Maharajganj हत्याकांड: पत्नी और प्रेमी ने मिलकर पति की हत्या, बेटे को नशे की गोली देकर वारदात को अंजाम दिया!
उत्तर प्रदेश के Maharajganj जिले से एक भयानक हत्या की कहानी सामने आई है। यहाँ एक शादीशुदा महिला ने अपने पति नागेश्वर रौनियार की बेरहमी से हत्या कर डाली। घटना की पूरी कहानी इस हद तक भयावह है कि इसे पढ़कर किसी का भी रूह कांप सकता है।
महाराजगंज के कोतवाली ठूठीबारी थाना क्षेत्र के राजाबारी गांव की रहने वाली 22 वर्षीय नेहा ने अपने पति 26 वर्षीय नागेश्वर रौनियार को शराब पिला कर और नशे में धुत्त करके मार डाला। पुलिस के अनुसार, नेहा ने अपने प्रेमी जितेंद्र के साथ मिलकर यह हत्या की योजना बनाई थी।
नागेश्वर और नेहा की शुरूआती जिंदगी
नागेश्वर और नेहा की शादी छह साल पहले लव मैरिज के रूप में हुई थी। दोनों का एक प्यारा बेटा आदविका भी था। शुरुआत में उनकी जिंदगी खुशी-खुशी चल रही थी। लेकिन एक साल पहले नागेश्वर किसी मामले में जेल चले गए।
उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाते हुए, नेहा के और उसके पति के दोस्त जितेंद्र के बीच संबंध बन गए। यह अवैध संबंध दोनों की जिंदगी के लिए सबसे खतरनाक मोड़ साबित हुआ।
शराब और नशे में हत्या का खौफनाक प्लान
जब नागेश्वर जेल से बाहर आए तो उन्हें अपने पत्नी और दोस्त के रिश्तों के बारे में पता चला। उन्होंने कई बार नेहा से प्यार और बेटे आदविका की जिम्मेदारी का हवाला देकर बात की, लेकिन उनकी हर कोशिश नाकाम रही।
आखिरकार, नेहा और जितेंद्र ने नागेश्वर को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बना लिया। 12 सितंबर को नेहा ने बिस्मिल नगर बुलाकर अपने पति को शराब पिलाई। खुद भी बीयर पीकर शराब के नशे में धुत्त नागेश्वर सो गए। इसके बाद नेहा ने अपने दुपट्टे से उनके हाथ-पैर बांध दिए और जितेंद्र के साथ मिलकर उनका गला दबा दिया।
शव को छुपाने और मुंबई भागने का प्रयास
हत्या के बाद नेहा और जितेंद्र ने शव को हादसे का रूप देने की पूरी कोशिश की। उन्होंने नागेश्वर के कपड़े उतार कर शव को नहलाया और बाइक पर लादकर 25 किलोमीटर दूर निचलौल-सिंदुरिया मार्ग पर फेंक दिया। इस दौरान शव सड़क पर घिसटता रहा।
दोनों हत्या के बाद मुंबई भागने की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
बच्चे को वारदात से दूर रखने का खौफनाक तरीका
पुलिस ने बताया कि नेहा ने घटना से पहले अपने बेटे आदविक को नशे की गोली देकर गहरी नींद में डाल दिया था, ताकि वह वारदात के दौरान कुछ न देख सके।
पुलिस अधीक्षक सोमेन्द्र मीणा ने बताया कि 13 सितंबर की रात 3 बजे दमकी गैस एजेंसी के पास युवक का शव मिलने की सूचना मिली। शव की पहचान नागेश्वर रौनियार के रूप में हुई। मृतक के पिता केशव राज रौनियार की तहरीर पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
अद्भुत और खौफनाक घटना ने इलाके में मचाई सनसनी
महाराजगंज का यह हत्याकांड पूरे इलाके में सदमे और भय का कारण बना। स्थानीय लोग और परिवार वाले इस घटना से गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर नेहा और जितेंद्र को जेल भेज दिया है।
इस घटना ने यह भी दिखाया कि रिश्तों में विश्वास की कमी और अवैध संबंध किसी भी इंसान को कितना बड़ा अपराध करने पर मजबूर कर सकते हैं।
स्थानीय पुलिस और सुरक्षा उपाय
पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच पूरी तरह से की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी और सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
महाराजगंज हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। पत्नी और प्रेमी द्वारा की गई यह हत्या, बच्चे को नशे में डालकर वारदात अंजाम देने का तरीका और शव को सुनसान सड़क पर फेंकने की घटना ने अपराध की भयावहता को उजागर कर दिया है। पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजना सुरक्षा और न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

