Muzaffarnagar Cousin Sisters Love Story: चचेरी बहनों ने रचाई शादी, गांव में छिड़ी चर्चा
Muzaffarnagar Cousin Sisters Love Story: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में दो चचेरी बहनों के विवाह का मामला सामने आया है, जिसने न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव को चौंका दिया है। तितावी थाना क्षेत्र की रहने वाली इन दोनों युवतियों ने पारिवारिक और सामाजिक विरोध के बावजूद एक-दूसरे से विवाह करने का फैसला लिया। मामला सामने आने के बाद पुलिस, परिजन और स्थानीय लोग तीनों हैरान हैं।
साथ रहने से शुरू हुई नज़दीकियां
जानकारी के अनुसार, दोनों बहनें रिश्ते में ममेरी-फुफेरी हैं और करीब सवा साल से साथ रह रही थीं। बचपन से एक-दूसरे को जानने के कारण आपसी समझ और निकटता बढ़ती चली गई, जो समय के साथ प्रेम में बदल गई। परिजनों को जब इसका पता चला तो उन्होंने विरोध जताया, लेकिन युवतियां अपने फैसले पर अड़ी रहीं।
गाजियाबाद में नई शुरुआत
26 फरवरी को, दोनों बिना किसी को बताए घर से निकल गईं और गाजियाबाद में एक किराए के मकान में रहने लगीं। वहां उन्होंने एक प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी भी शुरू कर दी। घर से अचानक गायब होने के बाद, एक युवती के पिता ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें अपहरण की आशंका जताई गई थी।
थाने में खुलासा
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फोन के जरिए संपर्क साधा और अंततः गुरुवार की शाम दोनों को थाने बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, उनमें से एक युवती ने मांग में सिंदूर लगाया हुआ था, जबकि दूसरी सामान्य कपड़ों में थी। पूछताछ में युवतियों ने बताया कि वे विवाह कर चुकी हैं और साथ रहना चाहती हैं।
परिवार का विरोध, पुलिस की सलाह
दोनों के परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। पुलिस ने परिवार को स्पष्ट किया कि दोनों बालिग हैं और अपनी इच्छा से रह सकती हैं। साथ ही, उन्हें सुरक्षा प्रदान करने की हिदायत भी दी गई। बयान दर्ज करने के बाद, पुलिस ने दोनों को घर भेज दिया।
गांव में चर्चा और प्रतिक्रियाएं
यह Muzaffarnagar Cousin Sisters Love Story गांव और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला मान रहे हैं, जबकि कई इसे सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं के खिलाफ बता रहे हैं। बुजुर्गों के अनुसार, गांव में ऐसा मामला पहली बार सामने आया है।
कानूनी और सामाजिक पहलू
भारत में वर्तमान में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता नहीं है, हालांकि वयस्क व्यक्तियों को अपनी पसंद के साथी के साथ रहने की अनुमति है। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार अपने फैसलों में यह स्पष्ट किया है कि वयस्क अपनी मर्जी से जीवनसाथी चुन सकते हैं, चाहे उनका लिंग कोई भी हो।
आगे की राह
फिलहाल, दोनों युवतियां अपने फैसले के साथ खुश दिखाई देती हैं। हालांकि, कानूनी मान्यता न होने और सामाजिक दबाव के चलते भविष्य में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

