Muzaffarnagar: नशा मुक्त भारत अभियान को लेकर प्रशासन ने कसी कमर, एनकॉर्ड बैठक में लिए अहम फैसले
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) जिले को नशामुक्त बनाने और मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में एनकॉर्ड (NCORD) की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान को गति देने और अवैध मादक पदार्थों की रोकथाम को लेकर कई प्रभावशाली फैसले लिए गए। इसमें जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और अपनी जिम्मेदारियों पर चर्चा की।
बैठक के प्रमुख प्रतिभागी और उनके निर्देश
बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत, जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार, औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य, राजकीय इंटर कॉलेज के उप प्रधानाचार्य नितिन कुमार मलिक, जिला प्रोबेशन विभाग की संरक्षण अधिकारी नीना त्यागी, समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ सहायक सैयद बाकर मेहदी, एएनटीएफ (ANTF) के उप निरीक्षक मोरध्वज, और नारकोटिक्स सेल प्रभारी सत्यनारायण जैसे अधिकारी शामिल थे।
प्रशासन ने दिए ये सख्त निर्देश
अपर जिलाधिकारी ने बैठक में विभिन्न विभागों को नशे के खिलाफ ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया:
1. अवैध शराब की तस्करी पर सख्ती
आबकारी विभाग को सख्त निर्देश दिए गए कि अन्य प्रदेशों से हो रही देशी और अंग्रेजी शराब की अवैध तस्करी पर रोक लगाई जाए। साथ ही, अवैध कच्ची शराब के निर्माण और वितरण को जड़ से समाप्त करने के लिए सक्रिय अभियान चलाया जाए।
2. औषधि निरीक्षक को जिम्मेदारी
औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य को निर्देश दिया गया कि ऐसी प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री, जो नशे के लिए इस्तेमाल होती हैं, पर कड़ी नजर रखी जाए। मेडिकल स्टोर्स पर नियमित निरीक्षण और बिना डॉक्टर की पर्ची के दवाओं की बिक्री को तत्काल रोका जाए।
3. शिक्षा विभाग के सहयोग से जागरूकता अभियान
समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया गया कि शिक्षा विभाग के साथ मिलकर स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों और इसके दीर्घकालिक नुकसान के बारे में जागरूक किया जाए। इसके तहत नुक्कड़ नाटक, वर्कशॉप, और प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्रों को जानकारी दी जाएगी।
4. नशा मुक्ति केंद्रों की जांच
स्वास्थ्य विभाग को जिले में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों की सूची तैयार करने और उनकी कार्यप्रणाली का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
5. माफियाओं पर शिकंजा
पुलिस प्रशासन को जिले में सक्रिय मादक पदार्थ माफियाओं की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क को तोड़ने के लिए विशेष टीमें गठित की जाएंगी।
नशा मुक्त भारत अभियान को तेज गति
बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जन-जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया। अभियान के तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों में विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, जिले के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए जाएंगे।
छात्रों और युवाओं पर विशेष ध्यान
नशे की गिरफ्त में आने वाले युवाओं और छात्रों को बचाने के लिए स्कूलों में साइकोलॉजिकल काउंसलिंग की व्यवस्था की जाएगी। अध्यापकों और माता-पिता को भी इस समस्या से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग
नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करने का फैसला किया। फेसबुक, इंस्टाग्राम, और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो, स्लोगन, और संदेश पोस्ट किए जाएंगे।
स्थानीय जनता से अपील
अधिकारियों ने जनता से भी अपील की कि अगर वे कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी पाते हैं, तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
जिले को नशामुक्त बनाने का संकल्प
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का यह कर्तव्य है कि जिले को नशामुक्त बनाकर युवाओं के भविष्य को उज्ज्वल बनाया जाए। इस दिशा में सभी विभागों का सहयोग आवश्यक है।

