Muzaffarnagar Land Fraud Case: तितावी में फर्जी बेनामा कर लाखों की ठगी करने वाला लेखपाल समेत दो आरोपी गिरफ्तार
News-Desk
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Muzaffarnagar land fraud case, जमीन ठगी गैंग, जमीन धोखाधड़ी केस, तितावी पुलिस कार्रवाई, फर्जी बेनामा मामला, भूमाफिया गिरोह, मुजफ्फरनगर अपराध समाचार, लेखपाल गिरफ्तारीMuzaffarnagar जिले के तितावी थाना क्षेत्र में जमीन के फर्जी बेनामा के जरिए लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लेखपाल समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में गठित टीम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से की गई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बिक्री का झांसा दिया और पीड़ित से लाखों रुपये ऐंठ लिए।
शामली निवासी पीड़ित ने दी थी लिखित तहरीर
इस मामले में शामली जनपद के ग्राम महावतपुर निवासी नन्द किशोर पुण्डीर ने तितावी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि ग्राम लखान निवासी तरुण कुमार से उनकी पूर्व से जान-पहचान थी, जिसने अपनी मजबूरी बताते हुए जमीन बेचने की इच्छा जताई।
पीड़ित को जमीन की आवश्यकता होने के कारण उन्होंने प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और संबंधित भूमि का निरीक्षण भी किया।
लेखपाल ने कागजात सही बताकर दिलाया भरोसा
पीड़ित के अनुसार जमीन से संबंधित दस्तावेजों की पुष्टि के लिए मौके पर मौजूद लेखपाल तेजस्वी से जानकारी ली गई थी। लेखपाल ने सभी कागजात सही बताते हुए दाखिल-खारिज और कब्जा दिलाने की जिम्मेदारी लेने का आश्वासन दिया।
इस भरोसे के आधार पर जमीन खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और निर्धारित दर पर सौदा तय कर दिया गया।
चेक और नकद भुगतान के जरिए की गई लाखों रुपये की अदायगी
बताया गया कि जुलाई 2022 में प्रति बीघा 4 लाख 70 हजार रुपये की दर से जमीन का सौदा तय हुआ। इसके तहत पीड़ित ने सर्किल रेट के अनुसार 8 लाख रुपये चेक और आईएमपीएस के माध्यम से दिए, जबकि शेष 10 लाख 50 हजार रुपये नकद भुगतान किए गए।
इसके बाद अगस्त 2022 में दूसरे बेनामा के दौरान भी अतिरिक्त राशि चेक और नकद के रूप में दी गई।
दाखिल-खारिज और कब्जे को लेकर टालमटोल शुरू हुई
लेनदेन के बाद जब पीड़ित ने जमीन की नपाई और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कराने की बात कही तो आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। कुछ समय बाद लेखपाल की ओर से जमीन के हिस्सों से संबंधित प्रमाणपत्र भी जारी किए गए, लेकिन कब्जा दिलाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई।
लगातार देरी होने पर पीड़ित को पूरे मामले में संदेह होने लगा।
जांच में सामने आया भूमाफिया गिरोह का शक
पीड़ित ने जब स्वतंत्र रूप से जानकारी जुटाई तो पता चला कि आरोपी कथित रूप से संगठित तरीके से लोगों को जमीन के नाम पर ठगने का काम करते हैं। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर भोले-भाले लोगों को निशाना बनाया जाता था।
पुलिस के अनुसार इस मामले में अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
धमकी देने का भी लगाया आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया कि जब पीड़ित ने जमीन या रकम वापस करने की मांग की तो आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। बाद में कथित तौर पर आरोपी अपने साथियों के साथ पीड़ित के नई मंडी स्थित मकान पर पहुंचे और कार्रवाई करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
इन घटनाओं के बाद पीड़ित ने पुलिस से सुरक्षा और न्याय की मांग की।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर शुरू की आगे की कार्रवाई
मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी तरुण कुमार निवासी ग्राम लखान और लेखपाल तेजस्वी निवासी रोनीहरजीपुर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई कार्रवाई
पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण महादिक अक्षय संजय, क्षेत्राधिकारी फुगाना यतेन्द्र सिंह नागर तथा थाना प्रभारी पवन कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक अजयपाल यादव, उपनिरीक्षक अनुभव चौधरी, कांस्टेबल नवीन और मोहन शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जमीन से जुड़ी धोखाधड़ी के मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

