्पेन भेजने का सपना दिखाकर एजेंटों ने उन्हें उज्बेकिस्तान भेज दिया, जहां पहुंचते ही उनका अपहरण कर लिया गया। किडनैपर्स ने तीन दिन तक हाथ-पांव बांधकर उन्हें प्रताड़ित किया और परिवार से 45 लाख रुपये की फिरौती वसूली।
परिजनों के मुताबिक फिरौती देने के बाद ही युवकों को रिहा किया गया। इस मामले में एजेंट प्रेम सैनी, उसकी पत्नी अनीता रानी तथा उनके सहयोगी अकरम खान और अली के खिलाफ थाना कृष्णा गेट में केस दर्ज कर लिया गया है।
स्पेन भेजने के नाम पर 15-15 लाख रुपये में हुई थी डील
✈️ Kurukshetra youth kidnapped Uzbekistan प्रकरण में सामने आया है कि आरोपी एजेंटों ने तीनों युवकों को स्पेन भेजने के लिए 15-15 लाख रुपये की मांग की थी।
पीड़ित युवकों की पहचान—
👉 मोहन लाल (पुत्र सुनील कुमार)
👉 बहादुर सिंह (पुत्र कुलदीप सिंह)
👉 मनदीप (पुत्र सोमप्रकाश)
बताई गई है। परिवारों से शुरुआत में 2-2 लाख रुपये एडवांस लिए गए थे, जबकि बाकी रकम स्पेन पहुंचने के बाद देने की बात तय हुई थी।
सीधे स्पेन की जगह बदला गया यात्रा मार्ग
📍 एजेंटों ने परिवारों को भरोसा दिलाया कि सीधे स्पेन भेजना संभव नहीं है। इसलिए पहले उज्बेकिस्तान, फिर अजरबैजान होते हुए स्पेन भेजने की योजना बताई गई।
जनवरी 2026 में पासपोर्ट लेकर एजेंटों ने एडवांस रकम वसूल ली और 9 फरवरी को उज्बेकिस्तान का वीजा जारी करवाया। इसके बाद 16 फरवरी को तीनों युवकों की फ्लाइट करवाई गई।
दिल्ली से उज्बेकिस्तान तक पूरी योजना के तहत भेजे गए युवक
🧭 15 फरवरी की शाम परिवार तीनों युवकों को लेकर दिल्ली के महिपालपुर स्थित होटल पहुंचे। यहां अकरम खान और अली ने उनके दस्तावेजों की जांच की और दावा किया कि उज्बेकिस्तान में उनके लोग मौजूद हैं जो युवकों को रिसीव करेंगे।
16 फरवरी को शाम करीब चार बजे तीनों युवक उज्बेकिस्तान पहुंच गए, जहां एयरपोर्ट पर अकबर खान और दानिश खान नामक दो व्यक्तियों ने उन्हें अपने साथ ले लिया।
इसके बाद ही पूरा घटनाक्रम भयावह मोड़ ले गया।
तीन दिन तक हाथ-पांव बांधकर किया गया टॉर्चर
⚠️ Kurukshetra youth kidnapped Uzbekistan मामले में परिवार को 18 फरवरी को युवकों का वीडियो कॉल आया। कॉल के दौरान किडनैपर्स ने दिखाया कि उनके हाथ-पांव बांधकर मारपीट की जा रही है।
इसके बाद बाबा खान नाम के व्यक्ति का फोन आया, जिसने धमकी देते हुए कहा—
👉 हमने तुम्हारे बच्चों को एजेंट से खरीद लिया है
👉 पैसे नहीं दिए तो जान से मार देंगे
इस धमकी ने परिवारों को पूरी तरह झकझोर दिया।
परिवार से 45 लाख रुपये की फिरौती की गई वसूली
💰 किडनैपर्स ने युवकों की रिहाई के बदले 45 लाख रुपये की मांग रखी। घबराए परिजनों ने एजेंट प्रेम सैनी से संपर्क किया तो उसने कहा कि रकम दे दो, बच्चों को छुड़वा लिया जाएगा।
20 फरवरी को परिवार ने आरोपियों को 45 लाख रुपये दे दिए। इसके अगले ही दिन युवकों को छोड़ दिया गया।
रिहाई के बाद सुरक्षित लौटे तीनों युवक
🏠 फिरौती मिलने के बाद आरोपियों ने युवकों की टिकट करवाई और वे सुरक्षित भारत लौट आए। घर पहुंचने के बाद परिवारों ने एजेंट से पैसे वापस मांगे, लेकिन उसने रकम लौटाने से साफ इनकार कर दिया।
इसके बाद पीड़ित परिवारों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
थाना कृष्णा गेट में दर्ज हुआ केस, जांच शुरू
👮♂️ Kurukshetra youth kidnapped Uzbekistan मामले में पुलिस ने आरोपी एजेंट प्रेम सैनी, उसकी पत्नी अनीता रानी और सहयोगियों अकरम खान व अली के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अब—
👉 विदेश भेजने के नेटवर्क की जांच
👉 अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान
👉 वित्तीय लेनदेन की पड़ताल
जैसे पहलुओं पर काम कर रही है।
विदेश भेजने के नाम पर ठगी के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता
🌐 यह मामला एक बार फिर विदेश भेजने के नाम पर सक्रिय एजेंट गिरोहों की गंभीरता को सामने लाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना सत्यापन किए एजेंटों के माध्यम से विदेश जाने की कोशिश करना जोखिम भरा हो सकता है।
ऐसे मामलों में अक्सर—
👉 नकली वीजा
👉 फर्जी रूट
👉 मानव तस्करी नेटवर्क
👉 फिरौती और शोषण
जैसी घटनाएं सामने आती हैं।
परिवारों में दहशत, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
😟 इस घटना के बाद पीड़ित परिवारों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे गिरोह और लोगों को निशाना बना सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

