Muzaffarnagar मीरापुर एटीएम ठगी गिरोह का पर्दाफाश: कार्ड बदलकर लाखों की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़, चार शातिर गिरफ्तार
Mirapur ATM fraud gang का खुलासा होने से क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय साइबर-सह-परंपरागत ठगी नेटवर्क पर Muzaffarnagar पुलिस की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। एटीएम बूथों को निशाना बनाकर आम नागरिकों की मेहनत की कमाई उड़ाने वाले इस अंतर्राज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई ने न केवल मीरापुर बल्कि आसपास के जिलों में फैले ऐसे संगठित अपराधों की परतें खोल दी हैं।
🔴 मीरापुर में एटीएम ठगी गिरोह का भंडाफोड़
क्षेत्रीय पुलिस ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह को धर दबोचा। यह गिरोह एटीएम बूथों पर तकनीकी सहायता देने के बहाने लोगों को भ्रमित करता था और पलक झपकते ही उनके एटीएम कार्ड बदल देता था। बाद में वही कार्ड इस्तेमाल कर खातों से पैसे निकाल लिए जाते थे।
पुलिस के अनुसार, Mirapur ATM fraud gang की गतिविधियां केवल एक जिले तक सीमित नहीं थीं, बल्कि यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ-साथ पड़ोसी क्षेत्रों तक फैला हुआ था।
🔴 ठगी की शुरुआत: युवती के साथ हुई वारदात से खुला राज
इस पूरे मामले की जांच 17 दिसंबर 2025 को तब शुरू हुई, जब मीरापुर निवासी सृष्टि नामक युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि एटीएम से पैसे निकालते समय एक युवक ने मदद के बहाने उसका कार्ड बदल लिया और कुछ ही देर में उसके खाते से 13,500 रुपये निकाल लिए गए।
पीड़िता की शिकायत पर तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। यही शिकायत Mirapur ATM fraud gang के पर्दाफाश की आधारशिला बनी।
🔴 जांच में सामने आया शातिर तरीका
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य एटीएम बूथों में पहले से मौजूद रहते थे। वे उन लोगों को निशाना बनाते थे जो मशीन चलाने में असहज दिखते थे। कार्ड फंसने, पिन गलत डालने या बैलेंस न दिखने जैसे बहानों से वे पीड़ित का ध्यान भटकाते और चालाकी से कार्ड बदल लेते थे।
इसके बाद वही कार्ड लेकर वे अलग-अलग एटीएम से रकम निकाल लेते थे, जिससे पीड़ित को तब तक भनक भी नहीं लगती थी जब तक खाते से पैसा गायब न हो जाए।
🔴 चेकिंग के दौरान आई-20 कार से गिरफ्तारी
थाना प्रभारी राजीव शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रणनीति बनाकर चेकिंग अभियान चलाया। टूटी पुलिया के पास चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध आई-20 कार को रोका गया। कार में सवार चार युवकों को हिरासत में लेकर तलाशी ली गई, जिससे पूरा मामला सामने आ गया।
🔴 बरामदगी: एटीएम कार्ड से लेकर हथियार तक
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के आठ एटीएम कार्ड, एक तमंचा, कारतूस, एक चाकू और 10,200 रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई आई-20 कार को भी जब्त किया गया।
पुलिस के अनुसार, बरामद एटीएम कार्ड अलग-अलग पीड़ितों के हैं, जिनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।
🔴 कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार अभियुक्तों में
नीटू, निवासी मुजफ्फरनगर, जिस पर लूट, चोरी और धोखाधड़ी के 23 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
विकास, जिसका छह मामलों का आपराधिक इतिहास सामने आया है।
अरुण कुमार, निवासी सहारनपुर।
बिजेंद्र, जो गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।
इन सभी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है।
🔴 अंतर्राज्यीय नेटवर्क की आशंका
पुलिस को आशंका है कि Mirapur ATM fraud gang के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि गिरोह अलग-अलग शहरों में जाकर समान तरीके से वारदात को अंजाम देता था।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हाल के महीनों में कितनी ठगी की घटनाएं इसी गिरोह ने की हैं और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
🔴 पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी राजीव शर्मा के साथ उपनिरीक्षक मोहित कुमार, योगेश तेवतिया और अन्य कांस्टेबलों की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम की सतर्कता और पेशेवर जांच की सराहना की है।
🔴 आम जनता के लिए चेतावनी और संदेश
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि एटीएम बूथों पर किसी अजनबी से मदद न लें और किसी को भी अपना कार्ड या पिन साझा न करें। यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
Mirapur ATM fraud gang के खुलासे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि थोड़ी सी सतर्कता से बड़ी ठगी को रोका जा सकता है।

