राष्ट्रीय कार्यकारिणी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के निर्देश पर आईएमए मुजफ्फरनगर ब्रांच ने आज मनाया विरोध प्रदर्शन दिवस
मुजफ्फरनगर। कोरोना योद्धाओं की रक्षा करो के नारे के साथ चिकित्सा पेशे से जुड़े डॉक्टरों एवं कर्मियों पर हमले रोकने की मांग के साथ इंडीयन मेडिकल एसोसिएशन ने १८ जून को देशभर में विरोध प्रदर्शन दिवस मनाने का फैसला किया था।
आईएमए की कार्यकारिणी समिति ने सभी पहलुओं पर विचार करने और डॉक्टरों की चिंता, नाराजगी एवं एकजुटता प्रदर्शित करने के तहत यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया साथ ही, योद्धाओं की रक्षा करो नारे के साथ चिकित्सा पेशे से जुड़े चिकित्सकों एवं चिकित्साकर्मियों पर हमले रोकने की मांग भी की।
मुज़फ़्फ़रनगर सहित आईएमए की सभी शाखाओं द्वारा देशभर में आज विरोध प्रदर्शन दिवस मनाया। चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मीयो के साथ हिंसा के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शित करने के लिए काला बिल्ला, काले झंडे, काले मास्क, काली रिबन, काली शर्ट पहनकर नाराजगी व्यक्त की।
साथ ही विरोध प्रदर्शन के बाद सामूहिक रूप से माननीय प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया जो कि जनप्रतिनिधीयो संजीव बालयान सांसद व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार, कपिल देव अग्रवाल मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार व सिटी मैजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह जी को सौंपा गया।
वैश्विक कोरोना महामारी में चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी की ओर से अपनी जान जोखिम में डाल कर कोरोना संक्रमित मरीजों की सेवा पिछले १५ माह से कर रहे हैं। उसके बावजूद समाज के कुछ लोगों की ओर से चिकित्सकों और कर्मियों से अभद्र व्यवहार किया गया। झारखंड, बिहार, ओड़िसा, असम सहित कई ऐसे राज्य हैं जहां कोरोना वारियर्स पर जानलेवा हमला भी किया गया। उसके बाद भी हम बिना रूके बिना थके जनसेवा में लगे रहे। असामाजिक तत्वों की ओर से पूरे देश मे जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है। उसके खिलाफ शुक्रवार को राष्ट्रीय इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर पूरे भारत वर्ष में विरोध दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के इस विरोध दिवस को आई एम ए ब्रांच मुज़फ़्फ़रनगर ने भी अपना समर्थन पूरा दिया है। १८ जून को सभी चिकित्सक काले वस्त्र काला मास्क काला रिबन बांधकर कार्य किया। आम जन को स्वास्थ्य सेवा सम्बन्धी कोई परेशानी ना हो इसको ध्यान में रखते हुए सभी तरह की स्वास्थ्य सेवायें चलती रही
ओ पी डी, मरीज़ों की भर्ती ऑपरेशन डिलीवरी आदि सभी स्वास्थ्य सेवाए पूर्व की भाँति चलती रही। कोई भी चिकित्सा कार्य बाधित नहीं किया गया। चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी काली पट्टी बांध कर कार्य करते रहे। आईएमए ने अपने उन सभी ७२४ योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने महामारी की दूसरी लहर के दौरान अपनी शहादत दी है. हमारे डॉक्टर ७२४ योद्धाओं की जान गंवा देने के बावजूद समर्पण भाव से स्वास्थ्य सेवा देते आ रहे हैं और कई डॉक्टर संक्रमित भी हो चुके हैं।
ज्ञात हो असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और कई अन्य जगहों पर डॉक्टरों पर हिंसा की कई घटनाएं हो चुकी हैं. कई डॉक्टरों की हड्डियां भी टूटीं और कई गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं. महिला डॉक्टरों के साथ भी गाली-गलौज और हिंसक घटनाएं हुई हैं। ज्ञापन में आईएमए ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा है कि स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए।
हम उनसे केंद्रीय अस्पताल और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स सुरक्षा अधिनियम में आईपीसी की धारा और आपराधिक गतिविधि संहिता शामिल करने की अपील करते हैं। प्रत्येक अस्पताल की सुरक्षा के मानक बढ़ाने, अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करने, दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक अदालत में सुनवाई और उन्हें सख्त से सख्त सजा दिलाने के प्रावधान की अपील करते हैं।
आईएमए ने कोरोना महामारी से बचाने के लिए कोविड वैक्सीन की उपयोगिता के बारे में बताया और अपील की कि भारत के प्रत्येक नागरिक को वैक्सीन की उपलब्धता निशुल्क की जाए जिससे की बहुमूल्य जीवन बचाये जा सके।
ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से आईएमए अध्यक्ष डॉक्टर एम एल गर्ग , सचिव डॉक्टर अनुज माहेश्वरी , डॉक्टर अशोक शर्मा डॉक्टर डी एस मालिक डॉक्टर ईश्वर चंद्रा डॉक्टर हेमन्त शर्मा डॉक्टर रविंद्र जैन आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

