पकड़ा गया जिहादी चेलों का गुरु, धर्मांतरण का देता था ट्रेनिंग, Mirzapur जिम लव जिहाद कांड में बड़ी गिरफ्तारी
News-Desk
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forced conversion, Gym Racket, mirzapur, mirzapur news, Religious conversion, UP crime news, uttar pradesh news, women safetyMirzapur religious conversion racket ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने को झकझोर कर रख दिया है। जिम जैसी आधुनिक और सुरक्षित मानी जाने वाली जगह को आधार बनाकर चल रहे इस कथित धर्मांतरण नेटवर्क के उजागर होने के बाद पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एक मौलवी को गिरफ्तार किया है। यह मामला अब केवल स्थानीय अपराध नहीं रह गया है, बल्कि एक संगठित और सुनियोजित गिरोह की तस्वीर सामने ला रहा है।
🔴 मिर्जापुर में मौलवी की गिरफ्तारी से बढ़ी जांच की आंच
मिर्जापुर जिले में पुलिस ने धर्मांतरण मामले में जिस मौलवी को गिरफ्तार किया है, उसका नाम खलीलुर्रहमान बताया गया है। आरोपी मौलवी चिल्ह थाना क्षेत्र में स्थित हुसैनी मस्जिद में नमाज पढ़ाता था। पुलिस के अनुसार, खलीलुर्रहमान केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं था, बल्कि वह जिम में तैनात ट्रेनरों को धर्मांतरण के लिए प्रशिक्षित करने की भूमिका निभा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि खलीलुर्रहमान के खिलाफ पहले से आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद है। वर्ष 2023 में लोहता में एक हिंदू लड़की की शादी से जुड़े मामले में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
🔴 जिम की आड़ में कैसे चलता था धर्मांतरण का खेल
Mirzapur religious conversion racket की जड़ें एक स्थानीय जिम से जुड़ी पाई गई हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य जिम में आने वाली युवतियों से पहले दोस्ती करते थे, फिर धीरे-धीरे उन्हें प्रेम जाल में फंसाया जाता था। जिम ट्रेनर और उसके साथी युवतियों के भरोसे को हथियार बनाकर उन्हें मानसिक और भावनात्मक रूप से कमजोर करते थे।
पीड़िताओं के आरोपों के मुताबिक, जिम में ट्रेनिंग के दौरान उनके साथ अश्लील हरकतें की गईं और चोरी-छिपे आपत्तिजनक फोटो व वीडियो बनाए गए। बाद में इन्हीं सामग्रियों के जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था।
🔴 ब्लैकमेलिंग, लोन और धर्म परिवर्तन का दबाव
जांच में सामने आया कि यह गिरोह केवल ब्लैकमेल तक सीमित नहीं था। पीड़ित युवतियों के नाम पर जबरन लोन लिए गए और उन्हें आर्थिक रूप से भी फंसाया गया। जब लड़कियों ने इसका विरोध किया तो उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
पीड़िताओं का आरोप है कि उन्हें जबरन मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव डाला गया। कुछ मामलों में युवतियों को बुर्का पहनाकर उनकी तस्वीरें भी खींची गईं, जिन्हें आगे ब्लैकमेलिंग के लिए इस्तेमाल किया गया।
🔴 मोबाइल फोन से खुला राज, 50 से ज्यादा महिलाओं की तस्वीरें
Mirzapur religious conversion racket की जांच के दौरान पुलिस को एक मोबाइल फोन मिला, जिसमें पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर था। जब तकनीकी टीम ने फोल्डर खोला, तो जांच अधिकारी भी हैरान रह गए। उसमें 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो पाए गए।
इनमें सामान्य घूमने-फिरने की तस्वीरों से लेकर यात्राओं और यहां तक कि कथित निकाह से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं। पुलिस इस डिजिटल सबूत को गिरोह की रीढ़ मान रही है।
🔴 शिकायत से हुआ पूरे रैकेट का खुलासा
यह पूरा मामला तब सामने आया जब मिर्जापुर की दो युवतियों ने देहात कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। युवतियों ने बताया कि वे नियमित रूप से जिम में वर्कआउट करने जाती थीं, जहां जिम ट्रेनर शेख अली आलम और उसके साथियों ने उनसे संपर्क बढ़ाया।
धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी, दोस्ती हुई और फिर प्रेम का नाटक शुरू हुआ। इसके बाद शुरू हुआ शोषण, ब्लैकमेल और धर्मांतरण का दबाव।
🔴 अब तक सात गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की रिमांड पर नजर
पुलिस इस Mirzapur religious conversion racket में अब तक कुल सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें जिम ट्रेनर, उसके सहयोगी और अब मौलवी खलीलुर्रहमान शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी इमरान की रिमांड के लिए एक बार फिर अदालत में अपील की जा सकती है, ताकि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा सकें।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह केवल मिर्जापुर तक सीमित नहीं हो सकता और इसके तार अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं।
🔴 समाज और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
यह मामला महिलाओं की सुरक्षा, डिजिटल अपराध और जबरन धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दों को एक साथ सामने लाता है। जिम जैसी सार्वजनिक और भरोसेमंद जगह का इस तरह दुरुपयोग होना समाज के लिए चेतावनी है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और पीड़िताओं को हर संभव सुरक्षा और सहायता दी जाएगी।

