Muzaffarnagar News: केंद्रीय मंत्री से की मुलाकात, युक्रेन से निकाल कर लाए बच्चों का भविष्य अब खतरे में
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) युक्रेन से मिशन गंगा के तहत जीवन सुरक्षा हेतु युक्रेन से लाये गये होनहार बच्चों के भविष्य के संदर्भ में अभिभावकों ने एक ज्ञापन केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान को प्रधानमंत्री के नाम सौंपा साथ ही छात्रों के सकुशल भारत लौटने पर आभार भी जताया।
युक्रेन में चल रही भयंकर लडाई के मध्य भारत सरकार के सराहनीय कदम मिशन गंगा के चलते भारत के होनहार बच्चों को युक्रेन की विषम परिस्थितियों से निकाल कर लाए जाने के बाद अब इन बच्चों के समक्ष अपने भविष्य को लेकर एक बड़ा प्रश्न खड़ा हो गया है। जिसके संदर्भ में उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया कि युक्रेन में शिक्षण (एमबीबीएस) के सभी स्तरों पर पढ़ रहे बच्चों का भविष्य अब खतरे में नजर आने लगा है क्योंकि युक्रेन में अभी तक युद्ध बन्द होने के आसार नहीं दिख रहे है।
अगर युद्ध बन्द हो भी जाता है तो भी युक्रेन की व्यवस्था पटरी पर आने में सालों का समय लगेगा। ऐसी परिस्थिति में बच्चों को वापस युक्रेन के शिक्षण संस्थानों में भेजना संभव नहीं है। फलस्वरूप सभी छात्र-छात्राओं की शिक्षा प्रभावित हो गई है। यह भी कह पाना कठिन है कि युद्ध के बाद की स्थिति किस प्रकार की होगी?
मेडिकल यूनिवसिर्टी/शिक्षण संस्थाएं अपने कार्यों को सुचारू चला पाने में सक्षम होंगी अथवा नहीं। इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। ऐसी अवस्था में शिक्षण के १, २, ३, ४ वर्ष पूरे कर चुके विद्यार्थियों के समक्ष अपने भविष्य की चिंता होना स्वभाविक है। इस पत्र के माध्यम से हम आपसे अनुरोध करते है कि यथासंभव छात्र-छात्राओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एवं हमारे मध्यम वर्गीय माता पिता की गाढी कमाई जो शिक्षण की फीस के रूप में युक्रेन की युनिवसिर्टीयों में जमा है, अब वापस प्राप्त कर पाना संभव नही है।
युक्रेन से deport किये गये मेडिकल (एमबीबीएस) के छात्र-छात्राओं को अग्रेत्तर शिक्षा पूर्ण/प्राप्त करने हेतु भारत के ही मेडिकल कॉलेजों में उचित वातावरण में शिक्षा ग्रहण करने की सुविधा उचित शुल्क पर प्रदान कराने की व्यवस्था की जाये। इस दौरान अनेक अभिभावकगण मौजूद रहे।

