Muzaffarnagar: पूरा होगा बेघरों का पीएम आवास का सपना?-दो साल से धीमी गति से चल रहा कार्य, अभी तक 70 प्रतिशत काम हुआ
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)।। प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन कर लाभार्थी की श्रेणी में आए बेघरों का घर का सपना अधूरा है। भोपा रोड पर 224 आवास बनाए जा रहे हैं। शिलान्यास के साथ ही एक वर्ष में कार्य पूरा करने की घोषणा की गई थी। मगर, दो साल पूरा होने के बाद भी 70 प्रतिशत निर्माण हो पाया है।
भोपा रोड पर इस योजना में एमडीए 224 आवास बना रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना में आवेदन करने वाले भूमिहीन बेघरों को आवास उपलब्ध कराने के लिए 28 सितंबर 2021 को केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान और राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने भोपा रोड पर बाईपास के पास शिलान्यास किया था। पांच ब्लाक में 224 आवास बनाए जा रहे हैं। शिलान्यास के दौरान यह दावा किया गया था कि एक वर्ष में यहां आवास बनकर तैयार हो जाएंगे। मगर, दो साल बीतने के बाद अभी तक केवल 70 प्रतिशत कार्य ही हो पाया है। पानी के ओवरहैड टैंक का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। अफसरों का कहना है कि शासन ने जनवरी 2024 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया है।
नौ करोड़ की लागत से निर्माण
भोपा रोड पर बन रहे इन आवास की लागत नौ करोड़ रुपये है। एक आवास पर लगभग साढ़े चार लाख रुपये का खर्च आएगा। इस खर्च में ढाई लाख पीएम आवास योजना में मिलेंगे, जबकि दो लाख लाभार्थी को किश्तों में जमा करने हैं। एमडीए ने योजना के लाभार्थियों का एचडीएफसी बैंक में पंजीकरण कराया था। प्रत्येक लाभार्थी को पंजीकरण में पांच हजार रुपये जमा करने पड़े थे। लाभार्थी इंतजार कर रहे है कि कब निर्माण पूरा हो और उनका सपना साकार हो।
निर्माण कंपनी को जनवरी तक का समय दिया
एमडीए के सचिव आदित्य प्रजापति ने बताया कि निर्माण कंपनी को जनवरी 2024 तक कार्य पूरा करने के लिए कहा गया है। कंपनी को शुरू में एक साल का समय दिया गया, फिर इसमें छह माह बढ़ाए गए। जब डेढ़ साल में कार्य पूरा नहीं हुआ तो छह माह फिर बढ़ाए गए। दो साल में काम पूरा नहीं हो पाया तो अब जनवरी 2024 तक का समय दिया गया है।
आवास मिलने में लंबा समय लगेगा
पीएम आवास योजना का कार्य पूरा होने के बाद आवास परिसर में सड़कों का निर्माण होना है। पानी के लिए ओवरहेड टैंक लगना है। विद्युत आपूर्ति की जानी है। ओवरहेड टैंक में पूरा एक साल लगता है। अभी तक इसका टैंडर भी नहीं हुआ। ऐसे में जनवरी में आवासों का आवंटन संभव ही नहीं है।

