Muzaffarnagar News: ट्रेंच विधि से गन्ना बुआई के लिए प्रेरित किया
मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar News) खतौली में शुगर मिल किसानों को ट्रेंच विधि से गन्ना बुआई के लिए प्रेरित कर रहा है। इसके लिए स्वयं मिल अधिकारियों ने खेतों में पहुंचकर गन्ना बुआई कराया है। किसानों को समझाया कि ट्रेंच विधि से सहफसली खेती करना आसान होता है। कम लागत में फसल उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। साथ ही सिचाई के लिए पानी खपत भी कम होगी।
शुगर मिल के गन्ना उपमहाप्रबंधक एके सिंह ने अपनी टीम के साथ मिलकर खतौली क्षेत्र में चेयरपर्सन पुत्र काजी अदील, नबील अहमद के साथ ट्रेंच विधि से गन्ना बुआई कराई।
अधिकारियों ने स्वयं खेत में क्यारियां बनाकर गन्ना लगाया। उन्होंने कहा कि ट्रेंच विधि से किसान को गन्ने की बुआई करने पर सामान्य विधि के मुकाबले लगभग ४० प्रतिशत अधिक उपज प्राप्त होती है। इस तकनीक में खेत तैयार करने के बाद ट्रेंच ओपनर से एक फीट चौड़ी और लगभग २५-३० से. मी. गहरी क्यारी बनाते हैं। इसके साथ किसान दूसरी फसल को क्यारियां में लगा सकता है।
इसके अलावा मृदा शक्ति भी बढ़ती है। एक ही फसल पर निर्भरता और रसायनिक उर्वरकों के प्रयोग से खेत में मिट्टी की पकड़ कमजोर पड़ती है।
उपचार की सलाह दी
गन्ने के बीज की बुआई करने से पहले उसे उपचारित करना बहुत जरूरी है। बीज को उपचारित करने के लिए बाविस्टीन के ०.१ प्रतिशत घोल (११२ ग्राम दवा को ११२ लीटर पानी में मिलाकर) में पांच मिनट डुबोना चाहिए। उसके बाद बुआई करनी चाहिए। ट्रेंच विधि का लाभ
– इस विधि से फसल का जमाव ८०-९० प्रतिशत तक होता है।
– प्रति सिचाई ४० प्रतिशत पानी की बचत।
– उर्वरकों की बर्बादी नहीं होती।
– गन्ना अपेक्षाकृत कम गिरता है।
– भूमिगत कीट आदि का खतरा कम होता है।

